ब्रुसेल्सः नाटो के महासचिव मार्क रूट ने रूस को बहुत बड़ी धमकी दे डाली है। रूट ने कहा, "पुतिन को यह पता होना चाहिए कि शांति समझौते के बाद अगर उन्होंने यूक्रेन पर दोबारा हमला करने की कोशिश की तो इसका परिणाम विनाशकारी होगा। और यही कारण है कि हम इन सुरक्षा गारंटी को सुनिश्चित करना चाहते हैं। नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने पोलैंड में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर बोलते वक्त यह बयान दिया है। उन्होंने कहा, "पुतिन को यह जानना चाहिए कि शांति समझौते के बाद अगर वे फिर से यूक्रेन पर हमला करने की कोशिश करेंगे, तो प्रतिक्रिया विनाशकारी होगी।
मार्क रूट का बयान बढ़ा सकता है तनाव
मार्क रूट ने कहा कि यही तरीका है, जिससे हम इन सुरक्षा गारंटी को डिजाइन कर रहे हैं।"यह बयान रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की चल रही शांति वार्ताओं के संदर्भ में आया है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर यूरोपीय देश, अमेरिका और यूक्रेन मजबूत सुरक्षा व्यवस्था पर सहमत हो रहे हैं। रूट ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन की नाटो सदस्यता पर सभी 32 सदस्य देशों में सहमति नहीं है। हंगरी, अमेरिका, स्लोवाकिया जैसे देश विरोध में हैं। इसलिए वैकल्पिक मजबूत सुरक्षा गारंटी पर फोकस है।
नाटो ने बताया यूक्रेन के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा ढांचा
नाटो ने यूक्रेन की सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय ढांचा पेश किया। पहली परत: यूक्रेन की अपनी सशस्त्र सेनाएं मजबूत बनेंगी, जो पहली रक्षा लाइन होंगी। दूसरी परत: ब्रिटेन और फ्रांस के नेतृत्व में "इच्छुक गठबंधन" (यूरोपीय देश और कनाडा) शांति बनाए रखने में मदद करेगा। तीसरी परत: अमेरिका की भागीदारी, क्योंकि ट्रंप ने सुरक्षा गारंटी में शामिल होने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था ऐसी होगी कि रूस दोबारा हमले की हिम्मत न कर सके। रूट ने मिंस्क समझौते का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछली गारंटी कमजोर थीं, इसलिए अब "विनाशकारी प्रतिक्रिया" की गारंटी जरूरी है।
ट्रंप को सराहा
दिसंबर 2025 में बर्लिन में यूरोपीय नेताओं (ब्रिटेन के कीर स्टार्मर, फ्रांस के मैक्रों, जर्मनी के मर्स आदि) की बैठक में यूक्रेन के लिए नाटो-जैसी गारंटी पर "महत्वपूर्ण प्रगति" हुई। ट्रंप की टीम यूक्रेन से क्षेत्रीय रियायतें मांग रही है, लेकिन सुरक्षा गारंटी में अमेरिकी भूमिका पर सहमति बनी। नाटो का PURL कार्यक्रम (अमेरिकी हथियार यूक्रेन को देने के लिए) 2025 में 4 बिलियन डॉलर पहुंच चुका है। रूट ने ट्रंप की प्रशंसा की कि वे ही पुतिन से गतिरोध तोड़ सकते हैं और नाटो अब पहले से मजबूत है।
पुतिन ने नाटो की अटकलों को बताया है हिस्टीरिया
वहीं पुतिन ने एक दिन पहले ही नाटो की चेतावनियों को "हिस्टीरिया" करार दिया है। पुतिन का कहना था कि नाटो फर्जी अफवाहों को हवा दे रहा है, जिसका कोई आधार नहीं है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपी की यूक्रेन के लिए ये गारंटी उसको मजबूत स्थिति में रखेगी, लेकिन अगर रूस समझौता ठुकराता है तो युद्ध लंबा खिंच सकता है। यह बयान यूक्रेन युद्ध के अंत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यूरो-अटलांटिक सुरक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित है। आगे की वार्ताओं पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
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