वक्फ कानून को लेकर कई मुस्लिम संगठनों का सरकार के खिलाफ मोर्चा तेज होता जा रहा है। आज से ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड वक्फ बिल के विरोध में धरना-प्रदर्शन तेज कर रहा है। इस प्रदर्शन का पहला दौर आज 10 अप्रैल से शुरू हुआ है, जो 7 जुलाई तक चलेगा।
वक्फ कानून को लेकर देश में मचा संग्राम दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। दिल्ली से लेकर कोलकाता और पटना से लेकर भोपाल तक प्रोटेस्ट हो रहे हैं। एक तरफ विपक्ष सरकार को घेरने में लगा है तो दूसरी ओर कई मुस्लिम संगठनों का सरकार के खिलाफ मोर्चा तेज होता जा रहा है।
वक्फ संशोधन विधेयक के लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस के एक सांसद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
वक्फ बिल कानून बन गया है लेकिन इसे लेकर विवाद इतना बढ़ा है कि बात सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की है। जानिए क्या होती है कैविएट याचिका?
वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मोर्चा खोल दिया है। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि वक्फ बचाओ मुहिम शाहबानो मामले की तरह शहर से लेकर गांव तक चलाई जाएगी। सभी प्रदेशों की राजधानियों में धरना और गिरफ्तारी कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई की तारीख को तय कर दिया है। वहीं, अब केंद्र सरकार ने भी वक्फ कानून के मामले में कोर्ट में कैविएट याचिका दाखिल की है।
मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया है। इसके अलावा कई गाड़ियों में आग भी लगा दी है।
जम्मू कश्मीर में वक्फ कानून मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। सोमवार को जम्मू कश्मीर विधानसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। यह हंगामा विपक्ष ने नहीं, सत्ताधारी नेशनल कान्फ्रेंस के विधायकों ने किया है।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले तैय्यब खान सलमानी एंड अंजुम कादरी ने ये याचिका दायर की है। इसमें कानून को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है।
वक्फ संशोधन बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है और यह बिल अब कानून बन गया है। अब आगे यह बिल कब से लागू होगा, यह सरकार तय करेगी। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसे लेकर लेटर जारी किया है।
वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा से पास कराए जाने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास भेजा गया था। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी है, जो अब कानून की शक्ल ले लेगा।
वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मोर्चा खोल दिया है। बोर्ड का कहना है कि इस विधेयक के खिलाफ अगले सप्ताह से देशव्यापी अभियान चलाया जाएगा।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने वक्फ संशोधन विधेयक को सनातन धर्म के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने इसे सनातनियों के लिए गर्व की बात करार दिया।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने आज पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार बनेगी तो वक्फ संशोधन विधेयक को कूड़ेदान में फेंक देंगे।
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लोकसभा और राज्यसभा में पास कर दिया गया है और राष्ट्रपति के पास भेज दिया गया है। इसके खिलाफ आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
वक्फ बिल को राष्ट्रीय लोक दल ने भी अपना समर्थन दिया है। इससे नाराज पार्टी के उत्तर प्रदेश महासचिव शाहजेब रिजवी ने पार्टी और अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और बड़ी बात कह दी है। जानिए क्या कहा?
जेडीयू के कई नेता पहले ही पार्टी से किनारा कर चुके हैं। अब कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी पार्टी छोड़ रहे हैं। इसका नुकसान नीतीश कुमार को आगामी बिहार चुनाव में हो सकता है।
वक्फ बिल संसद के दोनों सदनों से पास हो गया है और अब राष्ट्रपति के मुहर लगते ही यह कानून बन जाएगा। इस बिल को लेकर भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने बड़ी बात कही है। जानिए उन्होंने क्या कहा?
पशुपति पारस ने कहा कि वक्फ बिल का सदन से पास होना, देश के लोगों के साथ अन्याय है। अब जो भी अकलियत के साथी हैं, वो एनडीए गठबंधन में नहीं रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बिल को सपोर्ट करने वाला हर दल टूटेगा।
विपक्षी दल और कई मुस्लिम संगठन वक्फ बिल का विरोध कर रहे हैं। अब ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने राष्ट्रपति मुर्मू से तत्काल मिलने का वक्त मांगा है।
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