कानपुर: लैंबोर्गिनी कार से हुए हादसे के आरोपी शिवम मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और कुछ देर में उसकी कोर्ट में पेशी होगी। इस केस में बुधवार को तब बड़ा यूटर्न आया था जब तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के कथित ड्राइवर ने कानपुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। हालांकि, कोर्ट ने ड्राइवर की अर्जी खारिज कर दी थी और उसे आरोपी नहीं माना था। कोर्ट का कहना था कि पुलिस रिपोर्ट में आरोपी शिवम है, मोहन नहीं। इस बारे में कोर्ट ने ये भी कहा था कि लैंबोर्गिनी कार अभी थाने में ही रहेगी।
शिवम के ड्राइवर ने क्या कहा था
इससे पहले ड्राइवर जिसका नाम मोहन है, वह बुधवार को अपने वकील नरेंद्र कुमार यादव के साथ कोर्ट पहुंचा था और उसने कहा कि शिवम मिश्रा की गाड़ी मैं ही चला रहा था। उसने बताया कि शिवम को दौरा पड़ गया था और उस वक्त मैं घबरा गया था और मुझे कुछ समझ में नहीं आया था और ये हादसा हो गया। उसने आगे बताया कि जब गाड़ी का शीशा तोड़ा गया और दरवाजा खोला गया, तो मैं कार के नीचे से निकल गया था। उसके बाद बाउंसर्स ने शिवम को कार से निकाला था और शिवम को दूसरी गाड़ी में ले जाया गया था।
कब हुई थी दुर्घटना
यह दुर्घटना रविवार को रिंग वाला चौराहा के पास हुई, जब तंबाकू निर्यातक केके मिश्रा की कंपनी से कथित तौर पर जुड़ी एक लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो तेज गति से चलते समय नियंत्रण से बाहर हो गई।पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार ने पहले एक ऑटो रिक्शा और एक खड़ी मोटरसाइकिल को टक्कर मारी, फिर फुटपाथ पर चढ़कर पैदल यात्रियों को कुचल दिया। इस दुर्घटना में ऑटो रिक्शा चालक तौसीफ अहमद और दो मोटरसाइकिल सवार, जिनकी पहचान विशाल और सोनू त्रिपाठी के रूप में हुई है, घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मोटरसाइकिल को इतनी ज़ोर से टक्कर लगी कि सवार कई फीट हवा में उछल गया। आरोप है कि कार मोटरसाइकिल के आगे के पहिये पर चढ़ गई और रुकने से पहले उसे कुछ दूर तक घसीटती रही।
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