West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों के लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। चुनाव आयोग की ओप से अभी तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है। चलिए ऐसे में हम आपको पश्चिम बंगाल की सैंथिया विधानसभा सीट के बारे में जानकारी देते हैं और बताते हैं कि इस सीट पर किसका दबदबा रहा है।
सैंथिया विधानसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की एक अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित महत्वपूर्ण सीट है। यह इलाका लंबे समय से सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के लिए राजनीतिक रूप से अहम मानी जाती रही है। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सैंथिया सीट पर तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार निलाबती साहा ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को मात दी थी। इस चुनाव में सैंथिया क्षेत्र में लगभग 2.4 से 2.5 लाख मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से बड़ी संख्या ने मतदान में हिस्सा लिया था। बेरोजगारी, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और स्थानीय विकास इस चुनाव के प्रमुख मुद्दे रहे थे।
2016 के विधानसभा चुनाव में भी सैंथिया सीट पर तृणमूल कांग्रेस का दबदबा देखने को मिला था। उस समय भी नीलाबती साहा ने चुनाव जीतकर यह सीट अपने नाम की थी। तब मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच माना गया था, जबकि वाम दलों की मौजूदगी भी क्षेत्र में देखने को मिली थी।
सैंथिया विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति और ग्रामीण मतदाताओं की संख्या अधिक है। यहां हर चुनाव में रोजगार, मनरेगा, पेंशन योजनाएं, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाएं जैसे मुद्दे निर्णायक भूमिका निभाते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सैंथिया सीट का रुझान बीरभूम जिले की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है। पिछले 2 चुनावों में लगातार जीत के चलते TMC यहां मजबूत स्थिति में रही है। लेकिन, भारतीय जनता पार्टी ने हाल के वर्षों में अपना जनाधार बढ़ाया है।
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