1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अन्य देश
  4. Israel Elections 2022: इजरायल में आम चुनाव, एक बार फिर पीएम बन सकते हैं नेतन्याहू, एग्जिट पोल में खुलासा, जानिए क्या है समीकरण

Israel Elections 2022: इजरायल में आम चुनाव, एक बार फिर पीएम बन सकते हैं नेतन्याहू, एग्जिट पोल में खुलासा, जानिए क्या है समीकरण

 Written By: Shilpa @Shilpaa30thakur
 Published : Nov 02, 2022 08:02 am IST,  Updated : Nov 02, 2022 02:47 pm IST

Israel Elections-Benjamin Netanyahu: इजरायल में आम चुनाव हो रहे हैं। जिसके आधिकारिक नतीजे बुधवार तक आ सकते हैं। फिलहाल प्रारंभिक एग्जिट पोल्स में पूर्व पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का गुट सबसे आगे चल रहा है।

इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू- India TV Hindi
इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू Image Source : AP

Israel Elections 2022: इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकते हैं। ये जानकारी एग्जिट पोल्स में सामने आई है। देश में एक दिन पहले मंगलवार को ही आम चुनाव के लिए मतदान हुआ है। इजरायल में 4 साल से भी कम वक्त में 5वीं बार आम चुनाव हो रहे हैं। एग्जिट पोल में पता चला है कि नेतन्याहू का दक्षिणपंथी गुट मामूली बहुमत के साथ सबसे आगे है। इससे उनके अति दक्षिणपंथी सहयोगियों के मजबूत प्रदर्शन का पता चलता है। इजरायल के टेलीविजन एग्जिट पोल के अनुसार, इजरायल में सबसे लंबे समय तक पीएम की कुर्सी पर रहने वाले नेतन्याहू 120 सीटों वाली संसद नेसेट में 61-62 सीटें जीत सकते हैं। ये तब है, जब उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते मुकदमों का सामना किया है।

इन चुनावों में नेतन्याहू का मुकाबला कार्यवाहक प्रधानमंत्री याइर लापिड से है। लापिड की मध्यमार्गी ‘येश अतिद पार्टी’ दूसरे स्थान पर दिखाई दे रही है। एग्जिट पोल्स के मुताबिक, उनकी पार्टी को 22 और 24 सीटें मिलने का अनुमान है। प्रारंभिक एग्जिट पोल चुनाव के अंतिम परिणाम से अलग हो सकते हैं। अधिकारिक नतीजे बुधवार तक आने की उम्मीद है। वहीं सरकार बनाने की प्रक्रिया हफ्तों तक चल सकती है। लेकिन एग्जिट पोल्स में देखें तो दक्षिणपंथी पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद से अधिक बेहतर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नेतन्याहू 16 महीनों का राजनीतिक विरोध झेलने के बाद एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकते हैं। 

बाकी पार्टियों का क्या है हाल?

इजरायल में बार-बार चुनाव होने से कई मतदाता हताश हैं। अन्य पार्टियों की बात करें तो दक्षिणपंथी नेता इतामार बेन-ग्विर और उनके धुर-राष्ट्रवादी धार्मिक जियोनिज्म गुट ने बढ़ चढ़कर चुनाव अभियान किया। उनका गुट 15 सीटें जीतकर संसद में तीसरे स्थान पर रह सकता है। सड़कों पर सुरक्षा और बढ़ती कीमतें चुनाव के प्रमुख मुद्दे हैं। वहीं वर्तमान सरकार की बात करें, तो ये गठबंधन लापिड के दक्षिणपंथी, उदारवादी और फिलिस्तीनी पार्टियों को मिलाकर बनाया गया है। इससे पहले इजरायल में नेतन्याहू के नेतृत्व में एक स्थिर सरकार रही है। लेकिन साल 2019 में उन्हें रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वास के उल्लंघन के आरोप में कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी, जिससे इजरायल की राजनीतिक व्यवस्था में गतिरोध उत्पन्न हुआ था।

73 साल के नेतन्याहू को बेन-ग्विर और धुर दक्षिणपंथी नेता बेजेल स्मोट्रिच के समर्थन पर भरोसा है। बेन-ग्विर बात करें, तो वह कच के पूर्व सदस्य हैं। जो इजरायल और अमेरिका के "आतंकवादी" वॉचलिस्ट में शामिल है। उनके नेतन्याहू के गठबंधन में शामिल होने से अमेरिका सहित अन्य सहयोगियों की चिंता बढ़ जाएगी। 

राष्ट्रपति ने लोगों से क्या अपील की?

दूसरी तरफ इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने मंगलवार सुबह यरुशलम में मतदान करते हुए नागरिकों को ऐसे वक्त में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का आग्रह किया जब कई देशों में अरबों लोग इस अहम लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित हैं। हर्जोग ने कहा, ‘इजरायल सच्चा लोकतंत्र है। लाखों मतदाता आज वोट डालने और देश का भविष्य और दिशा तय करने जाएंगे। यह एक समृद्ध लोकतंत्र हैं, जिसमें कई आवाजें हैं।’ इजरायल के करीब 67.8 लाख नागरिक मतदान के योग्य हैं और वे 25वीं इजरायली संसद (नेसेट) का चुनाव करेंगे।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमें इस बड़े अधिकार का हमेशा सम्मान करना चाहिए क्योंकि कई सारे देश और अरबों लोग हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण रूप से इस अधिकार से वंचित हैं।’ प्रधानमंत्री याइर लापिड ने अपनी पत्नी लिही के साथ तेल अवीव में अपने आवास के समीप स्थित मतदान केंद्र में वोट डाला। उन्होंने अपनी पार्टी ‘येश आतिद’ को चुनने का परोक्ष संदेश देते हुए कहा, ‘सुप्रभात, समझदारी से वोट डालें। इजरायल के लिए, हमारे बच्चों के भविष्य और हमारे भविष्य के लिए वोट डालें।’ इससे पहले वह अपने पिता टॉमी लापिड की कब्र पर गए, जो एक प्रख्यात पत्रकार और नाटककार थे और बाद में राजनीति में आए थे।

 
इसके अलावा नेतन्याहू ने भी येश आतिद और ‘वामपंथी दलों’ के प्रभाव वाले इलाकों में शुरुआती मतदान अधिक होने पर अपने समर्थकों को आगाह करते हुए उन्होंने अपनी उदारवादी लिकुड पार्टी के समर्थकों से वोट डालने की अपील की। नेतन्याहू इजरायल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा उनका नेतृत्व मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता के केंद्र में है। वह अपने राजनीतिक करियर को बचाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Around the world से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश