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Mallikarjun Kharge: सिर पर हैं गुजरात और हिमाचल चुनाव, कांग्रेस के सबसे मुश्किल दौर में खड़गे को मिली कमान

 Published : Oct 19, 2022 09:54 pm IST,  Updated : Oct 19, 2022 09:54 pm IST

Mallikarjun Kharge: कांग्रेस के नए अध्यक्ष के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे चुन लिए गए हैं। लेकिन खड़गे को ऐसे वक्त पर कांग्रेस की बागडोर मिली है जब पार्टी अपने पूरे इतिहास में सबसे नाजुक हालातों से गुजर रही है।

Congress’ interim president Sonia Gandhi greeting their newly elected president Mallikarjun Kharge- India TV Hindi
Congress’ interim president Sonia Gandhi greeting their newly elected president Mallikarjun Kharge Image Source : AP

Highlights

  • मल्लिकार्जुन खड़गे चुने गए कांग्रेस अध्यक्ष
  • कांटों से भरी ही मल्लिकार्जुन खड़गे की राह
  • 137 साल पुरानी कांग्रेस वैंटीलेटर पर पड़ी है

Mallikarjun Kharge: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे आज पार्टी के अध्यक्ष बन गए। लेकिन खड़गे की आगे की डगर में कांटे ही कांटे हैं। उन्हें ऐसे समय पर पार्टी की कमान मिली है जब 137 साल पुरानी कांग्रेस वैंटीलेटर पर पड़ी है। लगभग 24 साल बाद गांधी परिवार से इतर कोई नेता देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष बना है। खड़गे सोनिया गांधी की जगह लेने जा रहे हैं जिन्होंने करीब 20 साल तक कांग्रेस को लीड किया। बता दें कि अध्यक्ष पद के चुनाव में खड़गे ने अपने प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर को 6,825 वोटों से हराया है। खड़गे को 7,897 वोट मिले और थरूर को 1,072 वोट हासिल हुए।

सिर पर हैं गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनाव 

दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले खड़गे मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले हैं। वह पिछले पांच दशकों से सक्रिय राजनीति में हैं और उन्हें गांधी परिवार का विश्वासपात्र माना जाता है। अपनी शुरुआती जिंदगी में बहुत ही गरीबी और संघर्ष का सामना करने वाले खड़गे को कांग्रेस अध्यक्ष पद के रूप में सबसे चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। उनके सामने पहली बड़ी चुनौती गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव हैं। हिमाचल प्रदेश में अगले महीने चुनाव है तो गुजरात में भी नवंबर के आखिर या फिर दिसंबर की शुरुआत में चुनाव होने की संभावना है। 

24 साल बाद 'गैर-गांधी' बना कांग्रेस अध्यक्ष
करीब 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर का कोई नेता देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष बना है। खड़गे से पहले सीताराम केसरी 1997 में कांग्रेस अध्यक्ष बने थे और लगभग एक साल तक पद पर रहे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं समेत करीब 9385 डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) ने पार्टी के नए अध्यक्ष के लिए सोमवार को हुए चुनाव में मतदान किया था। पार्टी मुख्यालय में मतगणना बुधवार को सुबह निर्धारित समय 10 बजे के कुछ देर बाद 10.20 बजे आरंभ हुई थी। इस मौके पर अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर के प्रस्तावक सांसद कार्ति चिदंबरम और कुछ अन्य चुनावी एजेंट मौजूद थे। खड़गे की तरफ से सांसद सैयद नासिर हुसैन और कुछ अन्य नेता मौजूद थे। 

"एक सच्चे सैनिक के तौर पर करेंगे काम"
जीत के बाद खड़गे ने कहा कि पार्टी में कोई भी बड़ा या छोटा नहीं है और वह संगठन को मजबूत बनाने के लिए कांग्रेस के एक सच्चे सैनिक के तौर पर काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए कांग्रेस का हर कार्यकर्ता समान है और लोकतंत्र और संविधान को खतरे में डालने वाली फासीवादी ताकतों से लड़ने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। इस चुनाव के परिणाम से पहले ही खड़गे की जीत की प्रबल संभावना जताई जा रही थी, हालांकि थरूर को 1000 से अधिक वोट मिलने को उनके समर्थक ‘सम्मानजक प्रदर्शन’ मान रहे हैं। 

26 अक्टूबर को अध्यक्ष पद संभालेंगे खड़गे
कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने खड़गे को निर्वाचित घोषित किया। मिस्त्री ने बताया कि चुनाव में 9,385 वोट पड़े थे और इनमें से 416 वोट अवैध करार दिए गए। उन्होंने खड़गे को जीत का प्रमाणपत्र सौंपा। दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 80 साल के खड़गे 26 अक्टूबर को अध्यक्ष पद का पदभार संभालेंगे। 

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