पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पूरे भारत में मांग उठ रही है कि सरकार आतंकवाद और इसके आका पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा एक्शन ले। पीएम मोदी ने भी साफ कह दिया है कि जिन्होंने ये हमला किया है, उन आतंकियों और साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। पीएम मोदी के ऐसे बयान के बाद पाकिस्तान की सरकार को जंग का खौफ सताने लगा है। ऐसे में पाकिस्तान ने अपनी सेना को हाई अलर्ट रहने को कहा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच जानकारी सामने आई है कि पाकिस्तान की आर्मी ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर अपनी तरफ जवानों की संख्या और तादाद बढ़ा दी है। पाकिस्तान ने अपने डिफेंस मजबूत किए हैं। पाकिस्तान को पूरा डर सता रहा है कि भारत कभी भी उस पर बड़ी कार्रवाई कर सकता है। ऐसे में वह बचाव की तैयारी में लगा हुआ है। पाकिस्तान ने अपने जवानों को बंकर के अंदर रह कर ही निगरानी करने का आदेश दिया है।
पाकिस्तान को LoC के साथ साथ इंटरनेशनल बॉर्डर पर भी डर सता रहा है। पाकिस्तानी आर्मी की 10 core जिसका हेडक्वार्टर रावलपिंडी में है, उसको भी पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने अलर्ट रहने के लिए कहा है। इसके अलावा इंटरनेशनल बॉर्डर के ठीक सामने सेना की सियालकोट की डिवीजन को भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। इसका हेडक्वाटर गुजरांवाला में है।
पाकिस्तान ने राजस्थान के सामने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपने जवानों की तैनाती बढ़ा दी है। यह क्षेत्र बहावलपुर का है, जहां जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय स्थित है। पाकिस्तानी सेना के 31वीं कोर के लेफ्टिनेंट जनरल साकिब महमूद मलिक को सीधे निर्देश दिए गए हैं। जैश के मदरसे की सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने यहां वायु रक्षा और रडार को सक्रिय रखने की सलाह दी है। पाकिस्तानी सेना की 26वीं मशीनीकृत डिवीजन और 35वीं इन्फैंट्री डिवीजन ने सीमा के पास अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। भारत के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, वे पाकिस्तान की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।
भारत की कड़ी कार्रवाई और सिंधु नदी जल समझौते को निलंबित करने के बाद गुरुवार को पाकिस्तान की सरकार ने बड़ी बैठक की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पानी 24 करोड़ लोगों की लाइफलाइन है। इसे युद्ध जैसा माना जाएगा। पानी रोकना भारत का एकतरफा फैसला है। पाकिस्तान इसको खारिज करता है।
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