ईश मुहम्मद नाम के शख्स ने बकरीद के मौके पर खुद का गला रेत लिया और कुर्बानी दी। उसने कुर्बानी देने से पहले एक लेटर भी लिखा, जिसमें उसने ऐसा करने की वजह बताई है।
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण पहले ही बकरीद के लिए गाइडलाइन जारी कर चुके हैं। इसके अनुसार लोगों को कोई भी नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं है। वहीं कुर्बानी के बाद पशु का बचा हुआ हिस्सा भी खुले में नहीं फेंकने की सलाह दी गई है।
यूपी समेत देशभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मस्जिदों और ईदगाह के बाहर भी पुलिस मुस्तैद है। साथ ही बकरीद पर कुर्बानी को लेकर गाइडलाइन भी जारी की गई है।
बकरीद से पहले देशभर में बाजारों में रौनक देखी गई। दिल्ली, श्रीनगर, गुवाहाटी, कोलकाता और रांची में लोग कुर्बानी के लिए बकरों और भेड़ों की खरीदारी करते नजर आए। सेवइयों की भी भारी मांग देखने को मिली।
राजस्थान से बड़ी संख्या में बकरों को कार्गो फ्लाइट से यूएई के लिए भेजा गया है। इन बकरों को ईद-अल-अज़हा (बकरीद) के त्योहार के चलते खाड़ी देश भेजा गया है। वहां से इन बकरों की डिमांड त्योहार के चलते आई हुई थी।
यूपी डीजीपी की तरफ से कहा गया है कि बकरीद के मौके पर कोई नई परंपरा न शुरू हो। इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी रास्ता ब्लॉक न हो।
दिल्ली सरकार ने बकरीद से पहले गैरकानूनी कुर्बानी रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी, प्रतिबंधित जानवरों की बलि, और सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने पर सख्त रोक लगाई गई है।
बकरा ईद आने में कुछ ही दिन बाकी हैं, ऐसे में अब कुर्बानी को लेकर गुजरात के पंचमहल में अधिसूचना जारी की गई है। इस अधिसूचना का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति दंड का भागी होगा। उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बकरीद पर एक मुस्लिम देश ने बकरे समेत किसी भी अन्य पशु की कुर्बानी नहीं करने का फैसला करके दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है। मोरक्को ने बकरीद पर सारे पशु बाजारों को बंद कर दिया है। मोरक्को का यह फैसला भारत समेत दुनिया भर के मुसलमानों के लिए बड़ा संदेश है।
बकरीद के दौरान गोवंशों की सुरक्षा के लिए विश्व हिंदू परिषद पूरी तैयारी में है। इसे लेकर महाराष्ट्र की सीमा पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता चौकी लगाकर चौकसी करेंगे।
सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का एक वीडियो शेयर हो रहा है, जिसे लेकर यूजर्स दावा कर रहे हैं कि पीएम मोदी ने कहा कि 17 जून को बकरीद है। नमाज के बाद मुसलमानों से छेड़खानी न करें।
बलरामपुर में बकरीद के दिन सगी चार बहनों की मौत हो गई है। त्योहार मनाने के लिए चारों बहनें ननिहाल आई थीं। वहीं नहाते समय चारों बहनों की डूबने से मौत हो गई। माता पिता रो-रो कर बेहाल है।
यूपी के औरैया जिले में नमाज के दौरान मस्जिद का छज्जा गिर गया। इस दौरान मलबे के नीचे कई नमाजी दब गए। आनन-फानन में सभी को अस्पताल पहुंचाया गया।
बकरीद के मौके पर दिल्ली की जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने के लिए पहुंचे। वहीं, पुलिस इस मौके पर सतर्कता बरत रही है ताकि असामाजिक तत्व अराजकता न फैला सकें।
Bakrid 2024: बकरीद में कुर्बानी के इन नियमों का पालन करना जरूरी होता है। तो आइए आज बकरीद के मौके पर जानते हैं ईद-उल-अजहा से जुड़ी मान्यताओं के बारे में।
बुरहानपुर के बकरा बाजार में चाय पीने वाला बकरा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस बकरे को देखने के लिए कई लोग आते हैं। इससे दुकानवाले की कमाई बढ़ जाती है और उसने बकरे की चाय मुफ्त कर दी है।
17 जून को बकरीद, 18 जून को ज्येष्ठ माह का मंगल का पर्व और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन है। जुलाई महीने में मोहर्रम और कांवड़ यात्रा जैसे पवित्र कार्यक्रम होने हैं। यह समय कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। शासन-प्रशासन को 24 घंटे एक्टिव मोड में रहने की जरूरत है।
Bakrid 2024: मुस्लिम धर्म में बकरीद का खास महत्व है। इस दिन बकरे की कुर्बानी दी जाती है और इसका तीन हिस्सा कर के दोस्तों, जरूरतमंदों और परिवार में बांटा जाता है। बकरीद को कुर्बानी का प्रतीक माना गया है।
बकरीद बीत गई लेकिन अभी तक कुर्बानी के लिए खरीदे गए एक बकरे के मालिकाना हक का विवाद रीवा पुलिस सुलझा नहीं पाई है।
बकरीद पर दोपहर की नमाज पढ़कर आ रहे नमाजी गाय को नाले में फंसा देख मदद के लिए रुक गए और मोटी रस्सी मंगवाकर उसके सहारे गाय को निकालने की कोशिश की।
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