मंगलुरु: कर्नाटक में CM पद की कुर्सी को लेकर खींचतान की बात एक बार फिर सामने आ गई है। हाल ही में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने साथ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भरोसा दिलाया था कि आलाकमान जो आदेश देगा, उसका पालन किया जाएगा। दोनों नेताओं में आपस में कोई मनमुटाव नहीं है। लेकिन बुधवार को जब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल मंगलुरु पहुंचे तो उनके सामने ही एयरपोर्ट पर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। पहले डीके शिवकुमार के समर्थन में नारे लगे और फिर इसका पलटवार करते हुए सिद्धारमैया के सपोटर्स ने नारेबाजी की। सिद्धारमैया के सपोटर्स ने ‘‘सीएम सिद्धारमैया के लिए पूर्ण कार्यकाल’’ के नारे लगाए।
मंगलुरु क्यों गए हैं केसी वेणुगोपाल?
गौरतलब है कि ये घटना मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम शिवकुमार के बीच ब्रेकफास्ट पर दूसरी बार हुई मीटिंग के ठीक एक दिन हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने भाइयों की तरह रहने और काम करने का बड़ा दावा किया था। बता दें कि केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक के मंगलुरु में नारायण गुरु-महात्मा गांधी संवाद के शताब्दी समारोह में हिस्सा लेने के लिए गए हैं। ये कार्यक्रम मंगलुरु यूनिवर्सिटी की तरफ से आयोजित किया गया। इसमें सीएम सिद्धारमैया, कई कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने शिरकत की। केसी वेणुगोपाल के एयरपोर्ट टर्मिनल से बाहर आते ही पार्टी के कार्यकर्ताओं के एक गुट ने शिवकुमार के सपोर्ट में नारे लगाए।
'सिद्धू, सिद्धू, पूर्ण अवधि सिद्धू' के लगे नारे
इसके बाद में जब सीएम सिद्धारमैया एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उनके सपोर्टर्स ने 'सिद्धू, सिद्धू, पूर्ण अवधि सिद्धू' के नारे लगाए। इसका हिंदी में मतलब- सिद्धारमैया का पूरा कार्यकाल है। हालांकि, बाद में डीके शिवकुमार समर्थक गुट के नेता मिथुन राय ने साफ किया कि पार्टी में कोई "प्रतिद्वंद्वी गुट" नहीं है, लेकिन उन्होंने माना कि कई पार्टी वर्कर डीके शिवकुमार को सीएम बनते देखना चाहते हैं। उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं का डीके शिवकुमार के प्रति "स्वाभाविक स्नेह" बताया।
सिद्धारमैया-शिवकुमार ने किए थे एकजुटता के दावे
हालांकि, इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेस में सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों ने कर्नाटक की सरकार को एकजुट बताया था, लेकिन दोनों के समर्थकों की नारेबाजी ये दिखाती है कि सत्ता को लेकर खींचतान अभी भी बनी हुई है।
(इनपुट- भाषा)
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