Basant Panchami 2026 Saraswati Mata Ki Aarti Live: जय जय सरस्वती माता, सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता...देखें मां सरस्वती की आरती
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Basant Panchami 2026 Saraswati Mata Ki Aarti Live: जय जय सरस्वती माता, सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता...देखें मां सरस्वती की आरती
Basant Panchami 2026 Saraswati Mata Ki Aarti Live: बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 को 02:28 AM से 24 जनवरी को 01:46 AM तक रहेगी। इस दिन सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त 07:13 AM से 12:33 PM तक रहेगा। यहां आप देखेंगे सरस्वती माता की आरती, पूजा विधि और मंत्र।
Written By: Laveena Sharma@laveena1693 Published : Jan 22, 2026 11:22 am IST, Updated : Jan 23, 2026 01:21 pm IST
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सरस्वती माता की आरती, भजन, पूजा विधि और मुहूर्त
Basant Panchami 2026 Saraswati Mata Ki Aarti Live: बसंत पंचमी सनातन धर्म का एक प्रमुख त्योहार है जो हर साल माघ महीने में मनाया जाता है। इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन को कहीं श्री पंचमी तो कहीं सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन घरों और मंदिरों में ही नहीं बल्कि स्कूलों में भी मां सरस्वती की पूजा होती है। इस साल बसंत पंचमी का त्योहार 23 जनवरी को मनाया जाएगा। यहां आप जानेंगे बसंत पंचमी की आरती, पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत कथा और भोग समेत सभी जरूरी बातें।
Saraswati Mata Ki Aarti Lyrics (सरस्वती माता की आरती)
ओम जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
चंद्रवदनी पद्मासिनी, धृति मंगलकारी।
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥ जय…
बाएँ कर में वीणा धरे, दाएँ कर माला।
शीश मुकुट मणि सोहे, गले मोतियन माला॥ जय…
देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया।
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया॥ जय…
विद्या दायिनी ज्ञान प्रदान कर, ज्ञान का दीप जलाओ।
भ्रम, अज्ञान और अंधकार, जग से दूर भगाओ॥ जय…
धूप, दीप, फल-मेवा, मां स्वीकार करो।
ज्ञान चक्षु दे माता, जग का उद्धार करो॥ जय…
मां सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
सुख, समृद्धि, विद्या, भक्ति सहज पावे॥ जय…
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
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सरस्वती माता की आरती (Saraswati Mata Ki Aarti)
बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त 2026 (Basant Panchami 2026 Saraswati Puja Muhurat)
बसंत पंचमी 2026
23 जनवरी 2026, शुक्रवार
बसंत पंचमी पूजा मुहूर्त 2026
07:13 AM से 12:33 PM
अवधि
05 घण्टे 20 मिनट्स
बंसत पंचमी मध्याह्न का क्षण
12:33 PM
पंचमी तिथि प्रारम्भ
23 जनवरी, 02:28 AM बजे
पंचमी तिथि प्रारम्भ
24 जनवरी, 01:46 AM बजे
बसंत पंचमी पूजा विधि (Basant Panchami Puja Vidhi)
बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा के लिए सुबह जल्दी उठ जाएं।
स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। संभव हो तो इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनें।
फिर एक साफ चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
माता की प्रतिमा के समक्ष ही एक कलश भी स्थापित करें।
माला पहनाएं और तिलक लगाएं।
पूजा की शुरुआत भगवान गणेश की वंदना से करें।
इसके बाद देवी सरस्वती की पूजा शुरू करें। इसके लिए सबसे पहले माता की मूर्ति को स्नान कराएं और फिर उन्हें सफेद वस्त्र पहनाएं।
इसके बाद देवी को कुमकुम और गुलाल लगाएं। साथ में पीले फूल और माला चढ़ाएं।
माता को इस दिन पीले चावलों, बूंदी के लड्डूओं और केसरिया खीर या हलवे का भोग लगाना बेहद शुभ होता है।
भोग लगाने के बाद देवी सरस्वती की आरती करें और इसके बाद प्रसाद सभी में बांट दें।
कई श्रद्धालु बसंत पंचमी की पूजा के अगले दिन मां सरस्वती की मूर्ति को नदी में विसर्जित कर देते हैं।
नोट - बसंत पंचमी से जुड़ी हर जानकारी के लिए बने रहिए हमारे इस लाइव ब्लॉग पर।
Live updates :Basant Panchami 2026 Puja Muhurat Live
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Jan 23, 20261:21 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
23 जनवरी 2026 का शुभ मुहूर्त
माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि- 23 जनवरी 2026 को देर रात 1 बजकर 47 मिनट तक
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र- 23 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक
परिघ योग- 23 जनवरी 2026 को शाम 3 बजकर 59 मिनट तक
23 जनवरी 2026 व्रत-त्यौहार- बसंत पंचमी, सरस्वती पूजा
Jan 23, 202612:39 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti)
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
जय गणेश जय गणेश…
एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी।।
जय गणेश जय गणेश…
पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डू के भोग लगे संत करें सेवा।।
जय गणेश जय गणेश…
अंधे को आंख देत कोढिन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया।।
जय गणेश जय गणेश…
‘सूर’ श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
जय गणेश जय गणेश…
Jan 23, 202612:24 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
बसंत पंचमी पर क्या नहीं करना चाहिए
बसंत पंचमी के दिन काले या गहरे रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
पूजा के समय किताबों या कॉपियों पर लिखना नहीं चाहिए बल्कि उनकी पूजा करनी चाहिए।
माता सरस्वती को तामसिक चीजें जैसे प्याज, लहसुन वाले भोजन का भोग नहीं लगाना चाहिए।
Jan 23, 202611:52 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
बसंत पंचमी मंत्र बच्चों के लिए
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता.
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना.
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता.
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा.
Jan 23, 202610:54 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Basant Panchami Bhog: बसंत पंचमी भोग
बसंत पंचमी पर माता सरस्वती को पीले रंग की मिठाई, पीले फल और केसरिया खीर का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है।
Jan 23, 202610:03 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Can We Eat Non Veg On Basant Panchami: क्या बसंत पंचमी पर नॉनवेज खा सकते हैं?
बसंत पंचमी एक शुभ और पावन पर्व है। इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। ऐसे में इस दिन नॉनवेज का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
Jan 23, 20269:41 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Ya Devi Sarva Bhuteshu Lyrics: या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता
या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभि धीयते।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Jan 23, 20269:02 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
बसंत पंचमी का रंग (Basant Panchami Color)
बसंत पंचमी का शुभ रंग पील है। इसलिए ही इस दिन मां सरस्वती को पीले रंग की चीजों का भोग लगाया जाता है। साथ ही लोग खुद भी पीले रंग के कपड़े पहनते हैं। इस दिन एक-दूसरे को हल्दी का तिलक लगाने की भी परंपरा है।
Jan 23, 20268:38 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
When Is Basant Panchami In 2027: अगले साल बसंत पंचमी कब है
2027 में बसंत पंचमी 11 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। ये दिन विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित है।
