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रूस और चीन ने उत्तर कोरिया का किया समर्थन ! जानें सुरक्षा परिषद् में क्या हुआ

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 21, 2022 04:28 pm IST,  Updated : Jan 21, 2022 04:28 pm IST

बीते दो सप्ताह में उत्तर कोरिया ने चार बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण किये थे, जिसके संबंध में बृहस्पतिवार को बुलाई गई परिषद की आपात बैठक में अमेरिका ने परिषद के 15 सदस्यों से एक संक्षिप्त बयान जारी करने की अपील की।

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रूस और चीन ने उत्तर कोरिया का किया समर्थन ! जानें सुरक्षा परिषद् में क्या हुआ Image Source : PTI

Highlights

  • उत्तर कोरिया के पांच अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रोका
  • अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में लाया था प्रस्ताव
  • रूस और चीन ने अमेरिका के प्रस्ताव का विरोध किया

संयुक्त राष्ट्र:  रूस और चीन ने उत्तर कोरिया द्वारा हाल में बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण किये जाने को लेकर उसके पांच अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को रोक दिया। अमेरिका ने उत्तर कोरिया के इस कदम की आलोचना करते हुए देश के मिसाइल कार्यक्रम में इन अधिकारियों की भूमिका को लेकर इन पर प्रतिबंध लगाने की अपील की थी। 

बीते दो सप्ताह में उत्तर कोरिया ने चार बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण किये थे, जिसके संबंध में बृहस्पतिवार को बुलाई गई परिषद की आपात बैठक में अमेरिका ने परिषद के 15 सदस्यों से एक संक्षिप्त बयान जारी करने की अपील की। अमेरिका ने कहा कि इस बयान में यह कहा जाए कि ऐसे परीक्षण परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन हैं। अमेरिका ने कहा कि उत्तर कोरिया से परिषद के नियमों का पालन करने और परमाणु निरस्त्रीकरण से संबंधित संवाद में शामिल होने का आग्रह किया जाना चाहिये। 

बंद कमरे में हुई बैठक के बारे में राजनयिकों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि उत्तर कोरिया के पड़ोसी और सहयोगी चीन ने किसी भी तरह के वक्तव्य का विरोध किया। बैठक शुरू होने से पहले अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड ने आठ देशों का एक बयान पत्रकारों के सामने पढ़ा, जिसमें उत्तर कोरिया के ''गैरकानूनी व्यवहार'' को अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिये खतरा करार दिया गया था। 

इन आठ देशों में अमेरिका, अल्बानिया, ब्राजील, फ्रांस, आयरलैंड, जापान, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन शामिल हैं। ग्रीनफील्ड ने पांच उत्तर कोरियाई लोगों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाने के प्रस्ताव को चीन और रूस द्वारा रोके जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि प्रतिबंधों का विरोध करने वाला कोई भी देश उत्तर कोरिया का रास्ता साफ कर रहा है।

इनपुट-भाषा

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