कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सैकड़ों कार्यकर्ता गुरुवार को कोलकाता स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने संगठन की मौजूदा स्थिति की जमकर निंदा की और साथ ही पार्टी नेतृत्व पर नए लोगों को तवज्जो देने और पुराने लोगों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। इन कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे लेकर प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और प्रदेश महासचिव (संगठन) अमिताभ चक्रवर्ती सहित राज्य के कई नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की।
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"नए लोगों को दिए गए पार्टी के महत्वपूर्ण पद"
कोलकाता में बीजेपी मुख्यालय के बाहर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों ने अन्य राजनीतिक दलों से भाजपा में शामिल हुए सदस्यों के बढ़ते प्रभाव पर निराशा व्यक्त की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस बात पर अफसोस जताया कि पार्टी के निष्ठावान लोगों को दरकिनार कर दिया गया, जबकि नए लोगों ने राज्य और जिला नेतृत्व में महत्वपूर्ण पद हासिल कर लिए हैं। भाजपा की राज्य इकाई के प्रवक्ता सामिक भट्टाचार्य ने बढ़ते हुए असंतोष की बात को स्वीकार करते हुए माना कि मुद्दा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद चिंता का विषय है। लेकिन, हम अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की चिंताओं का समाधान करेंगे। शिकायतें हो सकती हैं और हम उन्हें दूर करने का प्रयास करेंगे। ’’ वहीं भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘यह भाजपा की संस्कृति नहीं है। अनुशासनहीनता की ऐसी कोई भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम सही समय पर उचित कार्रवाई करेंगे।’’
तरुण घोष पर लगाए टीएमसी से नजदीकी के आरोप
एक बीजेपी नेता ने बताया कि उत्तरी उपनगरीय शहर से भाजपा कार्यकर्ता होने का दावा करने वाले लगभग 30 लोग दोपहर में कार्यालय पहुंचे और बारासात संगठनात्मक इकाई में हाल में हुए बदलावों के खिलाफ नारे लगाने लगे। नेता ने बताया कि वे कार्यालय में जबरदस्ती घुसना चाहते थे, लेकिन कमरे के अंदर मौजूद लोगों ने दरवाजा बंद कर लिया। प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, ‘‘हम बारासात इकाई के नए अध्यक्ष के रूप में तरुण घोष की नियुक्ति के खिलाफ हैं क्योंकि वह तृणमूल कांग्रेस के करीबी हैं। अगर उन्हें नहीं हटाया गया तो भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में एकजुट होकर कैसे लड़ सकती है।’’
"भाजपा बन गई सर्कस पार्टी"
ऐसे में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भाजपा पर निशाना साधने का मौका फट से लपक लिया। टीएमसी ने इस आंतरिक विरोध को भाजपा के भीतर उथल-पुथल का संकेत बताया। टीएमसी के सांसद शांतनु सेन ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में भाजपा सर्कस पार्टी बन गई है। भाजपा की बंगाल इकाई के भीतर विरोध और अंतर्कलह आम बात हो गई है।’’
(इनपुट-PTI)
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