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मोदी और पुतिन ने मॉस्को व पहलगाम हमले के खिलाफ दिया दुनिया को पैगाम, नहीं चलेगा आतंकवाद पर दोहरा मापदंड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने पूरी दुनिया को आतंकवाद पर सख्त संदेश दिया है। भारत और रूस ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ किसी भी देश के गुप्त एजेंडे और दोहरे रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Dec 05, 2025 11:51 pm IST, Updated : Dec 05, 2025 11:51 pm IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बीच रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमिर पुतिन।- India TV Hindi
Image Source : PTI प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बीच रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमिर पुतिन।

नई दिल्लीः भारत और रूस ने मॉस्को और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पूरी दुनिया को बड़ा संदेश दिया है। भारत और रूस ने संयुक्त बयान में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ दोहरा मापदंड कतई स्वीकार नहीं होगा। पीएम मोदी और पुतिन ने नई दिल्ली में शुक्रवार को आतंकवाद के खिलाफ ‘‘बिना किसी छिपे एजेंडे और दोहरे मापदंड के’’ वैश्विक लड़ाई का संयुक्त आह्वान किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ वैश्विक एकजुटता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

हैदराबाद हाउस में आतंकवाद पर हुई विस्तृत चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 23वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर वार्ता के दौरान हैदराबाद हाउस में आतंकवाद पर गहन चर्चा हुई। बाद में दोनों नेताओं ने संयुक्त वक्तव्य में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम तथा मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल में हुए आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के प्रति ‘‘कतई बर्दाश्त नहीं’’ की जाने वाली नीति के प्रति प्रतिबद्धता जाहिर की। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों- चाहे सीमा-पार घुसपैठ हो, आतंकवाद का वित्तपोषण हो या कोई अन्य रूपों  को रोकने और उसका मुकाबला करने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत और रूस लंबे समय से आतंक से लड़ रहे जंग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और रूस लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ते आए हैं। चाहे पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर कायरतापूर्ण हमला, इन सबकी जड़ एक ही है। भारत का दृढ़ मत है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ वैश्विक एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।” संयुक्त वक्तव्य में दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी कृत्यों की स्पष्ट निंदा की और अलकायदा, आईएसआईएस/दाएश तथा उनके सहयोगी संगठनों सहित सभी संयुक्त राष्ट्र-सूचीबद्ध आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान किया। 

भारत और रूस ने लिया ये प्रण

भारत और रूस ने आतंकवाद के खिलाफ आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को नष्ट करने, आतंकवादी विचारधारा के प्रसार का मुकाबला करने, आतंकवादी वित्तपोषण के स्रोतों एवं अंतरराष्ट्रीय अपराध से उनके गठजोड़ को खत्म करने,

आतंकवादियों की सीमा-पार आवाजाही रोकने जैसी कार्रवाईयों का आह्वान किया और इससे निपटने का प्रण भी लिया। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और उग्रवाद के सभी रूपों के खिलाफ ‘‘बिना किसी समझौते की लड़ाई’’ का आह्वान किया तथा अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आधार पर, बिना किसी छिपे एजेंडे और दोहरे मापदंड के इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के महत्व पर बल दिया।

आतंकवाद के खिलाफ व्यापक अंतरराष्ट्रीय संधि की मांग


दोनों देशों के संयुक्त वक्तव्य में संयुक्त राष्ट्र वैश्विक आतंकवाद-रोधी रणनीति के संतुलित कार्यान्वयन, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद एवं महासभा के संबंधित प्रस्तावों के सख्त पालन तथा आतंकवाद पर व्यापक अंतरराष्ट्रीय संधि को शीघ्र अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने आतंकवाद से निपटने में देशों और उनकी सक्षम संस्थाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया। भारत और रूस ने अक्टूबर 2022 में नई दिल्ली में हुई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद-निरोधी समिति की विशेष बैठक को याद किया और आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई-उभरती प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग को रोकने पर सर्वसम्मति से अपनाई गई दिल्ली घोषणा का उल्लेख किया। दोनों देशों ने ऑनलाइन क्षेत्र में कट्टरपंथ और चरमपंथी विचारधारा के प्रसार को रोकने के लिए और गहरा सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

अफगानिस्तान पर मोदी और पुतिन का क्या है रुख

अफगानिस्तान के मुद्दे पर भी दोनों देशों ने घनिष्ठ समन्वय को रेखांकित किया। मोदी और पुतिन ने मॉस्को प्रारूप बैठकों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की तथा आईएसआईएस, इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) और उनके सहयोगियों के खिलाफ आतंकवाद-विरोधी उपायों का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और व्यापक एवं प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई तथा अफगान जनता को तत्काल और निर्बाध मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। (एपी)

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