1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. तस्करी के दौरान जब्त की गयी 1,73,072 किग्रा चंदन की लकड़ी भारत को लौटाएगा नेपाल

तस्करी के दौरान जब्त की गयी 1,73,072 किग्रा चंदन की लकड़ी भारत को लौटाएगा नेपाल

 Reported By: Bhasha
 Published : Jan 17, 2020 07:34 pm IST,  Updated : Jan 17, 2020 07:34 pm IST

हिमालयन टाइम्स में गुरुवार को प्रकाशित खबर के अनुसार नेपाल सरकार ने कहा है कि जब्त की गयी 1,73,072 किलोग्राम लाल चंदन की लकड़ी भारत नब्बे दिन के भीतर वापस ले जा सकता है।

Sandalwood- India TV Hindi
Representational Image Image Source : TWITTER

काठमांडू। पिछले दस वर्षों में तस्करी की विभिन्न वारदातों में नेपाल सरकार द्वारा जब्त की गयी 1,73,072 किलोग्राम लाल चंदन की लकड़ी भारत को लौटाई जाएगी। मीडिया में आई खबरों में यह जानकारी दी गयी है । यह चंदन नेपाल के रास्ते भारत से चीन तस्करी कर ले जाने की कोशिश के दौरान जब्त किया गया था। नेपाल और भारत दोनों ने “कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एनडेंजर्ड स्पीशीज ऑफ वाइल्ड फौना एंड फ्लोरा“ (सीआईटीईएस) बहुपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के अनुसार व्यापार के लिए वर्जित जब्त की गयी वस्तु को उसके मूल देश को लौटाने का प्रावधान है।

हिमालयन टाइम्स में गुरुवार को प्रकाशित खबर के अनुसार नेपाल सरकार ने कहा है कि जब्त की गयी 1,73,072 किलोग्राम लाल चंदन की लकड़ी भारत नब्बे दिन के भीतर वापस ले जा सकता है। संचार एवं सूचना मंत्री गोकुल प्रसाद बस्कोटा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “इंटरनेशनल ट्रेड इन एनडेंजर्ड स्पीशीज ऑफ वाइल्ड फौना एंड फ्लोरा कंट्रोल एक्ट 2016 के अनुच्छेद सात के अनुसार विदेश मंत्रालय के जरिये संबंधित भारतीय अधिकारियों को लाल चंदन की लकड़ी सौंपी जाएगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि कीमती लकड़ी को लौटाने में लगी माल ढुलाई लागत भारत द्वारा वहन की जाएगी। बस्कोटा ने कहा कि नेपाल के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को तस्करी की जब्त की गयी लकड़ी का प्रबंधन करने में समस्या हो रही थी। जब्त की गयी चंदन की लकड़ी का मूल्य नहीं बताया गया है। उन्होंने कहा कि लाल चंदन की लकड़ी की सुरक्षा के लिए चार से पांच बंदूकधारी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश