Wednesday, March 04, 2026
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यूपी के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में दिखेगा बड़ा बदलाव, अधिकारी और कर्मचारी होंगे नई तकनीक से लैस, दी जाएगी ट्रेनिंग

Edited By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1 Published : Mar 09, 2025 04:49 pm IST, Updated : Mar 09, 2025 04:50 pm IST

परिवहन विभाग केअधिकारियों से लेकर कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराकर उन्हें तकनीक से लैस भी किया जाएगा। रायबरेली में स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है।

UP roadways- India TV Hindi
Image Source : FILE यूपी रोडवेज

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश में परिवहन सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इसके लिए कई स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये परिवहन विभाग के शीर्षस्थ अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराकर उन्हें तकनीक से लैस भी किया जाएगा। इसके लिए रायबरेली में स्थित एक इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य के परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का खास ध्यान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को नवीनतम तकनीक से प्रशिक्षण देने पर है। 

रायबरेली में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

सिंह ने बताया कि इसी क्रम में अब परिवहन विभाग के शीर्षस्थ अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराकर उन्हें तकनीक से लैस भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए रायबरेली में स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन) की अध्यक्षता में प्रशिक्षण प्रकोष्ठ का गठन भी किया है। बस्ती के संभागीय परिवहन अधिकारी फरीदउद्दीन को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का नोडल अधिकारी बनाया गया है। सिंह ने बताया कि प्रयास है कि प्रदेश के परिवहन अधिकारियों के लिये स्थायी एवं आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली स्थापित की जा सके। 

विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे

उन्होंने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विभागीय अधिकारियों को नवीनतम प्रौद्यौगिकी, डेटा आधारित नीति निर्माण, प्रवर्तन रणनीतियों और ई-गवर्नेंस आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा और यहां सभी स्तर के अधिकारियों (आरआई, पीटीओ, एआरटीओ, आरटीओ, डीटीसी, एटीसी) आदि के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही नवागंतुक अधिकारियों व कर्मचारियों के लिये प्रशिक्षण तथा विभाग में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिये रिफ्रेशर कोर्स एवं विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होंगे। 

आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर नियमित प्रशिक्षण

सिंह ने बताया कि परिवहन अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए पाठ्यक्रम का विकास उत्तर प्रदेश की आवश्यकताओं, देश में परिवहन क्षेत्र में हो रहे बदलावों तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप किया जायेगा। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर परिवहन क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जायेगा, जिससे अधिकारीगण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही नवीनतम जानकारियों से भी अवगत हो सकें। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम को व्यावहारिक अनुभव और केस स्टडी आधारित प्रशिक्षण मॉडल के अनुसार विकसित किया जायेगा, जिससे अधिकारी नीति निर्माण व प्रवर्तन प्रक्रियाओं को समझ सकें और उन्हें आधुनिक परिवहन चुनौतियों का प्रभावी समाधान भी मिल सकें। सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से परिवहन अधिकारियों को सड़क कर संग्रह, परमिट प्रणाली, प्रवर्तन तकनीकों और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर नियमित प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी प्रशासनिक दक्षता में भी वृद्धि होगी। (भाषा)

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