Tuesday, March 17, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. इंदौर में शास्त्री ब्रिज का हिस्सा धंसा, नगर निगम ने चूहों को ठहराया जिम्मेदार

इंदौर में शास्त्री ब्रिज का हिस्सा धंसा, नगर निगम ने चूहों को ठहराया जिम्मेदार

Edited By: Khushbu Rawal @khushburawal2 Published : Nov 04, 2025 10:44 pm IST, Updated : Nov 04, 2025 10:45 pm IST

एक विशेषज्ञ ने बताया कि शास्त्री ब्रिज का एक हिस्सा धंसने की घटना सचेत करने वाली है। पुल पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है और यह घटना पुल के रख-रखाव में कमी के कारण हुई। चूहों के कारण पुल में इतना बड़ा गड्ढा नहीं हो सकता और यह घटना संरचनात्मक संकट का परिणाम है।

इंदौर में शास्त्री...- India TV Hindi
Image Source : X इंदौर में शास्त्री ब्रिज की सड़क धंसी

मध्य प्रदेश इंदौर में करीब 75 साल पुराने ओवरब्रिज का एक हिस्सा धंसने के पीछे नगर निगम की महापौर परिषद के एक सदस्य ने चूहों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि सिविल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञों ने इस चौंकाने वाले दावे को खारिज करते हुए कहा है कि यह घटना यातायात के बढ़ते दबाव के बीच पुल के रख-रखाव में कमी के कारण हुई।

'चूहों ने बिल बना कर खोखला किया पुल'

शहर के बेहद व्यस्त मार्ग पर स्थित शास्त्री ब्रिज का हिस्सा रविवार को धंस गया था और इसमें पांच गुणा 7 फुट का गड्ढा हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के बाद नगर निगम ने गड्ढे की मरम्मत के साथ ही पुल की संरचना से जुड़ा सुधार कार्य शुरू कर दिया है। नगर निगम की महापौर परिषद में लोक निर्माण विभाग के प्रभारी राजेंद्र राठौर ने कहा, ‘‘शास्त्री ब्रिज में कोई भी गड़बड़ नहीं है। इस पुल पर चूहों का आतंक जरूर है। मोटे-मोटे चूहों ने फुटपाथ के पास कई बिल बना कर पुल को खोखला कर दिया है। इस कारण पुल का एक हिस्सा धंस गया था।’’

ब्रिज की मरम्मत में कितनी लागत आएगी?

राठौर ने बताया कि चूहों के प्रकोप से निपटने के लिए शास्त्री ब्रिज के फुटपाथ को सीमेंट-कंक्रीट की नई परत चढ़ाकर मजबूत किया जा रहा है और नागरिकों को ताकीद की गई है कि वे पुल पर बैठे जरूरतमंद लोगों को खाने-पीने की चीजें न दें। उन्होंने बताया कि 40 लाख रुपये की लागत से शास्त्री ब्रिज की मरम्मत के काम को मंजूरी दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत के इस काम को भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के मानकों के मुताबिक शहर के ‘श्री जीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस’ (एसजीएसआईटीएस) के सिविल इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर अंजाम दिया जा रहा है। एसजीएसआईटीएस, सरकारी सहायताप्राप्त स्वायत्त संस्थान है।

चूहों के कारण पुल में इतना बड़ा गड्ढा नहीं हो सकता- विशेषज्ञ

इन विशेषज्ञों में शामिल एक व्यक्ति ने अपना नाम जाहिर न किए जाने की शर्त पर कहा, ‘‘शास्त्री ब्रिज का एक हिस्सा धंसने की घटना सचेत करने वाली है। पुल पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है और यह घटना पुल के रख-रखाव में कमी के कारण हुई। चूहों के कारण पुल में इतना बड़ा गड्ढा नहीं हो सकता और यह घटना संरचनात्मक संकट का परिणाम है।"

उन्होंने बताया कि मानकों के मुताबिक 25 साल से ज्यादा पुराने हर पुल की मजबूती और इसकी भारवहन क्षमता का नियमित परीक्षण किया जाना चाहिए ताकि हादसों की आशंका को खत्म किया जा सके। (भाषा इनपुट्स के साथ)

यह भी पढ़ें-

मध्य प्रदेश: महिला मरीज के चेहरे से हिजाब हटाने पर मेडिकल कॉलेज में हंगामा, स्टाफ और डॉक्टरों के साथ मारपीट

खंडवा: इमाम के घर मिले 19 लाख के नकली नोट, फेक करेंसी छापने की मशीन भी बरामद, पुलिस की जांच जारी

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement