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मजार में चढ़ने वाली चादरों में नहीं लिखे जाएंगे आयत या कलमे, नागपुर विवाद के बाद अल्पसंख्यक आयोग का फैसला

पूरे भारत की दरगाहों और मजारों पर बिकने वाली चादरों पर आयात और कलमें नहीं लिखे जाएंगे। महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान का कहना है कि भारत की सभी दरगाहों से इस विषय पर बात की जाएगी।

Reported By : Yogendra Tiwari Edited By : Shakti Singh Published : Mar 27, 2025 03:45 pm IST, Updated : Mar 27, 2025 03:45 pm IST
Mazar chadar- India TV Hindi
Image Source : PTI मजार में चढ़ाई जाने वाली चादर (फाइल फोटो)

नागपुर में हुई हिंसा के बाद दरगाहों और मजारों पर बिकने वाली चादरों से अयात और कलमे हटाने का फैसला किया गया है। जिन चादरों में आयतें और कलमे लिखे होते हैं, उनकी बिक्री पर पाबंदी लगाई जाएगी।  नागपुर के ताजुद्दीन बाबा ट्रस्ट ने इसकी घोषणा पहले ही कर दी है। महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग जल्द ही भारत की सभी दरगाहों को पत्र लिखकर इस प्रकार की चादरों पर पाबंदी लगने की बात करेगा। सभी मजारों से बात करके उन्हें बताया जाएगा कि वहां बिकने वाली चादरों पर अयात और कलमे ना लिखे जाएं और वहीं चादरें चढ़ाई जाएं, जिनमें आयात और कलमे ना लिखे गए हों।

महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने इंडिया टीवी के साथ खास बातचीत के दौरान कहा कि नागपुर हिंसा के बाद गहराई से इस विषय पर सोचा जा रहा है कि इस प्रकार की चादरों को पूरे तरीके से बैन कर दिया जाए। प्यार खान ने कहा कि जल्द ही वह अजमेर शरीफ दरगाह और दिल्ली निजामुद्दीन औलिया के दरगाह के पदाधिकारी की से भी बातचीत करेंगे। चादर पवित्र है उसे पवित्र जगह पर रखना चाहिए, कभी-कभी देखा जाता है कि वह चादर को कोई सर पर बांध लेता है, कोई हाथों में बांध लेता है, कोई कमर तक बांध लेता है, ऐसा नहीं होना चाहिए। 

चादरों में नहीं होगा कोई भी धार्मिक चिह्न

महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष खान कहा कि अब जो चादरें बिकेंगी उन पर आयत नहीं लिखी रहेगी, प्लेन चादरें रहेंगी, उन पर कोई भी धार्मिक प्रतीक नहीं रहेगा। अल्पसंख्यक आयोग देश की सभी मजारों को पत्र लिखेगा और नागपुर की घटना का जिक्र करेगा। बाकी दरगाह के लोग भी समझदार हैं, उन्हें भी पता है कि जब संदल निकलता है तो ढोल वाला, कभी हाथ में बांधता है ,कभी कमर में बांधता है, कभी सर में बांधता है, उस चादर का सम्मान नहीं हो पाता। प्यारे खान ने बताया कि 1 वर्ष पहले नागपुर की ताजुद्दीन बाबा ट्रस्ट ने चादरों से कलमे हटाने का फैसला लिया था।

पीएम मोदी से नीतेश राणे की शिकायत

अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के बहुत से  लोगों ने उन्हें पत्र लिखा है कि महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे की शिकायत प्रधानमंत्री से की जाए। पूरे महाराष्ट्र से मुस्लिम समाज ने उनसे संपर्क किया और कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं और उनके ही महाराष्ट्र के एक मंत्री मुस्लिम समुदाय के खिलाफ स्टेटमेंट देते रहते हैं, इसलिए अल्पसंख्यक आयोग महाराष्ट्र के मुसलमानों की नाराजगी प्रधानमंत्री को बताए। अल्पसंख्यक आयोग महाराष्ट्र मंत्री नीतेश राणे की शिकायत प्रधानमंत्री से करे कि वो मुसलमानों के संबंध में इस तरह कि बात न  करें।  राणे के बयानों से आपस में सद्भाव बिगड़ रहा है। अल्पसंख्यक आयोग की जिम्मेदारी के नाते वह मुस्लिम समुदाय की बातों को प्रधानमंत्री को बताएंगे। 

प्यार खाने कहा कि ठीक है वह मंत्री हैं, बीजेपी से हैं, अल्पसंख्यक आयोग इंसाफ के लिए गठित किया गया। उनके पास शिकायतें आई हैं। 30 तारीख को प्रधानमंत्री नागपुर आ रहे हैं, उस दौरान नीतेश राणे की शिकायत की जाएगी।

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