Raksha Bandhan 2022: आज केवल इस समय तक ही बांध सकते हैं राखी, फिर लग जाएंगे पंचक!

Raksha Bandhan 2022: इस साल राखी बांधने के शुभ मुहूर्त को लेकर लोग काफी सोच में पड़ गए हैं क्‍योंकि 11 अगस्‍त को भद्रा का साया था और 12 अगस्‍त से पंचक शुरू हो रहे हैं। ऐसे में ज्योतिष की मानें तो पंचक के दौरान राखी नहीं बांधनी चाहिए।

Sushma Kumari Written By: Sushma Kumari @ISushmaPandey
Updated on: August 12, 2022 7:36 IST
Raksha Bandhan 2022- India TV Hindi News
Image Source : FREEPIK Raksha Bandhan 2022

Highlights

  • पंचांग के अनुसार, पंचक 5 दिन के होते हैं।
  • इस दौरान किसी भी शुभ काम को करने की मनाही होती है।

Raksha Bandhan 2022: हिंदू धर्म में किसी भी खास काम को करने के लिए पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है। फिर चाहे वो नया काम करना शुरू हो, गृह प्रवेश, त्‍योहार मनाने की हो, या फिर शादी आदि की हो। इन्हीं में से एक रक्षाबंधन का त्‍योहार है। इस पर्व को मनाने के लिए शुभ मुहूर्त जानना बेहद ही जरूरी होता है। आपको शुभ मुहूर्त देखकर ही राखी बांधनी चाहिए। ऐसे में जिन लोगों ने कल यानि 11 अगस्‍त को भद्रा काल की वजह से रक्षाबंधन सेलिब्रेट नहीं किया, वे आज (12 अगस्‍त) शुभ मुहूर्त देखकर राखी का त्‍योहार मना सकते हैं। 

ज्योतिष के अनुसार, शुभ मुहूर्त में राखी बांधने से भाई-बहन के जीवन में प्रेम बढ़ाता है। वहीं अशुभ समय में बांधा गया राखी जीवन में मुसीबत लेकर आता है। लेकिन, इस साल राखी बांधने के शुभ मुहूर्त को लेकर लोग काफी सोच में पड़ गए हैं क्‍योंकि 11 अगस्‍त को भद्रा का साया था और 12 अगस्‍त से पंचक शुरू हो रहे हैं। ऐसे में ज्योतिष की मानें तो पंचक के दौरान राखी नहीं बांधनी चाहिए। 

जानिए कब से शुरू हो रहे हैं पंचक? 

12 अगस्त - शुक्रवार, दोपहर 2 बजकर 49 मिनट से शुरू

16 अगस्त - मंगलवार, रात 9 बजकर 7 मिनट तक 

रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त 

12 अगस्‍त सुबह साढ़े 5 बजे से दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक

इस बार लग रहे हैं चोर पंचक 

पंचांग के अनुसार, पंचक 5 दिन के होते हैं। इस दौरान किसी भी शुभ काम को करने की मनाही होती है। यहां तक कि पंचक काल में हुई मृत्‍यु को भी अच्‍छा नहीं माना जाता है। ऐसी स्थिति में विशेष अनुष्‍ठान करके ही अंतिम संस्‍कार किया जाता है। वरना परिवार के अन्‍य लोगों पर मुसीबत आ सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा का गोचर घनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती में होता है तो पंचक लगता है। इसके अलावा कुंभ और मीन राशि में भी चंद्रमा का गोचर होता है तो पंचक लग जाता है। वहीं अलग-अलग दिन लगे पंचक के नाम अलग-अलग होते हैं। आज जो पंचक लग रहे हैं वो पंचक चोर पंचक हैं। इसको अच्‍छा नहीं माना जाता है। इसलिए पंचक लगने के बाद भाई को राखी न बांधें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। । इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है। 

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