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Rajiv Gandhi Assassination Case: राजीव गांधी हत्याकांड मामला, सुप्रीम कोर्ट ने नलिनी की याचिका पर केंद्र और तमिलनाडु सरकार से मांगा जवाब

 Edited By: Shashi Rai @km_shashi
 Published : Sep 26, 2022 02:39 pm IST,  Updated : Sep 26, 2022 02:39 pm IST

Rajiv Gandhi Assassination Case: सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन की समय से पहले रिहाई की मांग से जुड़ी याचिका पर सोमवार को केंद्र और तमिलनाडु सरकार से जवाब मांगा।

Supreme Court- India TV Hindi
Supreme Court Image Source : ANI

Highlights

  • राजीव गांधी हत्याकांड मामला
  • नलिनी श्रीहरन की समय से पहले रिहाई की मांग से जुड़ी याचिका
  • सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र और तमिलनाडु सरकार से मांगा जवाब

Rajiv Gandhi Assassination Case: सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन की समय से पहले रिहाई की मांग से जुड़ी याचिका पर सोमवार को केंद्र और तमिलनाडु सरकार से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने केंद्र और तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी करते हुए याचिका पर उनका जवाब मांगा। शीर्ष अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए आर पी रविचंद्रन की याचिका पर भी नोटिस जारी किए। नलिनी ने मद्रास उच्च न्यायालय के 17 जून के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें समय पूर्व रिहाई के उनके अनुरोध को खारिज कर दिया गया था और दोषी ठहराए गए ए. जी. पेरारीवलन की रिहाई को लेकर उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लेख किया था। उच्च न्यायालय ने 17 जून को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड में दोषी श्रीहरन और रविचंद्रन की याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसमें राज्य के राज्यपाल की सहमति के बिना उनकी रिहाई का आदेश दिया गया था।

पेरारिवलन जेल में 30 साल से ज्यादा की सजा काट चुके थे

उच्च न्यायालय ने उनकी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि उच्च न्यायालयों के पास संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत ऐसा करने की शक्ति नहीं है। उच्चतम न्यायालय के पास अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्ति है। संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्ति का इस्तेमाल करते हुए शीर्ष अदालत ने 18 मई को पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया था। पेरारिवलन जेल में 30 साल से ज्यादा की सजा काट चुके थे। 

नलिनी को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी

तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक चुनावी रैली के दौरान 21 मई, 1991 की रात को एक महिला आत्मघाती हमलावर द्वारा राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। आत्मघाती हमलावर की पहचान धनु के रूप में हुई थी। इस पूरी साजिश में नलिनी को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी जिसे 2001 में यह देखते हुए उम्र कैद में बदल दिया गया था कि उसकी एक बेटी भी है। 

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