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अब नोएडा में भी आया कोरोना वायरस, कई महीनों बाद मिला पहला मामला

Edited By: Swayam Prakash @swayamniranjan_ Published : Dec 22, 2023 07:46 am IST, Updated : Dec 22, 2023 07:46 am IST

देश के अलग-अलग राज्यों में अब फिर से कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। कोविड-19 अब यूपी के नोएडा तक भी दोबोरा से पहुंच गया है। खबर है कि पिछले कई महीनों के बाद नोएडा में ये पहला कोरोना का मामला है।

Corona virus- India TV Hindi
Image Source : PTI सरकारी स्वास्थ्य कार्यकर्ता बाहर से आने वाले यात्रियों के COVID​​-19 टेस्ट के लिए स्वाब नमूने एकत्र करते हुए

दिल्ली से सटे नोएडा में भी अब कोरोना का केस पाया गया है। खबर है कि नोएडा का रहने वाला एक व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। यह उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में पिछले कई महीनों में कोविड-19 संक्रमण का पहला मामला है। गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.सुनील शर्मा ने बताया कि संक्रमित पाया गया मरीज 54 वर्षीय पुरुष है जो नोएडा में रहता है, लेकिन गुरुग्राम स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है। 

नेपाल से लौटा है संक्रमित मरीज

नोएडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी शर्मा ने कहा, ‘‘संक्रमित शख्स का सैंपल जीनोम सिक्वेसिंग के लिए दिल्ली भेजा गया है और रिजल्ट आने का इंतजार है।’’ जिला निगरानी अधिकारी और सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल विशेषज्ञ डॉ.अमित कुमार ने बताया कि मरीज ने इस महीने की शुरुआत में नेपाल की यात्रा की थी और वह वहां से लौटने के बाद गुरुग्राम स्थित अपने कार्यालय भी गया था।

कोरोना के नए वेरिएंट पर क्या बोला WHO?

गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस के ‘JN.1’ वेरिएंट के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ करार दिया है। WHO ने साथ ही कहा कि इससे वैश्विक जनस्वास्थ्य के लिए ज्यादा खतरा नहीं है। विश्व स्वास्थ्य निकाय ने मंगलवार को कहा था कि 2020 के अंत में वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा करने वाले वेरिएंट के सामने आने से बाद से WHO ने हल्के स्वरूप को ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ और गंभीर स्वरूप को ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ के रूप में वर्गीकृत करना शुरू किया है। 

हाल में ‘JN.1’ स्वरूप के मामले कई देशों में सामने आए हैं और दुनिया में इस स्वरूप के मामले बढ़ रहे हैं। भारत में भी इस स्वरूप का मामला सामने आया है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यह अब ‘ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन शेयरिंग ऑल इन्फ्लुएंजा डेटा’ (GISAID) से जुड़े बीए.2.86 वंशानुक्रम (लीनिएज) से संबंधित है।

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