Google ने फर्जी ऐप के जरिए किए जाने वाले नए स्कैम को लेकर चेतावनी जारी की है। गूगल की थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप ने एक नए UNC6040 हैकर्स ग्रुप का पता लगाया है, जो फर्जी बिजनेस ऐप के जरिए लोगों का डेटा चुरता है। फिर इस डेटा का इस्तेमाल लोगों के बैंक अकाउंट्स में सेंध लगाने के लिए किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स यूरोप और अमेरिकी यूजर्स के अकाउंट्स में फर्जी Salesforce ऐप के जरिए सेंध लगा रही है।
बता दें Saleforce एक क्लाउड बिजनेस सर्विस है, जो कई बड़ी कंपनयों के यूजर्स का डेटा हैंडल करती है। गूगल की थ्रेट टीम के मुताबिक, फर्जी सेल्सफोर्स डेटा लोडर ऐप के जरिए हैक्स यूजर्स की जानकारियां कलेक्ट करते हैं, फिर उसका इस्तेमाल फ्रॉड के लिए किया जाता है। यही नहीं, इसके लिए हैकर्स वॉइस कॉल का भी सहारा लेते हैं, ताकि मॉडिफाइड सेल्सफोर्स ऐप सेटअप पेज को अप्रूव करा सके।
गूगल की चेतावनी
गूगल ने यूजर्स को इस तरह के कॉल्स और फर्जी ऐप्स को इंस्टॉल करने को लेकर चेतावनी जारी की है। अपनी चेतावनी में गूगल की थ्रेट टीम ने बताया कि अगर कोई कर्मचारी इस ऐप को अपने डिवाइस में इंस्टॉल कर लेता है, तो हैकर्स के पास सेल्सफोर्स से जुड़ी कई सेंसेटिव जानकारियों का एक्सेस पहुंच जाता है। हैकर्स मौका पाते ही क्लाउड सर्वर पर भी अटैक कर सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स अब लोगों की निजी जानकारियां चुराने के लिए सोशल इंजीनियरिंग का सहारा ले रहे हैं। पहले लोगों को कॉल करके उनको अपनी बातों के जाल में फंसाकर जानकारियां निकालने की कोशिश करते हैं। बड़ी टेक कंपनियों में काम करने वाले कई लोग हैकर्स की जाल में फंस जाते हैं और उनकी बातों में आकर अहम जानकारियां शेयर कर देते हैं।
सेल्सफोर्स ने भी अपने ग्राहकों को 'वॉइस फिशिंग' और 'विशिंग' अटैक को लेकर चेतावनी जारी की है। कंपनी ने अपने मार्च के ब्लॉग पोस्ट में फर्जी डेटा लोडर के जरिए होने वाले साइबर अटैक की चेतावनी दी है।
कैसे बचें?
- किसी अनजान नंबर से आने वाले कॉल्स को इग्नोर करें और किसी के साथ अपनी निजी और अहम जानकारी शेयर न करें।
- मैसेज और ई-मेल में आने वाले लिंक्स को ओपन न करें।
- किसी भी रिवॉर्ड की लालच में न फंसे और जल्द मुनाफा वाले निवेश वाले ऑफर से बचें
साइबर अपराध की ज्यादातर घटनाएं लोगों की छोटी सी गलतियों की वजह से होती हैं। इस तरह की घटनाओं से सावधानी के साथ ही बचा जा सकता है। आप जितने सतर्क रहेंगे, उतना ही आप साइबर अपराधियों की जाल में फंसने से बच सकते हैं।
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