Friday, February 06, 2026
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क्या बिस्तर पर मंत्र जाप करना ठीक है? राम-नाम जप से लेकर गायत्री मंत्र तक, जानें फायदे-नुकसान और सही मंत्र-जप विधि

How to Chant Mantras: नाम जप कहीं भी किया जा सकता है, लेकिन वैदिक मंत्र जैसे गायत्री या महामृत्युंजय के लिए शुद्ध आसन और उचित नियम आवश्यक हैं। बिस्तर पर जाप करने के फायदे और नुकसान दोनों हैं। जानिए कौन सा जाप बिस्तर पर कर सकते हैं और किन मंत्रों के लिए विशेष विधि जरूरी होती है।

Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
Published : Nov 30, 2025 05:18 pm IST, Updated : Nov 30, 2025 05:18 pm IST
Correct Method for Mantra Jaap- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK नाम और मंत्र जप की सही विधि

How to Chant Mantras: नाम या मंत्र जाप भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का मूल माना जाता है। यह न सिर्फ मन को शांत करता है, बल्कि ऊर्जा, एकाग्रता और आध्यात्मिक शक्ति भी बढ़ाता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या बिस्तर पर बैठकर नाम या मंत्र जाप करना सही है? विशेषज्ञों के अनुसार सोते या आराम की अवस्था में किया गया नाम-जाप फलदायी हो सकता है, लेकिन कुछ मंत्र ऐसे हैं जिनके लिए सख्त नियम, आसन और शुद्धि का पालन जरूरी माना गया है।

बिस्तर पर नाम-जाप 

नाम-जाप जैसे राम-राम, राधे-कृष्ण, शिव-शिव, हरे कृष्ण आदि किसी भी समय और किसी भी स्थान पर किए जा सकते हैं। शास्त्रों और संतों के अनुसार भगवान के नाम पर किसी शुद्धि की बाध्यता नहीं होती। थकान, बीमारी, यात्रा या आराम की स्थिति में भी नाम-जाप पूर्ण फल देता है। अगर बिस्तर पर जाप सिर्फ आलस्य की वजह से किया जा रहा हो, तो सुबह उठकर शरीर को ताजा करके शांत आसन पर बैठकर नाम-जाप करना ज्यादा प्रभावी माना गया है।

कब बिस्तर पर जाप करना सही नहीं?

अगर आप मानसिक रूप से अस्थिर, चिड़चिड़े या अत्यधिक थकान में हैं, तो जाप का प्रभाव आधा रह सकता है। साथ ही नींद के अत्यधिक पास होने पर ध्यान भटकने और जाप अधूरा रहने की संभावना बढ़ जाती है।

वैदिक मंत्र जाप में नियम जरूरी

  1. गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, बीज मंत्र या गुरु मंत्र जैसे शक्तिशाली वैदिक मंत्रों के लिए सख्त नियम बताए गए हैं।
  2. वैदिक मंत्रों का जाप कुश या ऊन के आसन पर बैठकर करना ही श्रेष्ठ माना गया है।
  3. बिस्तर पर मंत्रों का जाप करने से तामसिक ऊर्जा असर डाल सकती है और मंत्र का प्रभाव कम हो जाता है।
  4. कई मान्यताओं के अनुसार जिस बिस्तर पर गृहस्थ जीवन चलता है, वहां गुरु मंत्र का जाप वर्जित है।

नाम-जाप और मंत्र-जाप में अंतर

नाम-जाप भाव आधारित होता है, जहां मन की शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। जबकि, मंत्र-जाप ऊर्जा आधारित है, जिसमें उच्चारण, आसन, दिशा और शुद्धि का पालन जरूरी  है।

सही तरीके से जाप कैसे करें?

  • नाम-जाप कभी भी, कहीं भी कर सकते हैं।
  • वैदिक मंत्रों के लिए शांत, साफ और पवित्र स्थान चुनें।
  • जाप से पहले हाथ-पैर धोना लाभकारी।
  • मन को स्थिर रखने के लिए सुबह का समय उत्तम।
  • भावना और एकाग्रता जितनी शुद्ध, मंत्र उतना प्रभावी।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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