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Maharashtra Crisis : उद्धव सरकार अब चंद दिनों की मेहमान ? बागी विधायक राज्यपाल से मिलने की तैयारी में, समर्थन वापसी की सौंप सकते हैं चिट्ठी

 Published : Jun 27, 2022 05:29 pm IST,  Updated : Jun 27, 2022 05:42 pm IST

Maharashtra Crisis : महाराष्ट्र की सियासत अब एक नए मोड़ पर आ गई है। शिवसेना के बागी विधायक अब राज्यपाल से मिलने की तैयारी कर रहे हैं। वे उद्धव सरकार से समर्थन वापसी की चिट्ठी राज्यपाल को सौंप सकते हैं।

Eknath Shinde with MLAs- India TV Hindi
Eknath Shinde with MLAs Image Source : PTI

Highlights

  • दो दिनों के बाद राज्यपाल से मिल सकता है एकनाथ शिंदे का गुट-सूत्र
  • उद्धव सरकार से समर्थन वापसी का हो सकता है ऐलान-सूत्र

Maharashtra Crisis : एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) का खेमा उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) सरकार से समर्थन वापस ले सकता है। इस संबंध में राज्यपाल को समर्थन वापसी की चिट्ठी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक दो दिन बाद समर्थन वापसी की चिट्ठी शिंदे गुट की ओर से राज्यपाल को सौंपी जा सकती है। इससे पहले शिंदे खेमे को एक बड़ी सफलता सुप्रीम कोर्ट से मिली। महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर द्वारा जारी अयोग्यता नोटिस के खिलाफ एकनाथ शिंदे की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने शिवसेना के बागी विधायकों को राहत प्रदान करते हुए को कहा कि संबंधित विधायकों की अयोग्यता पर 11 जुलाई तक फैसला नहीं लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही अदालत ने अयोग्यता नोटिस की वैधानिकता को चुनौती देने वाली बागी विधायकों की याचिकाओं पर जवाब मांगा। 

बागी विधायकों के परिवार और संपत्ति की सुरक्षा

हालांकि, शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया, जिसमें विधानसभा में फ्लोर टेस्ट नहीं कराए जाने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने कहा कि वे किसी भी अवैध कदम के खिलाफ उसका रुख कर सकते हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जे बी पारदीवाला की बेंच ने महाराष्ट्र सरकार को शिवसेना के 39 बागी विधायकों और उनके परिवार के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की सुरक्षा करने का निर्देश भी दिया। 

11 जुलाई को होगी मामले की सुनवाई

महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष को नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बागी विधायकों द्वारा दिए गए अविश्वास प्रस्ताव नोटिस को हलफनामा रिकॉर्ड में रखने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वकील के उस बयान को भी रिकॉर्ड में लिया कि बागी विधायकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी। 

बागी मंत्रियों के विभाग छीने

इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुवाहाटी के होटल में ठहरे हुए नौ बागी मंत्रियों के विभाग अन्य मंत्रियों को आवंटित कर दिए हैं। उद्धव सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक बागी मंत्रियों के विभाग अन्य मंत्रियों को इसलिए दिए जा रहे हैं ताकि प्रशासन चलाने में आसानी हो। 

शिवसेना में अब चार कैबिनेट मंत्री 

महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में शिवसेना के नौ मंत्री अब एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाले बागी गुट में शामिल हो चुके हैं। शिवसेना में अब चार कैबिनेट मंत्री हैं जिनमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आदित्य ठाकरे, अनिल परब और सुभाष देसाई शामिल हैं। आदित्य को छोड़कर शेष तीन विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) हैं। शिवसेना के अगुवाई वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार में बगावत से पहले, पार्टी के 10 कैबिनेट मंत्री और चार राज्य मंत्री थे। सभी चार राज्य मंत्री असम के गुवाहाटी के होटल में डेरा डाले हुए हैं। 

इनपुट-एजेंसी

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