बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। भारत सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी के जरिए भारत सरकार बांग्लादेश में रह रहे भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद अब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पुनः होने वाले चुनाव के लिए अपने देश लौटेंगी। यह दावा उनके बेटे की ओर से किया गया है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि हसीना दोबारा चुनाव लड़ेंगी या नहीं।
बांग्लादेश में फैली हिंसा के बीच अर्थशास्त्री मुहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ ले ली है। यूनुस के शपथ लेने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है।
बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही बर्बरता पर विश्व हिन्दू परिषद के नेता गोविन्द शेंडे ने कहा है कि हिन्दू समाज के लोगों को 2 बच्चे पैदा करने चाहिए ताकि भारत में ऐसी स्थिति न आए।
हसीना के बेटे जॉय ने कहा, ‘‘मां देश छोड़ने को तैयार नहीं थीं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा टीम अंत तक उनकी सुरक्षा के लिए तैयार थी, लेकिन इससे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मौत हो जाती जो प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे। हमने बांग्लादेश की खातिर उन्हें (हसीना) मना लिया। हम उन्हें मरने नहीं देना चाहते थे।
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन से पहले इसके प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने भारत के साथ संबंधों और सार्क संगठन को लेकर बड़ा बयान दिया है। इससे यह तय होने वाला है कि बांग्लादेश की विदेश नीति अब किस तरह से बदल जाएगी।
बांग्लादेश में जिस तरह के हालात हैं उसे लेकर शेख हसीना की बेटी ने दुख जताया है। शेख हसीना की बेटी का नाम साइमा वाजिद है। साइमा वाजिद ने कहा है कि जिस बांग्लादेश से मैं प्यार करती हूं वहां लोगों की जान जाने से मेरा दिल टूट गया है।
बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बाद अंतरिम सरकार बनाने की प्रकिया जारी है। इस बीच अमेरिका ने भी बांग्लादेश को लेकर रुख साफ कर दिया है। अमेरिका ने कहा है कि उनकी सरकार बांग्लादेश के घटनाक्रम पर नजर रख रही है।
एक सप्ताह के भीतर बांग्लादेश में सियासी हवा पूरी तरह से बदल गई है। इतने व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए कि शेख हसीना को पद और देश दोनों छोड़ना पड़ा। रिहाई के बाद खालिदा जिया ने लोगों को संबोधित करते हुए बड़ी बातें कही हैं।
बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ लेंगे। इस बीच उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और हिंसा से बचने की अपील की है।
बांग्लादेश में तख्तापलट और हिंसा के बीच भारत के सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने पत्र लिखकर ढाका से पूछा है कि क्या पूर्व पीएम शेख हसीना ने प्रत्यर्पण योग्य कोई अपराध किया था, अगर हां तो उसकी जानकारी दें। साथ ही यह भी कहा कि हिंदुओं को निशान न बनाएं।
India Tv Fact Check: सोशल मीडिया पर शेख हसीना की एक तस्वीर काफी वायरल हैं जिसमें वह रोती हुई दिखाई दे रही हैं। दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर भारत की है। हालांकि, सच कुछ और है।
बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच 4,096 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर सभी इकाइयों में 'हाई अलर्ट' जारी कर दिया गया है। बांग्लादेश के लोग भारतीय क्षेत्र में घुसने का प्रयास कर रहे हैं।
बांग्लादेश में भीषण हिंसा और अराजकता के बीच भारतीय उच्चायोग के सामने कठिन चुनौतियां हैं। इसके बावजूद भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्चायोग के राजनियक रात-दिन काम कर रहे हैं। हालांकि गैर जरूरी सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी स्वदेश लौट आए हैं।
बांग्लादेश की बर्बादी और तख्तापलट से पाकिस्तान को सबसे ज्यादा खुशी हो रही है। अंदर ही अंदर पाकिस्तान की मानों किस्मत जाग गई हो। वजह साफ है कि अब पाकिस्तान की समर्थक और कट्टर इस्लामिक नेता खालिद जिया जेल से बाहर आ गई हैं। वह पूर्व पीएम शेख हसीना की कट्टर विरोधी थीं।
बांग्लादेश में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद सियासी हालात लगातार बदल रहे हैं। शेख हसीना फिलहल भारत में है।
नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया है। यूनूस नोबेल पुरस्कार विजेता हैं, जिन्हें ‘‘सबसे गरीब लोगों का बैंकर’’ भी कहा जाता है।
बांग्लादेश में हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। जगह-जगह हिंदू मंदिरों और हिंदुओं के घरों को निशाना बनाया जा रहा है। इसी क्रम में इस्लामी कट्टरपंथियों ने बीते दिनों बांग्लादेश के मशहूर गायक राहुल आनंद के घर में जमकर लूटपाट की उसके बाद इसे आग के हवाले कर दिया।
बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं के बीच प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर शेख हसीना भारत चली आई हैं। वे पिछले दो दिनों से गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच रह रही हैं।
बांग्लादेश में सियासी संकट जारी है। नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया है। हिंसा में अब तक 440 लोगों की मौत हो चुकी है।
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