सर्दियों के मौसम में बाजारों में फूलगोभी की भरमार रहती है। इसका सेवन हर घर में ही किया जाता है। स्वाद के शौकीन लोग इससे अलग अलग तरह की डिशेज बनाते हैं। सर्दियों में अमुमन हर दूसरे दिन ही आलू गोभी की सब्जी बनती है। लेकिन गोभी खाने के बाद कुछ लोगों को गैस और ब्लोटिंग की समस्या होने लगती है। क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है। दरअसल गोभी में रैफिनोज नामक कॉम्प्लेक्स शुगर और हाई फाइबर होता है जो गैस का कारण बनता है। ऐसे में यहां हम आपको बताने जा रहे हैं किस तरह गोभी का सेवन करने से गैस और ब्लोटिंग की समस्या नहीं होती है।
1. पकाने का सही तरीका
नमक के पानी का इस्तेमाल: गोभी को काटने के बाद उसे 10-15 मिनट के लिए गुनगुने पानी में थोड़ा नमक डालकर भिगो दें। इससे यह थोड़ी नर्म हो जाती है और पचने में आसान होती है।
उबालकर पानी छान लें: सब्जी बनाने से पहले गोभी को हल्का सा उबाल लें और उस पानी को फेंक दें। इससे गैस बनाने वाले तत्व काफी हद तक निकल जाते हैं।
पूरी तरह पकाएं: कच्ची या आधी पकी गोभी सबसे ज्यादा गैस बनाती है। इसलिए इसे अच्छी तरह से पकाकर ही खाएं।
2. इन 'पाचक' मसालों का करें प्रयोग
हींग और अजवाइन: ये दोनों गैस को रोकने के लिए सबसे कारगर हैं। इनका तड़का जरूर लगाएं।
अदरक और लहसुन: अदरक का पेस्ट या बारीक कटा हुआ अदरक गोभी के भारीपन को कम करता है।
जीरा और सरसों के दाने: ये मसाले भी पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में मदद करते हैं।
3. खाने का समय और मात्रा
दोपहर में खाएं: गोभी को रात के खाने के बजाय लंच में खाना बेहतर है। दिन के समय हमारा मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे इसे पचाना आसान होता है।
पोर्शन कंट्रोल: एक ही बार में बहुत ज्यादा गोभी न खाएं। छोटी कटोरी भर ही इसका सेवन करें।
4. भोजन के बाद के उपाय
गुनगुना पानी: गोभी खाने के बाद हल्का गुनगुना पानी पिएं।
सौंफ का सेवन: भोजन के बाद 1 चम्मच सौंफ चबाने से भी पेट नहीं फूलता।
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