जानकार के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की स्थिरता और संभावित फेड कट के चलते इस सप्ताह सोने की कीमतें मजबूत बनी रहीं। ग्लोबल मार्केट में सोना जल्द ही USD 4,400 के ऐतिहासिक उच्च स्तर को भी छू सकता है।
सोने के विपरीत गुरुवार को चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। वैश्विक बाजार में भी सोने में नरमी दिखी, जबकि चांदी मामूली रूप से मजबूत हुई।
ग्लोबल मार्केट में सोमवार को सोने की कीमतें गिरकर लगभग 4,040 डॉलर प्रति औंस पर आ गईं, जो शुक्रवार की गिरावट का ही विस्तार है। सोना अब भी वर्ष-दर-वर्ष लगभग 54% ऊपर है।
गोल्ड स्पॉट मूल्य वैश्विक स्तर पर 0.38% गिरकर USD 4,061.91 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। जानकार का कहना है कि घरेलू बाजार में सोने की कीमत Rs 1,20,000 – Rs 1,24,000 प्रति 10 ग्राम के रेंज में रहने की संभावना है।
सेबी ने इस महीने की शुरुआत में निवेशकों को डिजिटल और ई-गोल्ड उत्पादों में निवेश से सावधान रहने की सलाह दी थी। इसमें कहा था कि ये उत्पाद सेबी के नियामकीय ढांचे से बाहर हैं, और इनमें निवेश करने से काफी जोखिम बढ़ जाते हैं।
मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। बुधवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 3900 रुपये टूटकर 1,25,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी।
सोमवार को चांदी के दाम में 1000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी। पिछले हफ्ते शुक्रवार को चांदी की कीमतों में 4200 रुपये की बड़ी गिरावट आई थी। बीते 3 सत्रों में चांदी की कीमतों में कुल 13,000 रुपये की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
जहां एक तरह आज सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर आज चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
सोने और चांदी की चमक कम होने का नाम नहीं ले रही। 13 नवंबर, गुरुवार की सुबह कमोडिटी मार्केट खुलते ही दोनों कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। जहां सोने के दाम में लगातार उछाल जारी है, वहीं चांदी ने तो रफ्तार पकड़ ली है और निवेशकों को चौकाने वाला रिटर्न दे रही है।
बुधवार को चांदी की कीमतों में भी ताबड़तोड़ तेजी देखने को मिली। आज चांदी की कीमतें 5540 रुपये की जोरदार तेजी के साथ 1,61,300 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पर पहुंच गईं।
दिसंबर डिलीवरी के लिए सोने और चांदी की कीमत में उछाल देखा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि सोने की कीमतों में आगे भी काफी उतार-चढ़ाव के दौर आ सकते हैं।
सोमवार को हाजिर सोना 83.12 डॉलर या 2.08 प्रतिशत बढ़कर 4,082.84 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि हाजिर चांदी 3.30 प्रतिशत बढ़कर 49.93 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
अक्टूबर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने की कीमतों में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। विशेषज्ञ गिरावट पर इन्हें खरीदने की सलाह दे रहे हैं।
सोना और चांदी दोनों ही सुरक्षित निवेश के विकल्प हैं। हालांकि, चांदी की औद्योगिक मांग भी बहुत ज्यादा है और सोना, चांदी की तुलना में कम अस्थिरता के साथ बेहतर पूंजी संरक्षण प्रदान करता है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलिवरी वाले सोने का वायदा भाव पिछले सप्ताह 165 रुपये या 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ शुक्रवार को 1,21,067 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
सेबी ने कहा कि ऐसे डिजिटल गोल्ड प्रोडक्ट सेबी-रेगुलेटेड गोल्ड प्रोडक्ट्स से अलग हैं, क्योंकि इन्हें न तो सिक्यॉरिटी के रूप में नोटिफाई किया गया है और न ही कमोडिटी डेरिवेटिव के रूप में रेगुलेट किया गया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर आपूर्ति वाले सोने का वायदा भाव पिछले हफ्ते 165 रुपये यानी 0.14 प्रतिशत गिरकर शुक्रवार को 1,21,067 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
सुरक्षित निवेश की मांग और अमेरिकी डॉलर में मामूली गिरावट के कारण गुरुवार को सोने में तेजी आई।
सोने की कीमतों में बीते कुछ सत्रों से लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। जानकारों का कहना है कि दोनों बहुमूल्य धातुओं की कीमत में अभी आगे भी उथल-पुथल देखने को मिल सकता है।
भारत समेत दुनियाभर में सोने और चांदी की कीमतों में लगातर गिरावट देखी जा रही है। सोने-चांदी की कीमतों में जारी गिरावट के बीच शादी-विवाह के सीजन में खरीदारी करने वाले लोगों को राहत मिली है।
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