शोध के लेखक और इग्लैंड स्थित डरहम यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ फिजिक्स के डॉ जेम्स नाइटिंगेल ने कहा, यह ब्लैक होल अब तक खोजे गए सबसे बड़े ब्लैक होल में से एक हो सकता है, क्योंकि भौतिकविदों को लगता है कि ब्लैक होल इससे ज्यादा बड़े नहीं हो सकते।
इस वक्त नासा का ‘द वेब स्पेस टेलीस्कोप’ काफी ज्यादा चर्चा में बना हुआ है। ‘द वेब स्पेस टेलीस्कोप ने दम तोड़ने कगार पर पहुंचे एक तारे के दुर्लभ पलों को कैद किया है।
अंतरिक्ष के क्षेत्र में चीन ने एक और बड़ी छलांग लगाकर दुनिया को चौंका दिया है। अंतरिक्ष स्टेशन में करीब 70 दिनों से चीनी चालक दल टिके हुए हैं। चीनी मानवयुक्त अंतरिक्ष इंजीनियरिंग कार्यालय से मिली खबर के अनुसार 9 फरवरी की रात 12 बजकर 16 मिनट पर लगभग 7 घंटे तक स्पेस वाक किया।
बेंगलुरु में एशिया की सबसे बड़ी एयरोस्पेश प्रदर्शनी ‘एयरो-इंडिया’का आगाज होने जा रहा है। यह प्रदर्शनी आगामी 13 से 17 फरवरी तक चलेगी। ‘एयरो-इंडिया’ का यह 14वां संस्करण होगा। इस दौरान विशेष तौर पर अमेरिका का एफ-21 लड़ाकू विमान अपनी भीषण गर्जना से चीन को कड़ा संदेश भी देगा।
पिछले 5 वर्षों के इतिहास में अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत ने तेज गति से प्रगति की है। वर्ष 2017 से 2022 के दौरान हिंदुस्तान ने अंतरिक्ष में बड़ी छलांग लगाई है। इस दौरान भारत ने 19 देशों के 177 विदेशी उपग्रहों को लांच करने का गौरव हासिल किया है। इससे अंतरिक्ष में भारत का डंका बज रहा है।
यदि यह उड़ान सफल रही तो इसरो को 10 से 500 किलोग्राम तक वजन के छोटे उपग्रहों के लिए मांग आधारित प्रक्षेपण सेवा शुरू करने का अवसर मिलेगा। इस उड़ान की सफलता इसरो को बड़ी कामयाबी दिलाएगी।
NASA's new Satellite: अंतरिक्ष के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयां छूते अमेरिका ने शुक्रवार को एक ऐसे उपग्रह का प्रक्षेपण किया है जो दुनिया के लगभग सभी महासागरों, झीलों और नदियों का मानचित्रण करेगा। कैलिफ़ोर्निया स्थित वैंडेनबर्ग अंतरिक्ष बल प्रतिष्ठान से स्पेसएक्स रॉकेट के जरिए आज तड़के इस उपग्रह प्रक्षेपण किया गया।
Space War Between America and China: दक्षिण चीन सागर में अपनी हरकतों से दुनिया भर को टेंशन देने वाला चीन अब अंतरिक्ष में भी दादागीरी पर उतर आया है। दरअसल पिछले कुछ वर्षों में चीन ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में जबरदस्त उपलब्धियां हासिल की हैं। इससे अमेरिका भी हैरान रह गया है।
जापान के अरबपति युसाकु माएजावा के साथ स्पेसएक्स अंतरिक्ष यान के जरिए चंद्रमा के लिए 8 लोगों की टीम उड़ान भरने वाली है। उड़ान भरने वाले इन आठ लोगों में ‘बालवीर’ धारावाहिक में काम करने वाले भारतीय अभिनेता देव जोशी भी हैं।
China Now Forecast Space Weather: अंतरिक्ष की दुनिया में चीन लगातार कामयाबी के शिखर को चूम रहा है। कई मायनों में चीन अब अमेरिका को भी पीछे छोड़ चुका है। अंतरिक्ष में चीन के बुलंदियों से अमेरिका की चिंताएं बढ़ गई हैं। अब ड्रैग ने दुनिया का ऐसा पहला सोलर टेलीस्कोप बनाया है।
China Space Station: चीन अपने खुद के अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण कर रहा है। इसी काम के लिए उसने एक अंतरिक्षयान शेनझोउ-15 के जरिए तीन अंतरिक्ष यात्रियों को रवाना किया है।
NASA Moon Mission: नासा अपने मून मिशन के एक कदम और करीब पहुंच गया है। उसका ओरियन कैप्सूल चंद्रमा तक पहुंचा है। 50 साल पहले नासा के अपोलो कार्यक्रम के बाद से यह पहली बार है, जब कोई कैप्सूल चंद्रमा तक गया है।
NASA Discovered New Galaxy: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के ‘वेब स्पेस टेलीस्कोप’ ने ऐसी चमकती एवं शुरुआती आकाशगंगाओं का पता लगाया है, जो अभी तक नजर नहीं आई थीं। इस खोज के बाद से वैज्ञानिक काफी उत्साहित हैं। इनमें से एक आकाशगंगा ब्रह्मांड की रचना करने वाले ‘बिग बैंग’ यानी महाविस्फोट के संभवत: 35 करोड़ साल बाद बनी थी।
First Private Rocket Vikram-S Launched from Sriharikota:अंतरिक्ष के क्षेत्र में दुनिया भर में अपनी कामयाबी का झंडा बुलंद कर चुके भारत ने एक और इतिहास रच दिया है। श्रीहरिकोटा से भारत ने अपना पहला निजी राकेट विक्रम - S को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया है। इसे देश के अंतरिक्ष में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
Space Shuttle Challenger: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का स्पेस शटल चैलेंजर लॉन्च होने के तुरंत बाद क्रैश हो गया था। जिससे उसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई थी। अब इसका मलबा मिला है।
China in Space: चीन के अंतरिक्षयान ने अंतरिक्ष में एक रहस्यमयी वस्तु छोड़ी है। जिसे लेकर अमेरिका की स्पेस फोर्स ने हैरान करने वाला दावा किया है। उसने इससे जुड़ी जानकारी दी है।
अगर हम एस्ट्रोनॉट बनने के लिए योग्यता के बारे में बात करें तो आपको एस्ट्रोनॉट बनने के लिए इंजीनियरिंग, बायोलॉजिकल साइंस, फिजिकल साइंस, कंप्यूटर साइंस या फिर गणित में बैचलर डिग्री करनी होगी।
NASA Halloween Picture: नासा ने हैलोवीन के मौके पर एक तस्वीर शेयर की है। जिसमें अंतरिक्ष में धूल और संरचनाओं को देखा जा सकता है।
NASA: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने घोषणा की है कि वह अगले साल अक्टूबर में इसी नाम के एक सैटेलाइट की जांच के उद्देश्य से अपने साइके मिशन को लॉन्च करेगी।
NASA James Webb Telescope: पिलर्स ऑफ क्रिएशन के वेब के नए दृश्य को पहली बार 1995 में नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप द्वारा और फिर 2014 में दोबारा से चित्रित किया गया था। हजारों तारे टिमटिमाते हुए ब्रह्मांड के बीच में खड़े विशाल सोने, तांबे और भूरे रंग के पिलर्स के टेलीस्कोप के पहले शॉट को रोशन करते हैं।
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