बीजिंग: चीन के तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर एक ऐसी घटना घटी जो विज्ञान, कथा और फिल्मों जैसी लगती है। चीन की ओर से अंतरिक्ष में भेजे गए शेजॉउ-21 मिशन ने पहली बार अंतरिक्ष में एक बड़ा करिश्मा कर दिखाया है। इससे हर कोई हैरान है। शेजॉउ के चीनी अंतरिक्ष यात्रियों ने शून्य गुरुत्वाकर्षण में बारबेक्यू बनाकर इतिहास रच दिया।
अंतरिक्ष में पहली बार क्रू ने बनाया ऐसा व्यंजन
यह पहली बार है जब अंतरिक्ष में किसी क्रू ने ऐसा व्यंजन तैयार किया है। जो कि न केवल स्वादिष्ट था, बल्कि तकनीकी चुनौतियों से भरा भी था। चीनी एस्ट्रोनॉट सेंटर द्वारा जारी वीडियो फुटेज में दिखाया गया कि ताइकोनॉट्स ने विशेष रूप से डिजाइन किए गए ओवन का इस्तेमाल कर चिकन विंग्स और ब्लैक पेपर स्टेक को ग्रिल किया। यह ओवन कोई साधारण उपकरण नहीं है। इसमें फिल्टर्स लगे हैं जो धुएं को रोकते हैं और तेल या खाने के कणों को केबिन में तैरने से बचाते हैं। साथ ही, बिल्ट-इन फैन माइक्रोग्रैविटी में गर्म हवा का संचार सुनिश्चित करते हैं, ताकि भोजन समान रूप से पके।
मिशन कमांडर वांग हाओ ने बताया, "अंतरिक्ष में खाना बनाना सिर्फ पोषण का सवाल नहीं, बल्कि मनोबल बढ़ाने का माध्यम है। हमने पृथ्वी की परंपराओं को तारों तक पहुंचाया।" वीडियो में दिखा कि चिकन विंग्स मात्र 28 मिनट में पक कर तैयार हो गए, जो पृथ्वी पर सामान्य समय से थोड़ा ज्यादा है, लेकिन शून्य गुरुत्वाकर्षण में यह उपलब्धि बड़ी है। क्रू मेंबर्स ने हेलमेट के माध्यम से खुशी जताई और एक-दूसरे को विंग्स खिलाए, जो स्टेशन के अंदर तैरते हुए नजर आए। यह प्रयोग न केवल मनोरंजक है, बल्कि भविष्य के लंबे अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है।
नासा और ईएसए जैसे संगठन भी ऐसे फूड सिस्टम विकसित कर रहे हैं, लेकिन चीन ने फिर साबित किया कि वह स्पेस रेस में अग्रणी है। 2021 से चालित चीन का तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन एक 'कॉस्मिक किचन' बन गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्रयोग पोषण, स्वच्छता और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर डेटा देगा। शेजॉउ-21 मिशन अक्टूबर में लॉन्च हुआ, तीन ताइकोनॉट्स को तीन महीने के लिए स्टेशन पर भेजा गया है। वे सोलर पैनल मरम्मत और वैज्ञानिक प्रयोग कर रहे हैं। यह बारबेक्यू न सिर्फ क्रू का जश्न था, बल्कि दुनिया को संदेश कि अंतरिक्ष भी अब 'घर जैसा' हो सकता है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया, जहां यूजर्स ने इसे 'स्टार वार्स का डिनर' कहा। चीन की यह उपलब्धि अंतरिक्ष यात्रा को और रोचक बना रही है।
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