Jan 23, 20268:25 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Maa Sharde Kha Ti Veena Baja Rahi Hai: मां शारदे कहां तू वीणा बजा रही है
सरस्वती नमस्तुभ्यं, वरदे कामरूपिणी,
विद्यारम्भं करिष्यामि, सिद्धिर्भवतु मे सदा।
माँ शारदे कहाँ तू,
वीणा बजा रही हैं,
किस मंजु ज्ञान से तू,
जग को लुभा रही हैं ॥
किस भाव में भवानी,
तू मग्न हो रही है,
विनती नहीं हमारी,
क्यों माँ तू सुन रही है ।
हम दीन बाल कब से,
विनती सुना रहें हैं,
चरणों में तेरे माता,
हम सर झुका रहे हैं,
हम सर झुका रहे हैं ।
माँ शारदे कहाँ तू,
वीणा बजा रही हैं,
किस मंजु ज्ञान से तू,
जग को लुभा रही हैं ॥
अज्ञान तुम हमारा,
माँ शीघ्र दूर कर दो,
द्रुत ज्ञान शुभ्र हम में,
माँ शारदे तू भर दे ।
बालक सभी जगत के,
सूत मात हैं तुम्हारे,
प्राणों से प्रिय है हम,
तेरे पुत्र सब दुलारे,
तेरे पुत्र सब दुलारे ।
माँ शारदे कहाँ तू,
वीणा बजा रही हैं,
किस मंजु ज्ञान से तू,
जग को लुभा रही हैं ॥
हमको दयामयी तू,
ले गोद में पढ़ाओ,
अमृत जगत का हमको,
माँ शारदे पिलाओ ।
मातेश्वरी तू सुन ले,
सुंदर विनय हमारी,
करके दया तू हर ले,
बाधा जगत की सारी,
बाधा जगत की सारी ।
माँ शारदे कहाँ तू,
वीणा बजा रही हैं,
किस मंजु ज्ञान से तू,
जग को लुभा रही हैं ॥
माँ शारदे कहाँ तू,
वीणा बजा रही हैं,
किस मंजु ज्ञान से तू,
जग को लुभा रही हैं ॥
Jan 23, 20268:15 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Saraswati Puja Ka Time 2026: सरस्वती पूजा का मुहूर्त कब से कब तक रहेगा?
आज सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में माता की पूजा बेहद फलदायी साबित होगी।
Jan 23, 20268:00 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Yellow Food For Basant Panchami: बसंत पंचमी का भोजन
मीठे चावल
बूंदी के लड्डू
मालपुआ
केसरिया खीर
Jan 23, 20267:55 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Why Basant Panchami Is Celebrated: बसंत पंचमी की कथा
कहते हैं आज वसंत पंचमी के ही दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की भी रचना की थी। इसलिए आज नये कार्यों की शुरुआत करना अच्छा माना जाता है। आज विशेषतौर पर नई विद्या आरंभ करना, नया काम शुरू करना, बच्चों का मुंडन संस्कार, अन्नप्राशन संस्कार, गृह प्रवेश या अन्य कोई शुभ काम करना बड़ा ही अच्छा माना जाता है।
Jan 23, 20267:47 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Saraswati Vandana In Sanskrit: सरस्वती वंदना इन संस्कृत
सरस्वती पूजा का समय 23 जनवरी 2026, शुक्रवार की सुबह 07:13 AM से 12:33 PM तक रहेगा।
Jan 23, 20267:09 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Basant Panchami Kyu Manai Jati Hai: बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी या श्री पंचमी के दिन माता सरस्वती का अवतरण हुआ था। इसलिए हर वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्माजी ने जब संसार का भ्रमण करते हुए यह महसूस किया कि हर दिशा मूक है, हर जगह खामोशी छाई हुए है तो उन्होंने अपने कमंडल से जल निकालकर छिड़का। इसके बाद एक ज्योतिपुंज से एक देवी का प्राकाट्य हुआ जिनका चेहरा तेजस्वी था और हाथों में वीणा थी, इस देवी का नाम ब्रह्माजी ने सरस्वती दिया। बसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती प्रकट हुई थी इसलिए आज भी माघ शुक्ल पंचमी के दिन उनकी पूजा की जाती है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा करने से भक्तों को ज्ञान और विवेक की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जो लोग गायन, वादन, अभिनय आदि के क्षेत्र में हैं उनको भी मां सरस्वती की पूजा करने से लाभ प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति भी मां सरस्वती की पूजा करने से होती है।
