ईरान पर अमेरिका ने नये प्रतिबंध लगा दिया है। ईरान के गृहमंत्री को ट्रंप प्रशासन ने 6 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत का जिम्मेदार भी ठहराया है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को फिर से चेतावनी दी है और कहा है कि किसी भी हमले का हम तुरंत जवाब देंगे।
अमेरिका ईरान पर संभावित हमले की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर धमकी दी है साथ ही यह भी कहा है कि तेहरान के लिए समय खत्म हो रहा है और जल्द समझौता होना चाहिए।
अमेरिकी हमले की आशंका के बीच बृहस्पतिवार को यूरोपीय संघ ने ईरान पर बहुत बड़ी कार्रवाई कर दी है। अपनी इस कार्रवाई को यूरोप ने ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों के दमन का जवाब बताया है।
यूरोप के इस फैसले से ईरान में 1979 इस्लामी क्रांति की रक्षा करने वाले IRGC पर दबाव बढ़ाएगा, जो बसिज मिलिशिया के साथ विरोध दबाने में प्रमुख भूमिका निभा रहा है। EU का यह फैसला मानवाधिकार उल्लंघनों पर सख्त रुख दिखाता है, हालांकि इसे सर्वसम्मति से पास होना होगा। ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय प्रभाव अब देखने लायक होंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। तनाव के बीच ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने मुंबई में भारत के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर पवन कपूर से बातचीत की है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बार-बार दी जा रही धमकियों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है।
अगर अमेरिका ने किसी भी सूरत में तेहरान पर हमला किया तो पड़ोसी मुस्लिम देश तेहरान के साथ खड़ा होगा। लेबनान के शिया लीडर ने एक वीडियो बयान जारी करके यह घोषणा की है।
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ताजा धमकी का कड़ा जवाब दिया है। न्यूयॉर्क में ईरान के मिशन ने अमेरिका को इराक और अफगानिस्तान में हमले की गलती करने वाली याद दिलाई है, जिसमें अमेरिका के 7 हजार सैनिक मारे गए थे।
ईरान में ये प्रदर्शन 28 दिसंबर को रियाल की वैल्यू में भारी गिरावट के विरोध में शुरू हुए थे और जल्द ही देश के अलग-अलग हिस्सों में भी तेजी से फैल गए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई को नई चेतावनी दी है। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट पर लिखा कि समय तेजी सेस बीत रहा है। जल्दी बातचीत की मेज पर आओ, नहीं तो बहुत बड़ी बर्बादी होगी। विशाल आर्माडा तेजी से ईरान की ओर बढ़ रहा है।
अमेरिका ने ईरान की ओर एक और जंगी बेड़ा रवाना कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बात का ऐलान किया है। ट्रंप ने यह भी कहा है कि उम्मीद है कि ईरान के साथ जल्द ही डील हो जाएगी।
अमेरिका का जंगी बेड़ा मध्य पूर्व पहुंच चुका है। ईरान से टकराव के बीच अमेरिका को इस दौरान बड़ा झटका भी लगा है। सऊदी अरब ने कहा है कि वह ईरान पर हमले के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा।
अमेरिका ने बड़ा संकेत दिया है कि वो ईरान पर हमला कर सकता है। ईरान ने कहा है कि उसने अमेरिका या इज़राइल के किसी भी हमले का करारा और निर्णायक जवाब देने की कसम खाई है। जानें अब आगे क्या होगा?
संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने कहा है कि वह ईरान को निशाना बनाने वाले किसी भी सैन्य अभियान के लिए अपने हवाई क्षेत्र, जमीन या क्षेत्रीय जल को इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा।
अमेरिका का विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन मिडिल ईस्ट पहुंच चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बार-बार चेतावनी दी है। यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिका के सबसे घातक जंगी बेड़ों में से एक है।
Iran में नरसंहार कर, Nuclear Bunker में Khamenei!
भारत ने यूएनएचआरसी के मंच पर खुलकर ईरान के समर्थन में वोट किया है। इसके लिए ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली ने एक्स पर पोस्ट के माध्यम से भारत सरकार का आभार जताया है।
ईरान ने ट्रंप के उस बयान को झूठा करार दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने अमेरिका के डर से 800 से ज्यादा लोगों की फांसी टाल दी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि अगर ईरान में लोगों को फांसी दी जाती है अमेरिका पहले से जोरदार हमला करेगा।
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