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TRAI के नए नियम से यूजर्स की मौज, टेलीकॉम कंपनियों के लिए बने 'आफत', COAI ने जताई नाराजगी

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Aug 06, 2024 01:00 pm IST,  Updated : Aug 06, 2024 01:00 pm IST

TRAI New Rules: ट्राई ने मोबाइल कंपनियों की सर्विस क्वालिटी को सुधारने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है। यह नई गाइडलाइंस जहां एक तरफ यूजर्स को फायदा पहुंचाएंगे, वहीं दूसरी तरफ यह टेलीकॉम कंपनियों के लिए आफत बन सकते हैं। इसे लेकर COAI ने नाराजगी जताई है।

TRAI New Rules- India TV Hindi
TRAI New Rules Image Source : FILE

TRAI के नए नियम एक तरफ जहां यूजर्स को फायदा पहुंचा रहे हैं, वहीं टेलीकॉम कंपनियों के लिए यह मुसीबत बन सकता है। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने इस नए नियम पर नाराजगी जताई है। दूरसंचार नियामक ने टेलीकॉम कंपनियों की सर्विस क्वलिटी को बेहतर बनाने के लिए नए नियमों की घोषणा की है, जिसमें टेलीकॉम कंपनियों पर लगने वाले जुर्माने की रकम को दोगुना कर दिया है। मोबाइल सर्विस ऑपरेटर्स के संगठन COAI ने कहा कि इसकी वजह से टेलीकॉम कंपनियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर मोबाइल टैरिफ की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

क्या हैं नए नियम?

TRAI ने मोबाइल सेवाओं की गुणवत्ता यानी क्वालिटी को सुधारने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है। इस नई गाइडलाइंस की वजह से अगर कोई मोबाइल ऑपरेटर्स अपनी सेवाओं के लिए स्टैंडर्ड क्वालिटी को फॉलो नहीं करते हैं, तो उन्हें पहले से दोगुना जुर्माना भरना पड़ सकता है। ये नई गाइडलाइंस टेलीकॉम कंपनियों को रास नहीं आ रहे हैं। पहले टेलीकॉम सर्विस की स्टैंडर्ड क्वालिटी मेनटेन नहीं करने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ता था, जिसे अब बढ़ाकर 1 लाख रुपये तक कर दिया गया है।

यही नहीं, अगर किसी टेलीकॉम ऑपरेटर की मोबाइल सर्विस की आउटेज अगर 12 घंटे तक रहेगी तो उसे एक दिन के तौर पर गिना जाएगा। पहले 24 घंटे आउटेज के लिए 1 दिन गिना जाता था। यहां आउटेज का मतलब है कि अगर यूजर्स को किसी एरिया में नेटवर्स की दिक्कत 12 घंटे या उससे ज्यादा होती है, तो इसके लिए टेलीकॉम कंपनी को जुर्माना देना होगा।

COAI ने जताई नाराजगी

सेल्युलर एसोसिएशन का कहना है कि अभी टेलीकॉम कंपनियां अपनी 5G सर्विस को एक्सपेंड कर रही हैं। नेटवर्क अपग्रेडेशन करने के लिए टेलीकॉम ऑपरेटर्स को बड़ा खर्च करना पड़ रहा है। रेगुलेटर की इस गाइडलाइंस की वजह से टेलीकॉम कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसलिए ट्राई का यह नया दिशा-निर्देश चिंताजनक है। यही नहीं, पहले सर्विस क्वालिटी की रिपोर्ट हर तीन महीने में दिया जाता था, जिसे अब घटाकर 1 महीना कर दिया गया है यानी अब टेलीकॉम कंपनियों को हर महीने सर्विस क्वालिटी की रिपोर्ट सबमिट करनी होगी।

यूजर्स को फायदा

TRAI की यह नई गाइडलाइंस खास तौर पर यूजर्स की दिक्कतों को दूर करने के लिए लाई गई है। यूजर्स को अब पहले के मुकाबले टेलीकॉम सेवाओं के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ता है। टेलीकॉम सर्विस की क्वालिटी खराब होने की वजह से उनकी डेली यूसेज पर असर पड़ता है। नए नियम के मुताबिक, अगर 12 घंटे तक सर्विस में आउटेज रहेगी तो टेलीकॉम कंपनियों को यूजर्स के प्लान की वैलिडिटी 1 दिन बढ़ानी होगी, जिसका फायदा यूजर्स को मिलने वाला है। साथ ही, टेलीकॉम कंपनियों को इसके लिए जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।

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