Jan 23, 20267:04 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Saraswati Mata Pushpanjali Mantra: सरस्वती पुष्पांजलि मंत्र
अमृत - सर्वोत्तम - 09:53 ए एम से 11:13 ए एमवार वेला
शुभ - उत्तम - 12:33 पी एम से 01:53 पी एम
Jan 23, 202612:02 AM (IST)Posted by Arti Azad
Saraswati Bhajan Lyrics: मां सरस्वती भजन लिरिक्स
शारदे माँ, हे शारदे माँ
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ
अज्ञानता से हमें तारदे माँ, हे शारदे माँ॥
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ
अज्ञानता से हमें तार दे माँ हे शारदे माँ॥
तू स्वर की देवी, ये संगीत तुझसे
हर शब्द तेरा है, हर गीत तुझसे
हम है अकेले, हम है अधूरे
तेरी शरण हम, हमें प्यार दे माँ
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ
अज्ञानता से हमें तार दे माँ॥
मुनियों ने समझी, गुणियों ने जानी
वेदों की भाषा, पुराणों की बानी
हम भी तो समझे, हम भी तो जाने
विद्या का हमको अधिकार दे माँ
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ
अज्ञानता से हमें तार दे माँ॥
तू श्वेतवर्णी, कमल पर विराजे
हाथों में वीणा, मुकुट सर पे साजे
मन से हमारे मिटाके अँधेरे
हमको उजालों का संसार दे माँ
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ
अज्ञानता से हमें तार दे माँ॥
शारदे माँ, हे शारदे माँ
अज्ञानता से हमें तार दे माँ
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ॥
Jan 22, 202611:54 PM (IST)Posted by Arti Azad
Basant Panchami Prasad: बसंत पंचमी प्रसाद
मालपुआ
बेसन से बनी बर्फी
बूंदी
पीले मीठे चावल
केसर की खीर या हलवा
फल
Jan 22, 202611:28 PM (IST)Posted by Arti Azad
Basant Panchami Puja Samagri: बसंत पंचमी पूजा सामग्री
सरस्वती पूजा के लिए हल्दी, कुमकुम, धूपबत्ती, पीले रंग के फूल, फूलों की माला, लकड़ी की चौकी, पीला वस्त्र, कलश, पके हुए केले की फली, नारियल, भोग के लिए मालपुआ, गाय का घी, दूध से बनी मिठाई, इत्र, सिंदूर, रोली, अक्षत, आम के पत्ते, तिल के लड्डू, गुलाल, श्रृंगार का सामान और पीले रंग की चुनरी या साड़ी।
Jan 22, 202610:57 PM (IST)Posted by Arti Azad
Basant Panchami Rice: बसंत पंचमी पर कैसे बनाएं मीठे चावल
इस दिन मीठे चावल बनाने की परंपरा है जिसका माता को भोग लगाया जाता है। इसे बनाने के लिए चावल, घी और गुड़ का उपयोग किया जाता है। काजू, किशिमश, बादाम और केसर से इस डिश का टेस्ट ओर भी ज्यादा बढ़ जाता है।
ओउम या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता ,
या वीणावरदण्डमण्डित करा या श्वेत पद्मासना ।
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता ,
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।।
Jan 22, 20269:13 PM (IST)Posted by Arti Azad
Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर क्या करें
बसंत पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें। अगर नदी स्नान संभव न हो तो नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान जरूर करें।
इसके बाद माता सरस्वती की विधि विधान पूजा करें। उनके मंत्रों का जाप करें।
मां सरस्वती को हल्दी अवश्य अर्पित करें।
मां को खीर का भोग अवश्य लगाएं।
इस दिन मां सरस्वती को कलम अवश्य अर्पित करते हैं।
पीले रंग के कपड़े पहनें।
पीले मीठे चावलों का सेवन करें।
Jan 22, 20268:10 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
How To Celebrate Basant Panchami: बसंत पंचमी कैसे मनाते हैं
बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा की जाती है।
इस दिन मां को पीले रंग के फूल, पीली मिठाई और पीले वस्त्र अर्पित करने चाहिए।
बसंत पंचमी पर माता के मंत्रों और श्लोकों का जाप जरूर करें।
माता की आरती करें।
परिवार के सभी सदस्यों को हल्दी का तिलक लगाएं।
Jan 22, 20267:54 PM (IST)Posted by Arti Azad
Basant Panchami Yellow Color: बसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व?
