ठंड में अक्सर लोग पाला मारने (Chilblain) की शिकायत करते हैं। लेकिन, कभी आपने सोचा है कि ये समस्या क्यों होती है। दरअसल, ठंड का मौसम में ब्लड सेल्स में एक कसाव आने लगता है और ब्लड सर्कुलेशन तेजी से कम होने लगता है। ऐसी स्थिति में जब पैर और हाथों की उंगलियां सीधे ठंड के संपर्क में आती हैं तो स्किन पार्स में खुजली होने लगती है। इसके बाद जब आप पैर गर्म करते हैं या जूते पहनते हैं तो वेन्स फैल जाती हैं, जिससे आसपास के टिशू में सूजन आती है और यही ठंड-गर्म का मिश्रण पाला मार देने का कारण बनता है। ऐसी स्थिति में कुछ घरेलू उपाय आपके लिए कारगर तरीके से काम (home remedy for chilblains on toes) कर सकते हैं। कैसे, जानते हैं।

पाला मार देने पर शलजम का पानी आपके लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, शलजम का पानी एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि सूजन कम करता है। साथ ही ये बॉडी टेंपरेचर को तुरंत बैलेंस करता है। इसके अलावा पैरों में बंद नसों को खोलता है और ब्लड सर्कुलेशन को सही करता है। इससे नीली नसों को आराम मिलता है, दर्द में कमी आती है और आपका ब्लड सर्कुलेशन हेल्दी रहता है। तो, गर्म पानी में शलजम को दो भागों में काट कर रख दें। इस पानी से पैरों की सिकाई करें।

सेंधा नमक का पानी (home remedy for chilblains on toes), चिलब्लेंस की समस्या से निजात दिलाने में मदद कर सकता है। दरअसल, नमक में सोडियम होता है जिसकी दो प्रकार की क्षमता होती है। एक तो सूजन को कम करने की और दूसरा दर्द को खींच लेनी की। इसके अलावा सेंधा नमक एंटीबैक्टीरियल है जो कि चिलब्लेंस की समस्या को कम कर सकता है।
एप्पल साइडर विनेगर वाटर चिलब्लेंस की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। ये एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर है जो कि इंफेक्शन को कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही ये खुजली और दर्द में भी कारगर तरीके से काम करता है। तो, गर्म पानी में एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं और इस पानी से पैरों की सिकाई करें।
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