Uttarakhand Bus Accident: ये है हादसों वाला हाइवे, अब तक निगल चुका है कई जिंदगियां

यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर दर्जनों से भी ज्यादा लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं। लेकिन इस 111 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण करना अभी भी बाकी है। रविवार की दुर्घटना को मिलाकर अब तक तीन हादसे हो चुके हैं, जिनमें अब तक 70 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है।

Chandra Prakash Written by: Chandra Prakash
Updated on: June 07, 2022 16:10 IST

Highlights

  • उत्तराखंड का हरबर्टपुर से नौगांव तक का मार्ग कुख्यात
  • हाइवे पर अब तक हो चुके हैं तीन बड़े हादसे
  • रविवार को गहरी खाई में गिरी बस में 26 की मौत

Uttarakhand Bus Accident: यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर उत्तरकाशी जिले में डामटा से करीब पांच किमी दूर हरबर्टपुर से नौगांव तक जाने वाला मार्ग अब हादसों का हाइवे बन चुका है। अब तक इस रोड पर दर्जनों से भी ज्यादा लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं। हर साल यहां कोई ना कोई हादसा हो ही जाता है। इसीलिए अब यह रोड हादसों का मार्ग कहा जाने लगा है। 3 मई से चारधाम यात्रा शुरु हुई है। इस दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर रविवार की दुर्घटना को मिलाकर अब तक तीन हादसे हो चुके हैं। जिनमें अब तक 70 तीर्थयात्री अपनी जान गंवा चुके हैं।

500 मीटर गहरी खाई में गिरी बस 

रविवार शाम पौने सात बजे मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के तीर्थयात्रियों से भरी बस यमुनोत्री जा रही थी मगर उसमें सवार यात्रियों को ऐसे हादसे की भनक तक नहीं लगी और देखते ही देखते यह हाइवे श्रद्धालुओं की जिंदगियों को लील गया। अचानक से बस करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई और बस में सवार 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 घायल हैं जिनका इलाज देहरादून के मैक्स हॉस्पिटल में हो रहा है। बस खाई में कैसे गिरी, ये जानने के बाद रोंगटे खड़े हो जाएंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि बस कई पलटी खाकर गहरी खाई में गिरी। बस में से यात्री कई अलग-अलग जगह पर गिरे जिससे शवों को निकालने और बचाव कार्य में मुश्किलें आईं।

प्रधानमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान 

इस भयानक हादसे में हुई मौतों पर पीएम मोदी ने दुख जताया है और मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार सहायता राशि देने की बात की है। इसके अलावा सीएम शिवराज सिंह चौहान घटना के तुरंत बाद सीएम धामी से बात की और फौरन उत्तराखंड के लिए रवाना हो गये थे। मुख्यमंत्री शिवराज ने घायलों से मुलाकात की और मृतकों के परिवार को 5 लाख रुपए और घायलों के परिजनों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है।

क्यों कहा जा रहा हादसों का हाईवे?

यह वही मार्ग है जहां से चार धाम यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु यमुनोत्री के दर्शनों के लिए आते-जाते हैं। वर्ष 2013 की आपदा ने उत्तरकाशी में सड़कों की स्थिति को काफी क्षतिग्रस्त, उबड़-खाबड़ और जर्जर बना दिया था। इस मार्ग का चौड़ीकरण करना अभी भी बाकी है। यह रोड 111 किलोमीटर लंबा है। ये हाइवे पोंटा साबिब के पास हरपर्टपुर से शुरू होता है और यमुनोत्री धाम को जाने वाले बड़कोट को जोड़ता है। इस रोड को अभी तक चौड़ा नहीं किया गया है ना ही सड़क पर क्रॉस बैरियर बने हैं, जिसकी वजह से आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं और यहां के स्थानीय लोग भी काफी गुस्सा हैं। 

सरकार को चार धाम की यात्रा सुखद बनाने के लिए हरबर्टपुर-बड़कोट हाइवे पर रोड के दोनों तरफ सुरक्षा के इंतजाम किए जाने चाहिए। साथ ही दुर्घटना को रोकने के लिए रोड के दोनों तरफ सेफ्टी मेजर होने चाहिए ताकि चार धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सच में मंगलमय हो सके।

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