ye-public-hai-sab-jaanti-hai
  1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. विदेश
  4. अमेरिका
  5. पोम्पियो ने कहा- श्रीलंका विस्फोटों के लिए ‘इस्लामी कट्टरपंथी आतंकवाद’ जिम्मेदार, छोड़ेंगे नहीं

पोम्पियो ने कहा- श्रीलंका विस्फोटों के लिए ‘इस्लामी कट्टरपंथी आतंकवाद’ जिम्मेदार, छोड़ेंगे नहीं

अमेरिका ने श्रीलंका में हुए घातक बम विस्फोटों के लिए ‘इस्लामी कट्टरपंथी आतंकवाद’ जिम्मेदार ठहराया है।

IndiaTV Hindi Desk Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Updated on: April 23, 2019 7:35 IST
United States: Mike Pompeo vows fight on 'Islamic radical terrorism' after Sri Lanka attacks | AP Fi- India TV Hindi
United States: Mike Pompeo vows fight on 'Islamic radical terrorism' after Sri Lanka attacks | AP File

वॉशिंगटन: अमेरिका ने श्रीलंका में हुए घातक बम विस्फोटों के लिए ‘इस्लामी कट्टरपंथी आतंकवाद’ जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने सोमवार को श्रीलंका में हुए जघन्य आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए संकल्प लिया कि उनका देश ‘कट्टरपंथी इस्लामी आतंक’ और इससे पैदा हो रहे ‘दुष्ट इंसानों’ से लड़ना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि जो दिन ईस्टर जैसे खुशी के त्योहार का था वह इस्लामी कट्टरपंथी आतंक के चलते मातम में बदल गया। श्रीलंका में ईस्टर रविवार को हुए बम विस्फोटों में 290 लोगों की जान चली गई।

पोम्पियो ने कहा कि अमेरिका ‘कट्टरपंथी इस्लामी आतंक’ से लड़ना जारी रखेगा। श्रीलंका में हुए हमलों के बाद खतरा से बना हुआ है। श्रीलंका की सरकार ने इन हमलों के लिए एक स्थानीय इस्लामी आतंकी संगठन तौहीद जमात को जिम्मेदार ठहराया है। सरकार का मानना है कि इन हमलावरों को अंतरराष्ट्रीय आतंकियों से भी मदद मिली थी। पोम्पियो ने विस्फोटों पर बात करते हुए सोमवार को कहा, ‘दुख की बात यह है कि यह बुराई विश्व में अब भी मौजूद है। यह अमेरिका की भी लड़ाई है।’

इससे पहले उन्होंने एक बयान जारी करके कहा था कि हमें श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार बम हमलों के बारे में विस्तृत जानकारी मिल रही है और यह स्पष्ट हो गया है कि इन हमलों में हमारे कई नागरिक मारे गए हैं। उन्होंने कहा था कि अमेरिका इन आतंकी हमलों की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करता है। आपको बता दें कि इन हमलों में 30 से ज्यादा विदेशी नागरिकों की मौत हुई है जिनमें 8 भारतीय और कम से कम 2 अमेरिकी नागरिक शामिल हैं।

elections-2022