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शेख हसीना की हत्या की कोशिश मामले में 10 लोगों को मौत की सजा

 Reported By: Bhasha
 Published : Aug 20, 2017 07:21 pm IST,  Updated : Aug 20, 2017 07:21 pm IST

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की हत्या के विफल प्रयास के मामले में प्रतिबंधित संगठन हूजी के 10 चरमपंथियों को मौत और 9 अन्य को 20 साल जेल की सजा सुनाई गई है।

Sheikh Hasina | AP Photo- India TV Hindi
Sheikh Hasina | AP Photo

ढाका: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की हत्या के विफल प्रयास के मामले में प्रतिबंधित संगठन हरकतुल जेहाद-ए-इस्लामी बांग्लादेश (हूजी) के 10 चरमपंथियों को मौत और 9 अन्य को 20 साल जेल की सजा सुनाई गई है। इन लोगों ने साल 2000 में गोपालगंज में हसीना के पुश्तैनी गांव के एक मैदान में अति-शक्तिशाली विस्फोटक डिवाइस का इस्तेमाल कर हसीना की हत्या की साजिश रची थी। हसीना वहां एक जनसभा को संबोधित करने वाली थीं। चरमपंथियों ने हसीना की हत्या के प्रयास के तहत 76 किलोग्राम के बम प्लांट किए थे। हसीना का वह प्रधानमंत्री के तौर पर पहला कार्यकाल था।

सुरक्षा अधिकारियों ने जनसभा से पहले बम का पता लगा लिया और इस साजिश को विफल कर दिया। जांच के बाद पता चला कि हूजी का सरगना मुफ्ती हन्नान इस साजिश का मास्टरमाइंड है। हन्नान को बांग्लादेशी मूल के तत्कालीन ब्रिटिश उच्चायुक्त की हत्या के प्रयास के मामले में इस साल की शुरूआत में फांसी दे दी गई थी। विशेषाधिकार कानून के मामले में 25 संदिग्धों को आरोपी बनाया गया। इनमें से 9 को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई गई और 20-20 हजार टका का जुर्माना लगाया गया। 4 लोगों को बरी कर दिया गया। ढाका स्थित त्वरित सुनवाई न्यायाधिकरण-2 की न्यायाधीश मुमताज बेगम ने कहा, ‘हाई कोर्ट की अनुमति से इन लोगों को फांसी देकर या फिर गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी।’ इनमें से सिर्फ 8 लोगों के जेल में रहते हुए उनके खिलाफ सुनवाई की गई जबकि शेष लोगों की गैरमौजूदगी में सुनवाई हुई।

बांग्लादेश के कानून के तहत मौत सजा के तामील के लिए हाई कोर्ट की अनुमति लेनी होती है। दोषी अपील कर सकते हैं। यह फैसला उस वक्त आया है जब ढाका की एक अदालत 2004 में हसीना की हत्या के प्रयास के एक और मामले की सुनवाई लगभग पूरी कर चुकी है। इस साजिश के समय अवामी लीग की प्रमुख हसीना विपक्ष की नेता थीं। माना जाता है कि पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के नेतृत्व वाली तत्कालीन साारूढ़ BNP के एक प्रभावशाली समूह ने हूजी के साथ मिलकर हसीना की हत्या की साजिश रची। इस हमले में हसीना बाल-बाल बच गई थीं, हालांकि उनके कान में चोट आई थी। BNP के नेता और खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है और उनकी अनुपस्थिति में उन पर मुकदमा चलाया जा रहा है।

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