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रामकृपाल यादव का मीसा को जवाब- 'वो मेरी भतीजी, कटा हाथ भी आर्शीवाद के लिए उठेगा'

केंद्रीय मंत्री और बिहार के पाटलिपुत्र से बीजेपी के सांसद रामकृपाल यादव ने 'हाथ काट देने' वाले मीसा भारती के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंगलवार को कहा कि लोकतंत्र में ऐसा बयान कहीं से शोभा नहीं देता, फिर भी भतीजी के लिए उनका हाथ आशीर्वाद के लिए ही उठेगा।

Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published : Jan 22, 2019 08:28 pm IST, Updated : Jan 22, 2019 08:28 pm IST
ram kripal yadav and misa bharti- India TV Hindi
ram kripal yadav and misa bharti

पटना: केंद्रीय मंत्री और बिहार के पाटलिपुत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रामकृपाल यादव ने 'हाथ काट देने' वाले मीसा भारती के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंगलवार को कहा कि लोकतंत्र में ऐसा बयान कहीं से शोभा नहीं देता, फिर भी भतीजी के लिए उनका हाथ आशीर्वाद के लिए ही उठेगा। मीसा भारती राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की राज्यसभा सांसद हैं।

पाटलिपुत्र क्षेत्र के सांसद यादव ने यहां संवाददाताओं से कहा, "मीसा भारती मेरी भतीजी है और वह मेरी बेटी के समान है। अगर, मेरे हाथ काट देने से उसकी संतुष्टि होती है, तो मैं उसके लिए तैयार हूं। मेरा कटा हुआ हाथ भी उसे आशीर्वाद देने के लिए ही उठेगा।"

उन्होंने कहा, "हमारी शुभकामना हमेशा उसके साथ है। भाजपा सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा बयान जनता का सेवक नहीं दे सकता, बल्कि कोई शासक ही दे सकता है।"

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती ने 16 जनवरी को पटना के विक्रम प्रखंड में पाटलिपुत्र के सांसद रामपाल यादव का हाथ काटने की बात कही थी। मीसा के इस बयान का वीडियो काफी वायरल हुआ था, जिसमें मीसा कहती नजर आ रही हैं, "रामपाल यादव कुट्टी (चारा) काटते थे। उनके लिए हमारे मन में बहुत सम्मान था। उनको हाथ पकड़कर राजनीति करना सिखाया गया, लेकिन उनके लिए हमारा यह सम्मान तब खत्म हो गया जब वह सुशील कुमार मोदी की किताब को हाथ में लेकर खड़े थे। उस समय मेरा मन किया कि उसी चारा काटने वाली मशीन से उनके हाथ काट दूं।"

उल्लेखनीय है कि रामकृपाल यादव पहले राजद में थे और उन्हें लालू प्रसाद का 'हनुमान' कहा जाता था। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वे राजद छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

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