बसंत पंचमी पर पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है। पीला रंग इस बात का प्रतीक होता है की फसलें पकने वाली हैं साथ ही पीला रंग समृद्धि का भी सूचक माना जाता है। इस पर्व के साथ ही वसंत ऋतु की शुरुआत हो जाती है। इस दौरान खेतों में सरसों की पीली फसलें लहलहाने लगती हैं तो वहीं गेहूं की बालियां भी खिल उठती है। जिस कारण से हर जगह पीला ही पीला रंग दिखाई देता है। वहीं पीला रंग मां सरस्वती का भी प्रिय माना जाता है इसलिए बसंत पंचमी पर इस रंग का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।
लाभ - उन्नति - 08:33 ए एम से 09:53 ए एम
अमृत - सर्वोत्तम - 09:53 ए एम से 11:13 ए एमवार वेला
शुभ - उत्तम - 12:33 पी एम से 01:53 पी एम
Jan 22, 20266:50 PM (IST)Posted by Naveen Khantwal
Saraswati Gayatri Mantra: सरस्वती गायत्री मंत्र
ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
Jan 22, 20266:07 PM (IST)Posted by Naveen Khantwal
Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर होता है अबूझ मुहूर्त
बसंत पंचमी का दिन सभी शुभ कार्यो के लिये उपयुक्त माना जाता है। इसी कारण से ये दिन अबूझ मुहूर्त के नाम से प्रसिद्ध है और नवीन कार्यों की शुरुआत के लिये उत्तम माना जाता है। इस दिन शादी, मुंडन, गृह प्रवेश समेत अन्य मांगलिक कार्य बिना मुहूर्त देखे किये जा सकते हैं।
Jan 22, 20265:37 PM (IST)Posted by Naveen Khantwal
Famous Saraswati Mandir: मां सरस्वती के मंदिर
श्री शारदाम्बा मन्दिर, श्रृंगेरी, कर्णाटक
दक्षिण मूकाम्बिका मन्दिर, एर्णाकुलम, केरल
वर्दळ सरस्वती मन्दिर, मेदक, तेलंगाना
गणना सरस्वती मन्दिर, बासर, तेलंगाना
श्री सरस्वती क्षेत्रामु, अनन्तसागर, तेलंगाना
Jan 22, 20264:49 PM (IST)Posted by Naveen Khantwal
Saraswati Mata Ki Stuti: सरस्वती माता की स्तुति
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥
Jan 22, 20264:00 PM (IST)Posted by Naveen Khantwal
Saraswati Mata Ki Aarti: सरस्वती माता की आरती
॥ आरती श्री सरस्वती जी ॥
जय सरस्वती माता,मैया जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता॥
जय सरस्वती माता॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि,द्युति मंगलकारी।
सोहे शुभ हंस सवारी,अतुल तेजधारी॥
जय सरस्वती माता॥
बाएं कर में वीणा,दाएं कर माला।
शीश मुकुट मणि सोहे,गल मोतियन माला॥
जय सरस्वती माता॥
देवी शरण जो आए,उनका उद्धार किया।
पैठी मंथरा दासी,रावण संहार किया॥
जय सरस्वती माता॥
विद्या ज्ञान प्रदायिनि,ज्ञान प्रकाश भरो।
मोह अज्ञान और तिमिर का,जग से नाश करो॥
जय सरस्वती माता॥
धूप दीप फल मेवा,माँ स्वीकार करो।
ज्ञानचक्षु दे माता,जग निस्तार करो॥
जय सरस्वती माता॥
माँ सरस्वती की आरती,जो कोई जन गावे।
हितकारी सुखकारीज्ञान भक्ति पावे॥
जय सरस्वती माता॥
जय सरस्वती माता,जय जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता॥
जय सरस्वती माता॥
Jan 22, 20262:55 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
Saraswati Dhyan Mantra: सरस्वती ध्यान मंत्र
ॐ सरस्वती मया दृष्ट्वा, वीणा पुस्तक धारणीम् ।
हंस वाहिनी समायुक्ता मां विद्या दान करोतु में ॐ ।।
Jan 22, 20262:38 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
Annaprashan on Basant Panchami: बसंत पंचमी पर अन्नप्राशन संस्कार कैसे करें?
