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SCO Summit में शामिल होने के लिए मंगलवार को पाकिस्तान पहुंचेंगे विदेश मंत्री जयशंकर, जानें कितनी देर रुकेंगे

 Published : Oct 14, 2024 05:04 pm IST,  Updated : Oct 14, 2024 05:04 pm IST

शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को पाकिस्तान पहुंचेंगे। ऐसी सूचना है कि जयशंकर पाकिस्तान में 24 घंटे से भी कम समय रुकेंगे।

India Foreign Minister S Jaishankar- India TV Hindi
India Foreign Minister S Jaishankar Image Source : @DRSJAISHANKAR

लाहौर: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को पाकिस्तान पहुंचने वाले हैं। पिछले कई वर्षों से दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में जारी तनाव के बीच भारत की ओर से पाकिस्तान की यह पहली उच्च स्तरीय यात्रा होगी। अधिकारियों ने बताया कि इस्लामाबाद पहुंचने के तुरंत बाद विदेश मंत्री जयशंकर एससीओ सदस्य देशों के स्वागत के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मेजबानी में आयोजित स्वागत भोज में शामिल होंगे। दोनों पक्षों ने एससीओ शासनाध्यक्षों के शिखर सम्मेलन से इतर जयशंकर और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इशाक डार के बीच किसी भी द्विपक्षीय वार्ता से इनकार किया है। 

9 साल बाद भारतीय विदेश मंत्री का पाकिस्तान दौरा

करीब नौ साल बाद यह पहला मौका है जब भारत के विदेश मंत्री पाकिस्तान की यात्रा करेंगे, जबकि कश्मीर मुद्दे और पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद को लेकर दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में अब भी बर्फ जमी हुई है। ऐसी सूचना है कि जयशंकर पाकिस्तान में 24 घंटे से भी कम समय रुकेंगे। पाकिस्तान एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की बैठक की मेजबानी कर रहा है जो 15 और 16 अक्टूबर को होगी। पाकिस्तान की यात्रा करने वाली भारत की आखिरी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज थीं। उन्होंने अफगानिस्तान पर एक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दिसंबर 2015 में इस्लामाबाद की यात्रा की थी। पाकिस्तान ने एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता दिया था। 

अहम है जयशंकर की पाकिस्तान यात्रा

जयशंकर की पाकिस्तान यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसे भारत की ओर से एक अहम निर्णय के रूप में देखा जा रहा है। एक कार्यक्रम में अपने हालिया संबोधन में जयशंकर ने कहा था, ‘‘किसी भी पड़ोसी देश की तरह भारत निश्चित रूप से पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध चाहेगा। लेकिन यह सीमापार आतंकवाद को नजरअंदाज करके और ऐसी (सीमा पार आतंकवाद खत्म करने की) इच्छा करने से नहीं हो सकता।’’ इस सम्मेलन के लिए वरिष्ठ मंत्री को भेजने का फैसला एससीओ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

साफ है भारत का रुख

भारत यह कहता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी जैसा रिश्ता चाहता है जबकि उसने इस बात भी जोर दिया कि इस तरह की बातचीत के लिए आतंक और शत्रुता से मुक्त माहौल बनाने की जिम्मेदारी पड़ोसी देश पर है। पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने गोवा में एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मई 2023 में भारत की यात्रा की थी। करीब 12 साल बाद किसी पाकिस्तानी विदेश मंत्री की भारत की यह पहली यात्रा थी। (भाषा)

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