भारत ने म्यांमार की सहायता के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया है। इसके तहत राहत और बचाव दलों के साथ खाद्य और रशद सामग्री की पूर्ति कर रहा है। म्यांमार में लोग अब भी सड़कों पर सो रहे हैं, क्योंकि उन्होंने प्रारंभिक भूकंप के बाद से 1,000 से अधिक भूकंपीय झटके महसूस किए हैं जिससे वे डरे हुए हैं।
ताइवान में एक बार फिर भूकंप से धरती कांप गई है। यहां भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.8 मापी गई है।
इंडोनेशिया के पश्चिमी आचे प्रांत में मंगलवार की सुबह 5.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे लोग दहशत में आ गए। हालांकि सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
भारत सरकार ने म्यांमार के भूकंप पीड़िता के लिए राहत सामग्री भिजवाई है। दरअसल ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भारत ने 31 टन राहत सामग्री भेजी है।
भारत ने म्यांमार के भूकंप पीड़ितों के लिए मदद का दायरा और बढ़ा दिया है। रविवार को भारतीय वायुसेना का विमान 31 टन की अतिरिक्त राहत सामग्री लेकर म्यांमार के लिए रवाना हुआ है।
28 मार्च को म्यांमार में 7.7 मैग्नीट्यूड का खतरनाक भूकंप आया था। इस भूकंप ने म्यांमार ने भारी तबाही मचाई थी। देश में अब भी राहत बचाव कार्य जारी है। भूकंप के मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए अब एक खास तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। पापुआ न्यू गिनी के पड़ोसी देश ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी सुनामी की चेतावनी नहीं जारी की गई है।
नेपाल की धरती भूकंप के जोरदार झटकों से हिल गई है। शाम करीब 7.55 बजे यह भूकंप आया है। इससे लोग डर कर अपने घरों से बाहर की ओर भागने लगे। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.0 दर्ज की गई है। इसका केंद्र जमीन से करीब 20 किलोमीटर की गहराई में था।
म्यांमार के मांडले शहर में गत शुक्रवार को आए भूकंप में राहत और बचाव कार्य कर रही एनडीआरएफ की टीम को लोगों की ओर से जमकर सराहना मिल रही है। भारतीय टीम ने अब तक मलबे में दबे 30 से ज्यादा शवों को बाहर निकाला है।
महाराष्ट्र राज्य के सोलापुर जिले में गुरुवार को भूकंप का झटका लगा है। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि भूकंप के कारण अब तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं आई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थाईलैंड के साथ विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता जाहिर की है। साथ ही दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और पर्यटन के संबंधों को बढ़ावा देने पर बल दिया है। इस दौरान उन्होंने भूकंप में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
म्यांमार में जुंटा सरकार ने रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए एकतरफा युद्ध विराम का ऐलान किया है। इसके साथ ही सशस्त्र समूहों और विद्रोहियों से सैन्य ठिकानों पर हमले नहीं करने की अपील की है।
म्यांमार के बाद अब एक और एशियाई देश जापान में भी भयानक भूकंप आया है। आइए जानते हैं कि रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता कितनी रही है।
म्यांमार में गत शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप में एक शख्स को 5 दिन बाद जीवित निकाला गया है। इस घटना ने उस कहावत को एक बार फिर से चरितार्थ किया है, जिसमें कहा गया है, "जाको राखे साईंयां, मार सके न कोय।"
म्यांमार में चीनी रेड क्रॉस के एक काफिले पर हमला हो गया है। बताया जा रहा है कि इस काफिले की 9 ट्रकों पर उस वक्त गोलीबारी की गई, जब वह भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री पहुंचाने जा रहे थे।
थाईलैंड और म्यांमार के बाद अब जापान में मेगा महाभूकंप की चेतावनी ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। इस भूकंप को धरती के सबसे भयानक भूकंप के रूप में देखा जा रहा है। इसमें 3 लाख से ज्यादा लोगों के मौतों की आशंका जाहिर की गई है।
म्यांमार में एक दिन में आज दूसरी बार फिर धरती कांप गई है। यहां भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। इन भूकंपों से जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
पाकिस्तान में देर रात भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए है। भूकंप से फिलहाल किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 थी।
लेह, लद्दाख में मंगलवार शाम 5:38 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इस भूकंप के बारे में जानकारी दी है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई।
म्यांमार में भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 2700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। राहत और बचाव का काम जारी है। मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
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