Panchak 2022: आइए जानते हैं कब से कब तक है पंचक। साथ ही जानिए इस दौरान किन पांच कामों को करने की मनाही होती है।
Raksha Bandhan 2022: इस साल राखी बांधने के शुभ मुहूर्त को लेकर लोग काफी सोच में पड़ गए हैं क्योंकि 11 अगस्त को भद्रा का साया था और 12 अगस्त से पंचक शुरू हो रहे हैं। ऐसे में ज्योतिष की मानें तो पंचक के दौरान राखी नहीं बांधनी चाहिए।
पंचक काल के दौरान कोई भी मांगलिक कार्य करना अच्छा नहीं होता है। वहीं इस साल 16 जुलाई शनिवार से 20 जुलाई, बुधवार तक मृत्यु पंचक लग रहा है।
Mrityu Panchak 2022: पंचक में 5 जिन होते हैं और ये पंचक शुभ नहीं होते हैं, इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। इस महीने के पंचक शुरू हो चुके हैं और इस बार पंचक शनिवार से शुरू हुआ है इसलिए ये मृत्य पंचक है।
25 अप्रैल को सुबह से पंचक शुरू हो रहे हैं। जिसके साथ ही 29 अप्रैल तक कोई भी शुभ काम करने की मनाही है।
इस साल महाशिवरात्रि 1 मार्च, मंगलवार को पड़ रही है। इसके साथ ही इस दिन से पंचक भी शुरू हो रहे हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह में 5 दिन ऐसे आते हैं जिनमें कोई भी मांगलिक काम करने की मनाही होती है। इन पांच दिनों को पंचक कहा जाता है।
चंद्रमा पांच नक्षत्रों धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती से होकर गुजरता है, जिसके कारण इसे पांच दिन का पंचक कहा जाता है।
शुक्रवार को पंचक लगने के कारण इसे चोर पंचक के नाम से जाना जाएगा। जानिए कौन से कार्य करने की है मनाही।
3 जुलाई की सुबह 6 बजे तक पंचक रहेंगे। सोमवार को शुरू होने के कारण इसे राज पंचक कहा जाता है।
फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का व्रत किया जाता है। इसके साथ ही इस दिम पंचक भी लग रहे हैं। जानिए इस दिन कौन से काम करने की हैं मनाही।
ज्योतिष शास्त्र की मान्यता अनुसार, कुछ नक्षत्रों या ग्रह संयोग में शुभ कार्य करना बहुत ही अच्छा माना जाता है, वहीं कुछ नक्षत्रों में कोई विशेष कार्य करने की मनाही रहती है। शु
शुक्रवार को शुरू होने वालें पचंक को चोर पंचक कहते है। इस दिन यात्रा करने की मनाही होती है। जानिए इन दिनों में कौन से काम करने की है मनाही।
शनिवार को शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहते है। इस पंचक में शादी जैसे शुभ काम करने की मनाही होती है। जानिए इन दिनों में कौन से काम करने की है मनाही।
सोमवार को शुरू होने वाला पंचक राज पंचक कहलाता है। ये पंचक शुभ माना जाता है। इसके प्रभाव से इन पांच दिनों में सरकारी कामों में सफलता मिलती है। राज पंचक में संपत्ति से जुड़े काम करना भी शुभ रहता है।
1 सिंतबर मंगलवार को शुरू होने वाला पंचक अग्नि पंचक कहलाता है। इन पांच दिनों में कोर्ट-कचहरी और विवाद आदि के फैसले अपने पक्ष में लाने के लिए प्रयास किये जा सकते हैं।
आज दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से पंचक शुरू हो रहे हैं। शुक्रवार के कारण पड़ने के कारण इसे चोर पंचक कहा जाएगा जानें कौन से काम करने की है मनाही।
आज से पंचक भी शुरू हो गए हैं। जो 16 सितंबर तक रहेगा। पंचक में लकड़ी से जुड़ा कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।
Sawan Panchak: सावन माह के पवित्र मात्र में पंचक भी शुरू हो रहा है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार शुक्रवार को दोपहर 2 बजकर 58 मिनट से पंचक शुरू हो जाएगा। जानें कौन से काम करने की होती है मनाही।
इस बार पंचक 1 अप्रैल, सोमवार को सुबह से लेकर 6 अप्रैल, शनिवार की सुबह तक रहेंगे। जानें पंचक में कौन से काम करने की है मनाही।
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