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Basant Panchmi 2026: बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है? जानें मां सरस्वती की पूजा के लिए क्यों है ये बेहद शुभ दिन

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Jan 22, 2026 11:35 am IST,  Updated : Jan 22, 2026 11:35 am IST

Basant Panchmi 2026: बसंत पंचमी का पावन त्योहार 23 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन दिन मां सरस्वती की पूजा क्यों की जाती है और इस दिन का महत्व क्या है, आइए जानते हैं विस्तार से।

Basant Panchmi 2026- India TV Hindi
बसंत पंचमी 2026 Image Source : FREEPIK

Basant Panchmi 2026: बसंत पंचमी का त्योहार साल 2026 में 23 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन को बसंत ऋतु की आगमन का प्रतीक भी माना जाता है। इस दिन लोग सरस्वती पूजन करते हैं और व्रत रखते हैं। हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से ये एक है। ऐसे में आइए जान लेते हैं कि बसंत पंचमी मनाने के पीछे वजह क्या है और इस दिन सरस्वती पूजा को इतना शुभ क्यों माना जाता है। 

बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी या श्री पंचमी के दिन माता सरस्वती का अवतरण हुआ था। इसीलिए हर वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्माजी ने जब संसार का भ्रमण करते हुए यह महसूस किया कि हर दिशा मूक है, हर जगह खामोशी छाई हुए है तो उन्होंने अपने कमंडल से जल निकालकर छिड़का। इसके बाद एक ज्योतिपुंज से एक देवी का प्राकाट्य हुआ जिनका चेहरा तेजस्वी था और हाथों में वीणा थी, इस देवी का नाम ब्रह्माजी ने सरस्वती दिया। बसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती प्रकट हुई थी इसलिए आज भी माघ शुक्ल पंचमी के दिन उनकी पूजा की जाती है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा करने से भक्तों को ज्ञान और विवेक की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जो लोग गायन, वादन, अभिनय आदि के क्षेत्र में हैं उनको भी मां सरस्वती की पूजा करने से लाभ प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति भी मां सरस्वती की पूजा करने से होती है। 

मां सरस्वती की पूजा में इन चीजों को जरूर करें शामिल

अगर आप बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा करने वाले हैं तो आपको पहले से ही माता सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर अपने पूजा स्थल पर स्थापित कर देनी चाहिए। बसंत पंचमी की सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान के बाद माता सरस्वती की पूजा आपको आरंभ करनी चाहिए। माता की पूजा में पीले फूल, केला, सेब, पीली मिठाइयां, बूंदी के लड्डू, धूप-दीप, अगरबत्ती, हल्दी, कुमकुम, चंदन, वाद्य यंत्र और किताबें आपको जरूर शामिल करने चाहिए। इन चीजों को पूजा में शामिल करने से माता का आशीर्वाद आप पर बरसता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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