United Nation: जैश-ए-मोहम्मद के कुख्यात आतंकी के खिलाफ UN में लाए गए प्रस्ताव पर चीन ने रोक लगा दी

UN:पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कुख्यात आतंकी के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और भारत की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर चीन ने बुधवार को रोक लगा दी।

Ravi Prashant Edited By: Ravi Prashant @iamraviprashant
Updated on: August 11, 2022 18:39 IST
 Abdul Rauf Azhar- India TV Hindi News
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Highlights

  • अजहर को 2010 में यूएस ट्रेजरी द्वारा नामित किया गया था
  • इस्लामिक स्टेट ने अफ्रीका में अपना प्रभाव बढ़ाया है
  • अफ्रीका में इस्लामिक स्टेट आतंकवादी संगठन का खतरा हर दिन बढ़ रहा है

UN: पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कुख्यात आतंकी के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और भारत की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर चीन ने बुधवार को रोक लगा दी। भारत और अमेरिका चाहते थे कि आतंकी अब्दुल रऊफ अजहर और उसकी संपत्तियों पर वैश्विक प्रतिबंध लगाया जाए।  इस तरह के प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के सभी 15 सदस्यों की सहमति होनी चाहिए लेकिन चीन ने पाकिस्तान को समर्थन करते हुए आतंकी को बचा लिया। रॉयटर्स से बात करते हुए, एक चीनी मिशन के प्रवक्ता ने कहा, "हमने प्रस्ताव को रोक दिया क्योंकि हमें मामले का अध्ययन करने के लिए और समय चाहिए।" समिति के दिशा-निर्देशों में प्रस्ताव को रोकने का प्रावधान है और ऐसे कई सूचीबद्ध प्रस्तावों को समिति के सदस्यों ने रोक दिया है। अजहर को 2010 में यूएस ट्रेजरी द्वारा नामित किया गया था और उस पर पाकिस्तानियों को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने और भारत में आत्मघाती हमलों की योजना बनाने का आरोप लगाया गया था।

चीन ने अप्रत्यक्ष रूप से बचा लिया

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी मिशन के एक प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि अमेरिका अन्य देशों के विचारों का सम्मान करता है। संयुक्त राज्य अमेरिका अपने सुरक्षा परिषद भागीदारों के साथ सहयोग को महत्व देता है ताकि आतंकवादियों को अपराध करने के लिए वैश्विक व्यवस्था का शोषण करने से प्रभावी ढंग से रोका जा सके। जैश कमांडर अब्दुल रऊफ अजहर कुख्यात आतंकवादी मसूद अजहर का छोटा भाई है और वो 1994 में आईसी 814 विमान अपहरण में शामिल था। यह दूसरी बार है जब चीन ने इस साल संयुक्त राष्ट्र में एक पाकिस्तानी आतंकवादी को अप्रत्यक्ष रूप से बचा लिया है। वही इससे पहले भी चीन ने लश्कर-ए-तैयबा के अब्दुल रहमान मक्की की लिस्टिंग पर रोक लगा दी थी।

अफ्रीका में इस्लामिक स्टेट आतंकवादी संगठन का खतरा
इससे पहले मंगलवार को सुरक्षा परिषद को चेतावनी दी गई थी कि अफ्रीका में इस्लामिक स्टेट आतंकवादी संगठन का खतरा हर दिन बढ़ रहा है और यह महाद्वीप "खिलाफत का भविष्य" हो सकता है। अफ्रीकी सुरक्षा विशेषज्ञ मार्टिन एवी ने यह चेतावनी दी है। अवी ने कहा कि इस्लामिक स्टेट ने अफ्रीका में अपना प्रभाव बढ़ाया है और कम से कम 20 देश सीधे आतंकवादी संगठन की गतिविधियों का सामना कर रहे हैं।

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