UPI भारत में ऑनलाइन पेमेंट का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। पिछले 8 साल में UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस के जरिए किए जाने वाले ट्रांजैक्शन की संख्यां दिनों-दिन बढ़ी है। यही कारण है कि आज यह सर्विस स्कैमर्स के निशाने पर है। हाल के दिनों में UPI रिफंड के नाम पर होने वाले कई फ्रॉड के मामले सामने आए हैं। कई लोग हैकर्स द्वारा भेजे गए मैसेज की जाल में फंस चुके हैं और अपनी कमाई लुटा चुके हैं।
स्कैमर्स इसके लिए सोशल इंजीनियरिंग का सहारा लेते हैं, जिसकी वजह से आम आदमी उनके जाल में आसानी से फंस जाते हैं। आपके पास भी स्कैमर्स की तरफ से एक मैसेज और कॉल आएगा, जिसमें आपके परिवार के किसी सदस्य को पैसे ट्रांसफर करने के नाम पर आपको UPI ट्रांजैक्शन जैसा दिखने वाला एक मैसेज भेजा जाएगा। फिर आपसे कहा जाएगा कि गलती से आपको ज्यादा पैसे भेज दिया गया है। आप बांकी की रकम को रिफंड कर दें। इसके लिए हैकर्स अपना UPI नंबर शेयर करेंगे और आपसे उस पर पैसा रिफंड करने के लिए कहेंगे।
अगर, आपके पास भी इस तरह का कोई भी मैसेज या कॉल आता है, तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है और स्कैमर्स के झांसे में नहीं आना है। हालांकि, आप चाहें तो इस तरह के फर्जी मैसेज और कॉल्स की आसानी से पहचान कर सकते हैं। गृह मंत्रालय ने इस तरह के फ्रॉड को रिपोर्ट करने के लिए Chakshu पोर्टल लॉन्च किया है। साथ ही, साइबर क्राइम के लिए नेशन वाइड हेल्पलाइन नंबर- 1930 भी जारी किया है। अगर, आपके साथ ही इस तरह का फ्रॉड होता है तो आप सरकारी चक्षु पोर्टल के साथ-साथ साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर इसकी शिकायत कर सकते हैं।
इन आसान तरीकों से आप अपने साथ होने वाले UPI रिफंड वाले फ्रॉड से बच सकते हैं। हैकर्स का पता लगने के बाद आपको उनके द्वारा भेजे गए मैसेज और कॉल किए गए नंबर को Chakshu पोर्टल पर रिपोर्ट करना होगा। आप चाहे तो साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर- 1930 पर भी इसकी शिकायत कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें - Apple को तगड़ा झटका, यूरोपीय यूनियन को 'खटका' कंपनी का एक और प्रोडक्ट, लिया बड़ा फैसला
संपादक की पसंद