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कर्नाटक में CM को लेकर कोई भ्रम नहीं, सिद्धारमैया हटे तो इस बड़े नेता को मिलेगी कमान, कांग्रेस में मंथन जारी

 Reported By: Vijai Laxmi, Edited By: Niraj Kumar
 Published : Nov 25, 2025 05:49 pm IST,  Updated : Nov 25, 2025 05:50 pm IST

कर्नाटक कांग्रेस के अंदर इन दिनों सीएम पद को लेकर मंथन चल रहा है। कांग्रेस पार्टी राज्य में बदलाव पर विचार कर रही है। सिद्धारमैया को हटाने के पक्ष और विपक्ष दोनों पर ही विचार किया जा रहा है।

Siddaramaiah, DK Shivakumar - India TV Hindi
सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार Image Source : PTI

नई दिल्ली: कर्नाटक में कांग्रेस के अंदर सत्ता हस्तांतरण के मुद्दे पर जोर-शोर से मंथन चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के अंदर सीएम पद को लेकर कोई भ्रम नहीं है। अगर सिद्धारमैया सीएम के पद से हटते हैं तो डी के शिवकुमार ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। किसी तीसरे व्यक्ति के मुख्यमंत्री बनने के संभावना नहीं है।

बदलाव पर कांग्रेस में मंथन जारी

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस पार्टी राज्य में बदलाव पर विचार कर रही है। सिद्धारमैया को हटाने के पक्ष और विपक्ष दोनों पर ही विचार किया जा रहा है। पार्टी को लगता है कि डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने से पार्टी को वोक्कालिगा (Vokkaligga)समाज का समर्थन मिलेगा। इसका रिजल्ट 2029 के विधान सभा में देखने को मिलेगा।

वोक्कालिगा वोटों पर कांग्रेस की नजर

बता दें कि डी के शिवकुमार वोक्कालिगा समाज से आते हैं, और पिछले विधानसभा चुनाव में लिंगायत समाज से 39 और वोक्कालिगा समाज के 25 विधायक कांग्रेस पार्टी के टिकट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। ऐसे में 2029 के विधानसभा चुनाव में अगर वोक्कालिगा समाज का समर्थन कांग्रेस को नहीं मिला तो पार्टी के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

वोक्कालिगा समुदाय का समर्थन

सिद्धारमैया की जाति कोरबा समुदाय से पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 10 विधायक चुने गए थे, ऐसे में पार्टी अगर डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाती है तो वोक्कालिगा समुदाय का समर्थन उसे मिलेगा।

डीके शिवकुमार चुनाव मैनेजमेंट में माहिर

दूसरा डीके शिवकुमार की संगठन पर मजबूत पकड़ है और वे एक अच्छे मैनेजर भी हैं। खास तौर से चुनाव जीतने के लिए जिस तरह के मैनेजमेंट की आवश्यकता होती है डीके उसे बखूबी जानते हैं। डीके की यह खूबी उन्हें मुख्यमंत्री के कुर्सी के और करीब ले जा सकती है।

मास अपील सिद्धारमैया की ताकत

सिद्धारमैया के पक्ष में सबसे बड़ी चीज उनकी मास अपील है, लेकिन सिद्धारमैया का गिरता स्वास्थ्य और उनके करीबी मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप उन्हें सीएम की कुर्सी से दूर कर सकते हैं।

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