नए साल में होम लोन सस्ता होने की पूरी उम्मीद है। आरबीआई ने 2023 में होम लाने पर बढ़ी ईएमआई में कमी नहीं की है। हालांकि, अब महंगाई कंट्रोल में है। ऐसे में बहुत उम्मीद है कि अगले साल यानी नए साल में आरबीआई कर्ज सस्ता करेगा।
Property Rate in Gurugram : इस साल प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी उछाल दर्ज हुई है। साल 2024 में भी प्रॉपर्टी मार्केट में यह तेजी जारी रहने के संकेत हैं। गुरुग्राम में प्रीमियम यानी महंगे घरों की कीमत में पिछले एक साल में 45 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।
करीब चार महीने पहले समिति बनी थी। समिति ने डेवलपर्स की खराब वित्तीय हालत को देखते हुए अपनी संस्तुतियां दी थी। समिति में उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के टॉप ब्यूरोक्रेट्स शामिल थे। सिफारिशें उत्तर प्रदेश सरकार को भेजी गई थी। सरकार ने गौतमबुद्ध नगर के तीनों विकास प्राधिकरणों को सिफारिशें भेजी था।
साल के अंत में प्रॉपर्टी ब्रोकर और डेवलपर्स के पास खरीदारों की भीड़ नहीं होती है। इसके चलते आप आसानी से सही प्रॉपर्टी का चयन कर सकते हैं।
माना जा रहा है कि बिल्डर अब अधिक मुनाफा कमाने के लिए लक्जरी आवासीय परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सस्ते मकानों में मुनाफे का मार्जिन भी कम रहता है। 1.5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले लक्जरी घरों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। वास्तव में पिछले पांच साल में यह तीन गुना हो गई है।
कोरोना महामारी के बाद घरों की रिकॉर्ड बिक्री का सिलसिला जारी है। इसके चलते पुराने सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं। त्योहारी सीजन में बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में नया रिकॉर्ड बन सकता है।
रियल एस्टेट निवेश पर संभावित रिटर्न निर्धारित करने में लोकेशन महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है। लोकेशन का चयन करने में आवश्यक सेवाओं, रेल स्टेशन, बस स्टेशन और एयरपोर्ट की दूरी, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पताल सुविधाओं की निकटता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए। इसके साथ ही यह ध्यान रखना चाहिए कि रियल एस्टेट निवेश लंबी अवधि
मेट्रो सिटी के आसपास बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री होती है, जिसमें हजारों लोग काम करने आते हैं। ये प्रॉपर्टी की मांग हमेशा बढ़ाने का काम करते हैं।
भारत 2047 में जब आजादी के 100 साल पूरे करेगा, उस समय देश की अर्थव्यवस्था का आकार 33,000 अरब अमेरिकी डॉलर और 40,000 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच हो सकता है।
प्रॉपर्टी ब्रोकर का कहना है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद समेत एनसीआर के आसपास के सभी प्रॉपर्टी लोकेशंस में प्रॉपर्टी की कीमत में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
रियल एस्टेट मामलों के विशेषज्ञ प्रदीप मिश्रा ने इंडिया टीवी को बताया कि अगर आप एंड यूजर्स हैं और अपने रहने के लिए घर खरीद रहें हैं तो नई प्रॉपर्टी लेना फायदे का सौदा होगा।
चेन्नई में घरों की बिक्री 6,951 इकाइयों से तीन प्रतिशत बढ़कर 7,150 इकाई हो गई। दिलचस्प बात यह है कि चेन्नई में कार्यालय स्थल की मांग दोगुना होकर 45 लाख वर्ग फुट पर पहुंच गई।
आरईआईटी विश्व में एक लोकप्रिय निवेश माध्यम है। भारत में कुछ साल पहले इसे रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए पेश किया गया था। यह बड़ी रियल एस्टेट संपत्तियों में खुदरा निवेशकों की भागीदारी को सक्षम बनाता है।
बिल्डरों ने खेल सुविधाएं विकसित करने के बजाय प्राथमिकता पर फ्लैट बनाकर बेच दिए जबकि खेल सुविधाएं विकसित नहीं की। इसके बाद प्राधिकरण का करीब 8200 करोड़ रुपए बकाया भी नहीं दिया।
सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स में छूट और वित्तीय लाभ के कुछ खास इंतजाम किए हैं। लेकिन सरकार की इन लाभकारी योजनाओं के इतने विस्तार के बाद भी अधिकांश महिलाओं को इनकी जानकारी नहीं होती है। आइए जानते हैं कि महिलाओं को अपने नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने के क्या फायदे होते हैं।
जिस तरह से लोग अपने लिए और व्हीकल के लिए इंश्योरेंस करवाते हैं। इसी तरह घर के लिए भी आप होम इंश्योरेंस पॉलिसी ले सकते हैं। हमारे देश में 5 तरह के होम इंश्योरेंस होते हैं। अगर आप इसे खरीदने जा रहे हैं तो इंश्योरेंस पॉलिसी में इन 5 चीजों की जांच करना ना भूलें।
रीट का मॉडल म्यूचुअल फंड की तरह है। जिस तरह म्यूचुअल फंड में निवेशकों का पैसा जुटाकर फंड मैनेजर अच्छी कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है, ठीक उसी तरह रीट में निवेशकों का पैसा रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश किया जाता है।
कोरोना महामारी के बाद घरों की मांग तेज बनी हुई है। ये कारण कीमत में इजाफा कराएंगे। ऐसे में अब बिना देरी किए घर या दुकान का सौदा करना सबसे सही फैसला होगा।
दिल्ली-एनसीआर में कीमतों में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 4,700-4,900 रुपये हो गई।
प्रॉपर्टी अच्छी लोकेशन, सही हालात में होने के बावजूद नहीं बिक पाती है। इसकी वजह होती है कि मार्केट के अनुसार उस प्रॉपर्टी की कीमत तय नहीं होना।
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