जो लोग अपने छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार करवाना चाहते हैं, वो आज वसंती पंचमी के दिन कर सकते हैं। जो बच्चे अभी तक केवल अपनी माता का दूध पीते हैं, लेकिन अब आप उन्हें अन्न खिलाना शुरू करना चाहते हैं, तो आज का दिन बड़ा ही अच्छा है। आज दूध चावल की खीर बनाकर सबसे पहले देवी सरस्वती को उसका भोग लगाएं। फिर बच्चे को नये कपड़े पहनाकर, लकड़ी की चौकी पर बिठाकर, चांदी
की कटोरी में चांदी की चम्मच से घर के बड़े-बुजुर्ग अपने हाथ से बच्चे को खीर खिलाएं। अगर चांदी की कटोरी और चम्मच में खिलाना संभव न हो तो घर में मौजूद स्टील की कटोरी, चम्मच से भी खिला सकते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी या श्री पंचमी के दिन माता सरस्वती का अवतरण हुआ था। इसीलिए हर वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्माजी ने जब संसार का भ्रमण करते हुए यह महसूस किया कि हर दिशा मूक है, हर जगह खामोशी छाई हुए है तो उन्होंने अपने कमंडल से जल निकालकर छिड़का। इसके बाद एक ज्योतिपुंज से एक देवी का प्राकाट्य हुआ जिनका चेहरा तेजस्वी था और हाथों में वीणा थी, इस देवी का नाम ब्रह्माजी ने सरस्वती दिया। बसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती प्रकट हुई थी इसलिए आज भी माघ शुक्ल पंचमी के दिन उनकी पूजा की जाती है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा करने से भक्तों को ज्ञान और विवेक की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जो लोग गायन, वादन, अभिनय आदि के क्षेत्र में हैं उनको भी मां सरस्वती की पूजा करने से लाभ प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति भी मां सरस्वती की पूजा करने से होती है।
Jan 22, 20261:00 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
Saraswati Mata Mantra: सरस्वती माता मंत्र
ओउम या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता ,
या वीणावरदण्डमण्डित करा या श्वेत पद्मासना ।
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता ,
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।।
Jan 22, 202612:27 PM (IST)Posted by Laveena Sharma
सरस्वती पुष्पांजलि मंत्र (Saraswati Mata Pushpanjali Mantra)
नमः भद्रकाल्यै नमो नित्यं सरस्वत्यै नमो नमः
वेद-वेदांग-वेदान्त-विद्यास्थानेभ्य एव च
एश श चंदना पुष्पा बिलवा पत्रांजलि
ॐ ओयिंग श्री सरस्वत्यै नमः
नमः भद्रकाल्यै नमो नित्यं सरस्वत्यै नमो नमः
वेद-वेदांग-वेदान्त-विद्यास्थानेभ्य एव च
एश श चंदना पुष्पा बिलवा पत्रांजलि
ॐ ओयिंग श्री सरस्वत्यै नमः
नमः भद्रकाल्यै नमो नित्यं सरस्वत्यै नमो नमः
वेद-वेदांग-वेदान्त-विद्यास्थानेभ्य एव च
एश श चंदना पुष्पा बिलवा पत्रांजलि
ॐ ओयिंग श्री सरस्वत्यै नमः
नमः भद्रकाल्यै नमो नित्यं सरस्वत्यै नमो नमः
वेद-वेदांग-वेदान्त-विद्यास्थानेभ्य एव च
एश श चंदना पुष्पा बिलवा पत्रांजलि
ॐ ओयिंग श्री सरस्वत्यै नमः
नमः भद्रकाल्यै नमो नित्यं सरस्वत्यै नमो नमः
वेद-वेदांग-वेदान्त-विद्यास्थानेभ्य एव च
एश श चंदना पुष्पा बिलवा पत्रांजलि
ॐ ओयिंग श्री सरस्वत्यै नमः
Jan 22, 202611:45 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Basant Panchami Bhog: बसंत पंचमी भोग
बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को पीले रंग की चीजों का भोग लगाना चाहिए। इस दिन माता को पीले चावल और मौसमी फलों का भोग लगाना सबसे शुभ माना जाता है।
Jan 22, 202611:29 AM (IST)Posted by Laveena Sharma
Saraswati Vandana: सरस्वती वंदना
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