Realme Oppo Integration: खबरों के मुताबिक रियलमी लगभग सात साल बाद ओप्पो के साथ फिर से जुड़ रही है जब उसने एक इंडीपेंडेंट कंपनी के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक चीनी स्मार्टफोन मेकर कंपनी विभिन्न कार्यों में रिसोर्सेज को साझा करने और कॉस्ट में होने वाले ओवरलैप को कम करने के लिए ओप्पो के साथ इंटीग्रेट कर रही है। इस कदम के साथ रियलमी कथित तौर पर वनप्लस के साथ ओप्पो के एक सब-ब्रांड के रूप में फिर से काम करेगी। कंपनी के फाउंडर और सीईओ, स्काई ली (Sky Li) को सब-ब्रांड के ओवरऑल ऑपरेशन की देखरेख के लिए अपॉइंट किया गया है। हालांकि मर्जर की फाइनेंशियल टर्म्स का खुलासा नहीं किया गया है।
रियलमी बनेगा ओप्पो का सब-ब्रांड
Lei Feng नेटवर्क के मुताबिक रियलमी, ओप्पो का सब-ब्रांड बनने के लिए पूरी तरह तैयार है और ये इस कोलाब्रेशन के जरिए होने वाले एडवांटेज के लिए किया जा रहा है। ओप्पो के इंटरनल सोर्स का हवाला देते हुए इस पब्लिकेशन ने ये दावा किया है कि आगे चलकर रियलमी और वन प्लस स्ट्रेटेजिक रूप से मूल ब्रांड के साथ मिलकर एक अलग बाजार रणनीति तैयार करेंगे। मर्जर का एक इंस्टेंट नतीजा रियलमी की सेल के बाद सर्विसेज का ओप्पो में इंटीग्रेशन बताया जा रहा है।
क्या बंद हो जाएंगे रियलमी के फोन
अब भी रियलमी के फोन बाजार में आएंगे और ये बंद नहीं होंगे क्योंकि दोनों कंपनियों के साथ आने के बाद भी रियलमी ओप्पो के सब-ब्रैंड के तौर पर काम करती रहेगी। ये दोनों कंपनियां मूल रूप से कॉस्ट सेविंग और कंबाइंड इंटीग्रेशन के मकसद से साथ आई हैं।
दोनों ब्रांड अलग-अलग नामों से फोन बेचना जारी रखेंगे
रिपोर्ट के मुताबिक यह इंटीग्रेशन रियलमी के ऑपरेशन्स को ओप्पो के करेंट कमर्शियल स्ट्रक्चर के करीब लाएगा। हालांकि उम्मीद है कि दोनों ब्रांड अलग-अलग नामों से फोन बेचना जारी रखेंगे। रियलमी के स्मार्टफोन भारत, साउथ ईस्ट एशिया और यूरोप में बड़े पैमाने पर बिकते हैं। इन बाजारों में इसने खासतौर से वैल्यू-सेंट्रिक डिवाइसेज में अपनी एक मजबूत उपस्थिति बनाई है। खासतौर से इसे मिड-सेगमेंट और बजट सेगमेंट में अच्छी पहचान मिली है और इस सेगमेंट के फोन के यूजर्स इसके हैंडसेट खरीदने के लिए आकर्षित होते हैं।
जानें क्या है ओप्पो और रियलमी के अलग होने की कहानी
रियलमी की स्थापना मूल रूप से मई 2018 में ओप्पो से अलग होकर एक इंडीपेंडेंट ब्रांड के तौर पर हुई थी। हालांकि जुलाई 2018 में स्काए ली ने रियलमी को एक इंडीपेंडेंट वेंचर के रूप में स्थापित करने के लिए कंपनी में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। तब से कंपनी ओप्पो के प्रभाव से बाहर रहकर काम कर रही है।
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