खंडवा: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां जिला अस्पताल की चौथी मंजिल से एक मरीज कूद गया, जिससे उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले उस व्यक्ति का एक्सीडेंट हुआ था, जिसके बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज के पैर में असहनीय दर्द था, जिससे वह काफी परेशान था। इस कारण उसने जिंदगी से निजात पाने के लिए जिला अस्पताल की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। हादसे के बाद अस्पताल की सुरक्षा-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
चौथी मंजिल से लगाई छलांग
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मृतक की पहचान सुरेश चौहान के रूप में हुई है। वह खंडवा जिला अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से भर्ती था। सुरेश के पैर में एक हादसे के दौरान गंभीर चोट लगी थी, जिस कारण वह लगातार दर्द से जूझ रहा था। वह मानसिक तनाव में भी था। संभवत: इसी के चलते उसने अस्पताल की चौथी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ ने तत्काल उसका इलाज शुरू कर बचाने के प्रयास किए, लेकिन उसकी सासें थम गईं।
मौके पर पहुंची मोघट थाना पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही मोघट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल स्टाफ से प्राथमिक पूछताछ शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मोघट थाना प्रभारी धीरेश धारवाल ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
दर्द से परेशान था मरीज
मृतक की बेटी कविता ने बताया कि उसके पिता के पैर में एक दुर्घटना के दौरान चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए खंडवा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि पिता पिछले कई दिनों से असहनीय दर्द में थे और मानसिक रूप से भी काफी परेशान हो गए थे। कविता के अनुसार, उसके पिता बार-बार डॉक्टरों और परिजनों से अस्पताल से छुट्टी देने की बात कर रहे थे, लेकिन डॉक्टरों ने हालत को देखते हुए छुट्टी नहीं दी। इलाज में सुधार नहीं होने और दर्द से टूट चुके सुरेश चौहान ने अंततः यह घातक कदम उठा लिया।
जांच में जुटी पुलिस
मोघट थाना प्रभारी धीरेश धारवाल ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था, मरीज की निगरानी और घटना के समय की परिस्थितियों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह लापरवाही का मामला है या किन परिस्थितियों में मरीज ने यह कदम उठाया। फिलहाल इस घटना से अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों में भय का माहौल है। जिला अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था में हुई इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। (इनपुट- प्रतीक मिश्रा)
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