बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की है। तेजस्वी ने कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ विस्तृत बातचीत की है।
पटना से दिल्ली रवाना होते समय वीआईपी चीफ मुकेश सहनी ने महागठबंधन की सेहत को लेकर तंज कसा है। सहनी ने कहा कि महागठबंधन थोड़ा अस्वस्थ है।
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया है लेकिन महागठबंधन में अब तक सीटों का पेंच सुलझा नहीं है। आज राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बीच सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा हो सकती है जिसके बाद महागठबंधन के सीट शेयरिंग का ऐलान संभव है।
बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है। NDA और महागठबंधन के के घटक दलों ने अभी तक सीटों के बंटवारे को लेकर कोई आंकड़ा नहीं दिया है। इस बीच प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव के गढ़ राघोपुर से चुनावी बिगुल फूंक दिया है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन से साफ अल्टिमेटम दिया है, कि अगर 14 अक्टूबर तक उन्हें सम्मानजनक सीटें नहीं मिलतीं, तो वे अपने रास्ते पर फैसला लेंगे। JMM ने कम से कम 12 सीटों की मांग की है और सीटों का तुरंत बंटवारा चाहा है।
Bihar Assembly election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) महागठबंधन में शामिल होने जा रही है। IIP के अध्यक्ष आईपी गुप्ता ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की है।
महागठबंधन के संभावित उम्मीदवारों को जो लिस्ट सामने आई है। इस लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल हैं। इन लोगों को अपने विधानसभा क्षेत्र में चुनाव की तैयारी में लग जाने को कहा गया है।
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के नेता चिराग पासवान ने एनडीए के सीट बंटवारे को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। बीजेपी नेताओं और चिराग पासवान के बीच लंबी बातचीत के बाद चिराग पासवान ने कहा है कि सीटों के अलावा भी कई चीजों पर विस्तार से बात हो रही है।
Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख के ऐलान के बाद सियासी हलचल तेज है। बैठकों के ताबड़तोड़ दौर के बावजूद, सत्ताधारी गठबंधन एनडीए से लेकर विपक्षी महागठबंधन तक सीट शेयरिंग की गुत्थी उलझी हुई है।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर रस्साकशी तेज हो गई है। कांग्रेस ने 22+ उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगा दी है और गठबंधन में 60 से ज्यादा सीटों के मिलने की उम्मीद जताई है।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले NDA में सीटों को लेकर तनाव बढ़ गया है। जीतनराम मांझी ने 15 सीटों की मांग की है, वरना चुनाव न लड़ने की धमकी दी है। चिराग पासवान ने भी इशारों में सहयोगियों को चेतावनी दी। महागठबंधन में भी सीट बंटवारे को लेकर उलझन जारी है।
बिहार में 6 और 11 नवंबर को विधानसभा चुनाव का आयोजन होगा। चुनाव से पहले महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर पेंच फंसा हुआ है। अब इस बारे में VIP चीफ मुकेश सहनी ने बड़ा दावा किया है।
आज महागठबंधन पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सीट बंटवारे का ऐलान कर सकता है। सूत्रों की मानें तो बिहार में इंडिया ब्लॉक में राजद बड़े भाई की भूमिका में होगा। वहीं, इस बार कांग्रेस कुछ सीटों की कुर्बानी देने के लिए भी तैयार दिख रही है।
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द ही हो सकता है, इससे पहले महागठबंधन ने अति पिछड़ा कार्ड खेल दिया है। जानें बिहार में अति पिछड़ी कितनी जातियां हैं और राहुल तेजस्वी ने उनके लिए क्या वादे किए हैं?
बिहार में आज महागठबंधन अति पिछड़ों को लुभाने के लिए बड़ा ऐलान करने वाला है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इसकी घोषणा करेंगे।
जिन नीतीश कुमार के बारे में तेजस्वी यादव बार-बार ये कहते हैं कि वो सरकार नहीं चला सकते, फैसले नहीं ले सकते, बोल नहीं सकते पहचान नहीं सकते, उन्हीं नीतीश कुमार ने आजकल तेजस्वी की नाक में दम किया हुआ है। वो हर रोज ऐसे फैसलों का ऐलान करते हैं जो एक-एक करके उनके सपोर्ट बेस को और पक्का करता है।
Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव में राज्य में महुआ विधानसभा सीट काफी चर्चा का विषय है। आइए जानते हैं कि इस सीट पर क्या है चुनावी समीकरण।
बिहार में चुनाव से पहले महागठबंधन ने माई-बहिन योजना के लिए फॉर्म भरवाना शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत महिलाओं को 2500 रुपये देने की बात कही गई है। इस मामले में सम्राट चौधरी ने विपक्ष को पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बिहार में वोटर लिस्ट की जांच के खिलाफ महागठबंधन का विरोध जारी है। राज्य के अलग-अलग में चक्का जाम किया जा रहा है। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और पप्पू यादव ने वोटर लिस्ट की जांच की प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण बताते हुए विरोध का बिगुल फूंक दिया है।
बिहार में मुस्लिम वोट 50 से ज्यादा सीटों पर निर्णायक हैं। RJD महागठबंधन इसे साधने की कोशिश में है, जबकि NDA पसमांदा मुस्लिमों पर दांव खेल रहा है। AIMIM की चुनौती और वोटों का बंटवारा समीकरण को उलझा रहा है।
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