Langya Virus China: क्या कोरोना की तरह तबाही मचाएगा लांग्या वायरस, चीन में सामने आए 35 मामले, जानें लक्षण और बचाव के उपाय

Langya Virus China: न्यू इंग्लैंड जरनल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में एक फाइलोजेनेटिक रूप से अलग हेनिपावायरस पाया गया है। यह एक जूनोटिक हर्निपावायरस है। हेनिपावायरस में हेंड्रा, निपाह सहित घाना के बैट वायरस शामिल हैं।

Shilpa Written By: Shilpa
Updated on: August 10, 2022 18:17 IST
Langya Virus in China- India TV Hindi News
Image Source : PEXELS Langya Virus in China

Highlights

  • चीन में तेजी से फैल रहा लांग्या वायरस
  • अब तक इस वायरस के 35 मामले मिले
  • लक्षणों में थकान, खांसी, जी मिचलाना शामिल

Langya Virus China: चीन में करीब तीन साल पहले कोरोना वायरस मिला था। जिसने दुनियाभर में खूब तबाही मचाई। अब इस देश में एक और वायरस मिला है, जिसके 35 मामले सामने आ चुके हैं। यह नई तरह का हेनिपावायरस है, जिसे लांग्या वायरस भी कहा जा रहा है। हेपिनावायरस को बायोसेफ्टी लेवल 4 पैथोगन के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। ये वायरस जानवरों और इंसानों में गंभीर बीमारी पैदा कर सकते हैं। इस वायरस की अभी तक कोई दवा या वैक्सीन नहीं बनी है। तो चलिए अब जान लेते हैं कि आखिर लांग्या वायरस क्या होता है। 

हाल में ही न्यू इंग्लैंड जरनल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में एक फाइलोजेनेटिक रूप से अलग हेनिपावायरस पाया गया है। यह एक जूनोटिक हर्निपावायरस है। हेनिपावायरस में हेंड्रा, निपाह सहित घाना के बैट वायरस शामिल हैं। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के मुताबिक हेंड्रा और निपाह इंसानों में जानलेवा बीमारी का कारण बन सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि लांग्या वायरस के कारण बुखार हो सकता है।

कैसे हुई लांग्या वायरस की खोज?

लांग्या वायरस चीन के पूर्वी हिस्से में बीमार मरीजों में मिला है। ये हाल में ही जानवरों के संपर्क में आए थे। वायरस का पता गले के स्वैब टेस्ट के जरिए की गई है। शेडोंग और हैनान राज्य में 35 मरीज इस वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। जो लोग वायरस से संक्रमित मिले हैं, उनमें थकान, खांसी और जी मिचलाने के लक्षण पाए गए हैं।

वायरस कहां से आया है?

ऐसा माना जा रहा है कि यह वायरस किसी जानवर के जरिए इंसानों तक पहुंचा है। लांग्या वायरस का आरएनए छछूंदरों में पाया जाता है। जो इसके प्राकृतिक होस्ट हैं। इसके अलावा इंसानों से इंसानों में इसके फैलने की बात करें तो स्टडी के मुताबिक इसकी संभावना बहुत कम है। वहीं इस परिवार का निपाह वायरस बेहद खतरनाक है। यह सांस के ड्रॉपलेट से भी फैल सकता है।

कोरोना वायरस भी फिर फैल रहा

चीन में कोरोना वायरस भी तेजी से फैल रहा है। इसपर पहले नियंत्रण पा लिया गया था। यहां से खबर आई है कि हैनान प्रांत की राजधानी ने स्कूल की छुट्टियों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने पर सोमवार को निवासियों पर 13 घंटों के लिए घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी। हैकोउ शहर में सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक अस्थायी लॉकडाउन लगाया गया है। तटीय शहर सानया में शनिवार से ही अनिश्चितकालीन लॉकडाउन लगा हुआ है, जिससे चीनी नागरिक और पर्यटक अपने-अपने होटलों में एक तरह से कैद हो गए हैं। रविवार को हैनान के चार अन्य शहरों में भी लॉकडाउन लगाया गया।

सानया में 80,000 पर्यटक फंसे

राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने सोमवार को बताया था कि रविवार को प्रांत में 470 से अधिक नए मामले आए, जिनमें से 245 मरीजों में संक्रमण के लक्षण नहीं देखे गए। चीन में एक दिन में कुल मिलाकर 760 से अधिक नए मामले आए हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि सानया में करीब 80,000 पर्यटक फंस गए हैं। सानया से जाने के इच्छुक पर्यटकों को सात दिनों तक पांच पीसीआर जांच में कोरोना वायरस से संक्रमित न पाए जाने की रिपोर्ट दिखानी होगी। चीन बड़े पैमाने पर आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाव के बावजूद कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कड़ी पाबंदियां लगा रहा है।

चीन के अर्द्धस्वायत्त शहर हांगकांग ने सोमवार को घोषणा की कि वह विदेश से आने वाले लोगों के लिए अनिवार्य रूप से होटल में पृथक रहने की अवधि घटाकर तीन दिन करेगा, जबकि अभी उन्हें एक सप्ताह तक पृथक रहना होता है। नई नीति शुकव्रार से लागू हो गई है।

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