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ईरान ने सरेआम एक व्यक्ति को फांसी पर लटकाया, इजरायल के लिए जासूसी करने का था आरोप

ईरान ने इजरायल को खुफिया जानकारी साझा करने के आरोप में एक तथाकथित युवक को सरेआम फांसी दे दी है। 27 साल के युवक पर इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए ईरान की सैन्य और गुप्त जानकारी साझा करने का आरोप था।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Dec 20, 2025 01:26 pm IST, Updated : Dec 20, 2025 01:26 pm IST
अयातुल्ला अली खामेनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर।- India TV Hindi
Image Source : AP अयातुल्ला अली खामेनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर।

तेहरान: ईरान ने शनिवार को एक व्यक्ति को फांसी पर लटका दिया। अधिकारियों के अनुसार जिस व्यक्ति को फांसी पर लटकाया गया, उसे इजराइली खुफिया एजेंसी और सेना के लिए जासूसी करने का दोषी ठहराया गया था। इसके बाद उसे सरेआम फांसी पर लटका दिया गया। ईरान की सरकारी मीडिया ने यह रिपोर्ट दी है।

कौन था तथाकथित जासूस जिसे, ईरान ने फांसी पर लटकाया

ईरान की सरकारी टीवी के अनुसार जिस व्यक्ति को फांसी दी गई, उसकी पहचान अघील केशवरज़ के रूप में की गई है। ईरान के अनुसार उसका मोसाद के साथ “नजदीकी खुफिया सहयोग” था और उसने ईरानी सैन्य तथा सुरक्षा क्षेत्रों की तस्वीरें लीं थीं। इसके अलावा कई अन्य गुप्त और खुफिया जानकारियों को इजरायल के साथ शेयर किया था। बता दें कि केशवरज़ को मई में उत्तर-पश्चिमी शहर उर्मिया में एक सैन्य मुख्यालय की तस्वीरें लेते हुए गिरफ्तार किया गया था, जो राजधानी तेहरान से लगभग 600 किलोमीटर (371 मील) उत्तर-पश्चिम में स्थित है। 

इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए 200 से अधिक जासूसी करने का आरोप

फांसी पर लटकाये गए व्यक्ति पर ईरान की राजधानी तेहरान समेत विभिन्न शहरों में मोसाद के लिए 200 से अधिक इसी तरह की जासूसी करने का आरोप था। उस पर मुकदमा चलाया गया और मौत की सजा सुनाई गई, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा। केशवरज़ की उम्र अभी महज 27 साल थी, जो कथित तौर पर आर्किटेक्चर की पढ़ाई कर रहा था। ईरान ने जून में इजरायल द्वारा छेड़ी गई 12 दिनों की हवाई जंग के बाद से जासूसी के लिए 11 लोगों को फांसी दी है।

इजरायल से युद्ध में मारे गए थे 1100 ईरानी

इजरायल और ईरान के बीच हुई इस जंग में लगभग 1,100 लोग मारे गए थे। इनमें ईरान के कई सैन्य कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक शामिल थे। बदले में, ईरान के मिसाइल हमलों में इजरायल में 28 लोग मारे गए थे। इससे पहले ईरान ने अक्टूबर में क़ोम शहर में मोसाद के लिए जासूसी करने के दोषी एक अज्ञात व्यक्ति को फाँसी दी थी। ईरान जासूसी के आरोपियों के मुकदमे बंद कमरों में चलाता है, जिसमें आरोपी अक्सर अपने खिलाफ सबूतों तक पहुँच नहीं पाते।

 

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