म्यांमार में आए महाविनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा अब 1000 के पार पहुंच गया है। म्यांमार में कई जगह धरती फट गई है। बड़ी-बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह सेकेंडों में भरभरा कर गिर गई हैं।
भारत सरकार भूकंप से बचाव के लिए नीतियां बना रही है, सुरक्षा दिशानिर्देश तैयार कर रही है और लोगों को जागरूक कर रही है। सरकारी एजेंसियां भूकंप की निगरानी और आपदा से निपटने के तरीकों पर काम कर रही हैं, जिससे भूकंप की स्थिति में नुकसान कम हो सके।
म्यामांर में शक्तिशाली भूकंप के बाद से भारी नुकसान हुआ है। इस भूकंप में 1000 लोगों की मौत हो गई है। पीएम मोदी ने इस भूकंप के बाद चिंता जाहिर की थी। इसके बाद अब भारत की ओर से म्यांमार को 15 टन से अधिक की राहत सामग्री भेजी गई है।
म्यांमार में शुक्रवार को आए जोरदार भूकंप की वजह से भारी नुकसान हुआ। इसमें 1000 लोगों की मौत भी हो गई। वहीं अब शनिवार की सुबह-सुबह अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
म्यांमार में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रात को 11 बजकर 56 मिनट पर भूकंप आने की वजह से लोग अपने घरों से बाहर निकल गए।
थाईलैंड-म्यांमार में आए शक्तिशाली भूकंप के झटके का एहसास चीन समेत कई देशों में हुआ है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार थाईलैंड और म्यांमार में ऊंची इमारत गिरने से 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।
एक के बाद एक दो लगातार भूकंप से म्यांमार और थाइलैंड दहल उठा है। कहीं निर्माणाधीन इमारत जमींदोज हो गई तो कहीं धूल का गुब्बार उठ गया। 51 साल पुराना पुल भी मिट्टी में मिल गया। 7.7 मैग्नीट्यूड वाले इस भूकंप ने दोनों देशों को हिलाकर रख दिया।
थाईलैंड में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया गया है, ऐसे में जो भी भारतीय थाईलैंड में किसी भी जगह फंस गए हैं वे इंडियन एंबेसी के इन नंबर से संपर्क कर सकते हैं।
म्यांमार में इससे पहले भी बड़े भूकंप आ चुके हैं। 2004 में यहां कोको आइलैंड में 9.1 से 9.3 मैग्नीट्यूड की तीव्रता वाला भूकंप आया था। इसका केंद्र सतह से 30 किलोमीटर नीचे था। यहां 31 बार 7 या उससे ज्यादा तीव्रता के भूकंप आ चुके हैं।
म्यांमार और थाइलैंड में आए शक्तिशाली भूकंप से जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। कई ऊंची-ऊंची बिल्डिंगें गिर गईं हैं। सड़कों पर मलबा बिखरा पड़ा हुआ है। पीएम मोदी ने दोनों देशों को हरसंभव मदद दिए जाने का ऐलान किया है।
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.7 मापी गई है। थाईलैंड और म्यांमार में स्टेट इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। वहीं म्यांमार के शासक जुंटा ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता मांगी है।
म्यांमार में आए भयानक भूकंप में अंग्रेजों के समय में बनाया गया ऐतिहासिक पुल भी धराशाई हो गया है। एक नदी के ऊपर बनाया गया यह पुल कई खंडों में टूट गया है।
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भूकंप का झटका इतना तेज आया कि इसके प्रभाव से कोलकाता भी हिल गया। भारत के कई अन्य हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस हुए हैं।
थाईलैंड, म्यांमार समेत पूर्वोत्तर भारत में आज दोपहर 1:30 बजे शक्तिशाली भूकंप आया था। इस भूकंप की तीव्रता 7.7 थी, जिसकी वजह से कई इमारतें गिर गई। आप अपने स्मार्टफोन में एक सेटिंग्स ऑन करके भूकंप आने पर अलर्ट हो सकते हैं।
म्यांमार में शुक्रवार को जोरदार भूकंप के झटकों से धरती कांप उठी। ये झटके इतने जबरदस्त थे कि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी इन्हें महसूस किया गया। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार 20 मौतें हुई हैं। जबकि अनादोली अजांसी नामक विदेशी एजेंसी के अनुसार अब तक 26 मौतें हो चुकी हैं।
बैंकॉक में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने की वजह से इमारतें हिलने लगीं और एक निर्माणाधीन इमारत गिर भी गई। लोगों को दहशत के चलते इमारतों से बाहर निकलते हुए देखा गए।
थाईलैंड में शुक्रवार को भयंकर भूकंप के झटके लगे हैं। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई है। इस भूकंप का केंद्र म्यांमार में था।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, गुरुवार को सिंगरौली, मध्य प्रदेश में 3.5 तीव्रता का हल्का भूकंप आया।
भारत के पड़ोसी देश चीन में बुधवार की सुबह सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोग दहशत में आ गए हैं। दिनभर लोगों के बीच भय का माहौल रहा। किसी अनहोनी की सूचना नहीं मिली है।
अंडमान सागर में भूकंप आया है। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई है। इसकी गहराई 75 किलोमीटर थी। इसके अलावा तजाकिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
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