Greenland: ग्रीनलैंड 80 फीसदी बर्फ से ढका स्वायत्त क्षेत्र है, जो डेनमार्क के नियंत्रण में है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को हर हाल में लेना चाहते हैं। इसे लेकर अमेरिका और यूरोपीय संघ में भारी तनाव आ गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आइसलैंड क्रिकेट बोर्ड के अकाउंट की तरफ से एक पोस्ट किया गया है जो अभी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस पोस्ट को अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हुए हाल के हमले से जोड़ कर किया गया है।
आइसलैंड में तेजी से पिघल रही बर्फ ने यूरोप के अस्तित्व का खतरा बढ़ा दिया है। आर्कटिक सागर में बर्फ के बड़े-बड़े पहाड़ ग्लोबल वार्मिंग के चलते ढह रहे हैं। यह हिमयुग के खतरे को बढ़ा रहा है। इससे दुनिया भर के वैज्ञानिक चिंतित हैं। जानें अगर "आइस एज" आया तो क्या होगा?
यूरोप में एक ऐसा देश है जहां पर मच्छर नहीं पाए जाते थे। हालांकि, अब वैज्ञानिकों यहां मच्छरों के पाए जाने की पुष्टि कर दी है। इस मामले के सामने आने के बाद हर कोई हैरान हो गया है।
ज्वालामुखी का नाम सुनते ही मन में डर के साथ-साथ आश्चर्य से भर जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ज्वालामुखी धरती के प्राकृतिक आश्चर्यों में शामिल हैं। चलिए आपको आइसलैंड में हुए ज्वालामुखी विस्फोट के बारे में बताते हैं।
एक आइसलैंडिक फोटोग्राफर ने बर्फ पर बहते लावा की दुर्लभ तस्वीर खींची है, जिसे देख लोगों को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा है। वीडियो में कई लोगों ने दावा किया है कि यह वीडियो AI जनरेटेड है।
यह सोचकर ही आपके होश फाख्ते हो जाएंगे कि महज 14 घंटे में किसी देश में 800 बार भूकंप आ जाए तो क्या होगा?...मगर आइसलैंड में यह घटना घटित हो जाने से हाहाकार मच गया है। यहां 14 घंटे में 800 बार धरती भूकंप के जोरदार झटकों से हिल चुकी है। इसके बाद सरकार ने इमरजेंसी लगा दी है।
अंटार्कटिका की पिघलती बर्फ ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों के होश उड़ा दिए हैं। यह महाविनाश का संकेत तो नहीं। क्या आगामी समय में धरती और अधिक गर्म होने वाली है, क्या धरती फिर से आग का गोला बनेगी। लगातार तेजी से गर्म होता तापमान वैसे भी शुभ संकेत नहीं दे रहा।
रूस ने शनिवार को कहा कि जब आइसलैंड मॉस्को में अपने दूतावास के संचालन को निलंबित करने वाला पहला देश बन जाएगा, तब हम जवाब देंगे।
आइसलैंड की राजधानी रेक्यावीक में 800 साल से शांत पड़ा ज्वालामुखी फूटा |
इस मैच में आइसलैंड की अगले दौर में जाने की संभावनाएं थीं। इसके लिए उसे क्रोएशिया को हराना पड़ता साथ ही दुआ करनी थी कि अर्जेटीना इसी ग्रुप के दूसरे मैच में नाइजीरिया को मामूली अंतर से हरा दे।
ग्रुप-डी से अगले दौर में जाने के लिए आइसलैंड को इस मैच में सिर्फ जीत की जरूरत ही नहीं है बल्कि दुआ करनी होगी कि अर्जेंटीना अपने अंतिम मैच में नाइजीरिया को मात दे दे।
फीफा विश्व कप में अपने पहले मैच में आइसलैंड की टीम ने अर्जेंटीना को चौंका दिया था।
फुटबाल विश्व कप में भाग लेने वाला जनसंख्या के आधार पर सबसे छोटा देश आइसलैंड 2016 यूरोपीय चैम्पियनशिप की तरह रूस में 14 जून से शुरू हो रहे वैश्विक टूर्नामेंट में भी बड़ा उलटफेर करना चाहेगा।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़